Monday, June 29, 2015

2012 : 365 दिन, संभावनाएं 3.5 लाख

- मालवा-निमाड़ में मिलेंगी 50 हजार नौकरियां
- रखी जाएंगी अंचल के कायापलट की बुनियाद
- टीसीएस-इन्फोसिस का भी शिलान्यास होगा
इंदौर. विनोद शर्मा।
2010 निवेश के नाम रहा तो 2011 मैदानी मशक्कत के। वहीं निवेश और मैदानी मशक्कत के बाद 2012 को 'संभावनाओंÓ के साल के रूप में देखा जा रहा है। संभावनाएं मप्र के औद्योगिक विकास की। संभावनाएं रोजगार की। आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो मालवा-निमाड़ में 50 हजार करोड़ का निवेश करने वाली दो दर्जन से अधिक कंपनियां 2012 में उत्पादन शुरू कर देंगी। यहां तकरीबन 50 हजार लोगों को रोजगार मिलना तय है। वह भी उस स्थिति में जब मप्र सरकार 35 हजार करोड़ की लागत से उस दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के बुनियादी विकास का श्रीगणेश कर चुकी हैं जिनसे 2017 तक सवा लाख युवाओं को रोजगार तो मिलेगा ही अंचल की सूरत भी बदल जाएगी। उद्योग विभाग के अधिकारियों की मानें तो 2012 में उत्पादन शुरू करके चार पॉवर प्लांट दो लाख से अधिक नौकरियां देंगे। कुल मिलाकर अगले 365 दिन में 3.50 लाख युवाओं की बेरोजगारी दूर होगी।
पीथमपुर-देवास में वॉल्वो-आयशर की ज्वाइंट वेंचर कंपनी वीई कमर्शियल व्हीकल 2004 करोड़ का निवेश कर रही है। कंपनी की पीथमपुर इकाई का काम पूरा होने को है। वहीं सोनकछ से लगे मेतवाड़ा में एसईएल ने 1900 करोड़ की लागत से एशिया की सबसे बड़ी स्पिंडल्स यूनिट बना रही है। 527 करोड़ के निवेश के साथ कंपनी एक चरण में उत्पादन करके डेढ़ हजार लोगों को रोजगार दे भी चुकी है। जॉन डियर 380 करोड़ का निवेश करके नवंबर 2012 तक ट्रेक्टर का उत्पादन शुरू कर देगी। उधर, 320 वर्गकिलोमीटर में मप्र सरकार ने डीएमआईसी ने काम शुरू कर दिया। परियोजना पर 35 हजार करोड़ खर्च होंगे। इनमें 2500 करोड़ भारत सरकार दे रही है। उद्योग विभाग के अधिकारियों की मानें तो जैसे-जैसे जमीनें आवंटित हो रही है वैसे-वैसे कॉरिडोर में कंपनियों ने बुनियादी सहूलियतें जुटाना शुरू कर दिया है। प्रोजेक्ट 2017 तक पूरा करना है। यह प्रोजेक्ट मालवा-निमाड़ अंचल की सूरत बदल देगा।
निवेश कम, नौकरियां ज्यादा
रोजगार देने वाली वृह्द इकाइयों के साथ छोटी इकाइयां भी शामिल हैं।  इनमें धार में 28 करोड़ का निवेश करने वाली एलाइस्ट और 53 करोड़ का निवेश करने वाली विडले ऐसी इकाइयां है जो 350-350 लोगों को रोजगार देंगी। यह कम निवेश में ज्यादा रोजगार देने वाली इकाइयां हैं। मेघनगर में 100 करोड़ का निवेश करके 1000 लोगों के लिए नौकरियां लेकर बैठी शिवा फर्टिलाइजर भी इन्हीं कंपनियों में से एक है।
नौकरियां ही नौकरियां
भारत ओमान रिफायनरी लि. (बीओआरएल), रिलायंस पॉवर लि., बीना पॉवर सप्लाय कम्पनी, हिडाल्को, एसीसी लि., जयप्रकाश पॉवर वेंचर्स लि., सांघी इण्डस्ट्रीज एमपी लि., श्याम ग्रुप ऑफ इण्डस्ट्रीज, रश्मि मेटालिक्स और केजेएस सीमेंट प्रा.लि जैसी कंपनियां 1.02 लाख करोड़ का निवेश करके बैठी हैं। बीओआरएल की बीना रिफायनरी में उत्पादन शुरू हो चुका है। 8000 करोड़ की यह इकाई कुल 8000 लोगों को रोजगार देगी। खजुराहो समिट में घरेलू और विदेशी निवेशकों ने 2.44 करोड़ के 110 एमओयू साइन किए थे जिनसे 1.46 लाख लोगों को सीधे नौकरी मिलेगी। 5592 करोड़ की 10 कंपनियों ने काम काम शुरू कर दिया है जो 10450 रोजगार देगी। 1.28 करोड़ के 47 प्रस्तावों पर काम तेज है। इससे 39,045 रोजगार उपलब्ध होंगे। बाकी योजनाओं से 97,222 नौकरियां पैदा होगी।
रोशनी से दूर होगा बेरोजगारी का अंधेरा
रिलायंस, बीना, जेपी और एसआर सिधी-सतना-सिंगरोली में पॉवर प्रोजेक्ट में निवेश करने के बाद पॉवर प्लांट बना चुकी हैं। 2012 में उत्पादन शुरू हो जाएगा। इनसे 2 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेंगे।
सफर संभावनाओं का............
कंपनी शहर निवेश (करोड़) नौकरियां
यूनिटेक इन्फ्रा खंडवा 7000 7000
गेल इंडिया झाबुआ 4900 4000
अल्ट्राटेक सीमेंट धार 1600 2000
वीई व्हीकल्स धार/देवास 2004 2000
एसईएल मेतवाड़ा 1910 2500
आईएलएंडएफएस राजगढ़ 2000 3000
कोहिनुर लाइम्स झाबुआ 2100 2000
अनिक फेरो झाबुआ 0657 1000
मित्तल कॉर्पो पीथमपुर 0128 0500
अंबुजा सीमेंट मंदसौर 0300 0500
मान सीमेंट धार 0200 0400
अभिषेक इंडस्ट्री सीहोर 0963 1000
बामन लॉरी इंदौर 0150 0500
इनफिनिटी नॉलेज सीहोर 0500 1000
कॉर्पोरेट इस्पात झाबुआ   0300 0300
विश विंड इन्फ्रा झाबुआ 0300 0200
ग्लोबल विंड झाबुआ 0300 0200
सुजलान एनर्जी झाबुआ 0300 0200
अबीर इन्फ्रा झाबुआ   0300 0200
एनकेजी इन्फ्रा राजगढ़ 3100 3000
बड़वे इंजीनियरिंग धार 0053 0300
शिवा फर्टीलाइजर मेघनगर 0100 1000
श्याम मेटेलिक्स मेघनगर 0800 2000
एलाइस्ट हैथ्ल धार 0028 0300

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