खुड़ेल में जमीन छू रहे हैं 1100 और 3300 केवी के तार, हादसे से मुश्किल में मासूम
इंदौर. विनोद शर्मा ।शनिवार की शाम काम से लौटकर फैजल पिता आदिल आंगन में बैठे अब्बू-अम्मी और भाई-बहनों को चिढ़ाता हुआ 50 कदम ही चला था कि उसे अपने ही खेत से निकली 3300 किलोवॉट की हाईटेंशन लाइन ने खींच लिया। हाई वॉल्टेज झटके पहले फैजल के शरीर को निचौड़ते रहे, फिर अचानक कपड़ों ने भी आग पकड़ ली। अचानक विस्फोट के साथ सप्लाई बंद हुई। फैजल जमीन पर आ गिरा। जब तक लोग पहुंचे तक फैजल 80 फीसदी से ज्यादा झूलस चुका था। बेटे फैजल पर गिरी ‘बिजली’ ने कुछ पल पहले तक उसे टाटा करते रहे माता-पिता के पैरों तले से जमीन खींच ली।
घटना नेमावर रोड स्थित खुड़ेल गांव में हुई। खुड़ेल तिराहे से थाने के बीच आदिल पठान और उनके भाइयों के मकान है। जमीन भी घर के सामने ही है। एक तरफ 1100 किलोवॉट की लाइन गुजर रही है। दूसरी तरफ से 3300 किलोवॉट की। दोनों के झुलते तार करीब-करीब जमीन छू रहे हैं। शनिवार को इन तारों के नीचे से निकलने के चक्कर में फैजल हादसे का शिकार हो गया। रविवार की शाम तक तारों के नीचे पड़े फैजल के जूते, जले कपड़े यहां तक कि चड्ढी-बनियान की दशा और माथा ठोक-ठोक कर विलाप करते पिता को देखकर जिसने भी हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया, सिहर उठा। गंभीर अवस्था में फैजल को एमवाय हॉस्पिटल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया। रविवार शाम तक डॉक्टर उसकी स्थिति नाजूक बताते रहे। बताया गया कि फैजल का शरीर 85 प्रतिशत तक जल चुका है। कमर के पास का हिस्सा और एक हाथ-पैर पूरी तरह नाकाम हो चुके हैं।
जिन्हें सुनना था, वे पॉवर हाउस छोड़कर ही भाग गए...
खुड़ेल पॉवर हाउस पर काम करने वाले जिन कर्मचारियों से अब तक तारों को ऊंचा करने की गुहार की जाती रही है वे शनिवार को हादसे के बाद तत्काल प्रभाव से दफ्तर पर ताला लगाकर भाग गए। रविवार की सुबह एक खम्बा उठाकर घटनास्थल पर पटका और यह कहते हुए फिर गायब हो गए कि तार ऊंचा करने आए हैं। पूरे मामले की लिखित शिकायत पाठन परिवार ने खुड़ेल थाने में की लेकिन रविवार शाम तक किसी के खिलाफ भी कार्रवाई तो दूर, पूछताछ तक नहीं हुई।
‘हाई’ टेंशन में पूरा क्षेत्र...
खुड़ेल तिराहे के पास पॉवर ग्रिड है। इस ग्रिड से 3300 केवी और 1100 केवी के तार खुड़ेल की ओर निकलते हैं। दोनों तरह के तार हवा के झौकों के साथ करीब-करीब जमीन छूते हैं। अर्से से इन तारों को ऊंचा करने की मांग की जाती रही है लेकिन बिजली कंपनी ने तनाव नहीं लिया। उलटा, इंदौर से खुड़ेल में डेरा डालकर बैठे पटाखा व्यापारियों के दबाव में बिजली कंपनी ने नेमावर रोड की ओर तो तार ऊंचे कर दिए लेकिन बीच का हिस्सा झूलता ही छोड़ दिया। फैजल के साथ हुए हादसे के बाद पूरा गांव दहशत में हैं। बच्चे बिजली के खम्बों और तारों की छांव तक नहीं दाब रहे हैं।
एक परिवार, तीसरा हादसा...
पठान परिवारा को तारों के रूप में झुलती टेंशन का सामना पहली बार नहीं करना पड़ा है। दो साल पहले आदिल के बड़े भाई शब्बीर की बेटी 1100 केवी तार की चपेट में आ गई थी। पांच साल पहले 1100 केवी के ही झुलते तारों ने पठान परिवार के बेलों की जोड़ी की जान ली।
बहन की मंगनी-शादी टालना पड़ी...
मई के पहले सप्ताह में शब्बीर पठान की बेटी का निकाह है। रविवार को मंगनी होना थी। शनिवार को हुए हादसे और डॉक्टरों द्वारा तीन दिन बाद ही कुछ कह पाने की मजबूरी बताए जाने के बाद पठान परिवार ने मंगनी से लेकर शादी तक का कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया।
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