Sunday, June 28, 2015

काली कमाई के जगदीश हैं राठी LOKAYUKT SPECIAL

आय से कहीं गुना ज्यादा कमाया पैसा
- साल दर साल खरीदी संपत्ति
- ज्यादातर संपत्तियां पत्नी के नाम..
इंदौर. विनोद शर्मा ।
मंगलवार को दूसरी बार लोकायुक्त के हत्थे चढ़े सागर के जिला आबकारी अधिकार जगदीश राठी ने 28 साल की नौकरी में जितनी तनख्वाह ली उससे कहीं गुना ज्यादा ‘कमाई’ की। इसका बड़ा उदाहरण उनके द्वारा 2002 से 2004 के बीच खरीदी गई एक के बाद एक संपत्तियां हैं जिनकी मौजूदा कीमत पांच करोड़ से ज्यादा है। यह बात अलग है कि राठी की एनुअल प्रॉपटी रिपोर्ट (एपीआर) में इनकी कीमत उनकी मर्जी के मुताबिक आंकी गई जो बाजार दाम से मेल नहीं खाती।
शराब और भांग के विधिवत ठेकों में दलाली और अवैध शराब की अनदेखी से आबकारी विभाग के अधिकारी जबरदस्त कमा रहे हैं। इस बात की चर्चा तो आमतौर पर होती रहती है लेकिन चर्चा को सही साबित किया राठी ने। राठी सागर में नियुक्त हैं। इससे पहले वे अग्रवाल डिस्टलरी प्रा.लि., बड़वाह जिला खंडवा में बतौर जिला आबकारी अधिकारी नियुक्त थे। उन्होंने 1 जनवरी 2009 को अपनी एपीआर भरकर विभाग को भेजी थी। उस एपीआर के मुताबिक राठी ने छोटा सराफा की पैतृक संपत्तियों के अलावा 1992 से 2002 के बीच जमकर संपत्ति खरीदी। ज्यादातर संपत्ति पत्नी रीता राठी के नाम है।
एक के बाद एक...इतना पैसा कहां से आया...
छोटा सराफा की संपत्ति को राठी की पैतृक संपत्ति मान भी लिया जाए तो उन्होंने 1992 में आरटीओ रोड स्थित पॉश कॉलोनी मॉडल टाउन में 5800 वर्गफीट प्लॉट खरीदा। दस्तावेजों में कीमत 1.90 लाख बताई। रजिस्ट्री 1993 में हुई। यहां आज तक मकान नही बना। राठी ने सितंबर 2002 में पत्नी के नाम से राऊ में 1.03 एकड़ जमीन खरीदी। कीमत बताई 6,22,470 रुपए। रजिस्ट्री पर खर्च हुए 70,226 रुपए। प्लॉट पड़ा 6,92, 696 रुपए का। वह भी बिना लोन के। इसके नौ महीने बाद (24 जून 2003) को राठी ने पत्नी के नाम से ही सफायर ऐवेन्यू में आवासीय फ्लैट खरीदा। रजिस्ट्री सहित खर्च आया 9.11 लाख रुपए। भुगतान चेक से हुआ। दोनों खरीदी की मंजूरी मिली 16 सितंबर 2003 को। फ्लैट खरीदने के आठ महीने बाद ही राठी ने पत्नी के नाम पर ही इंदौर की सबसे महंगी रोड एमजी रोड पर स्थित इंद्रप्रस्थ टॉवर की तीन दुकानें (331 ‘ए’, 332 और 333) खरीदी। दस्तावेजों में तीनों का कुल क्षेत्रफल 1155 वर्गफीट बताकर कीमत चुकाई 10,61,650 रुपए। दस्तावेजों की इसकी विभागीय मंजूरी की दिनांक 25 मई 2004 है जबकि इसी दिन खरीदी बताई गई।
कीमत बताई या मजाक किया...
- 2004 में खरीदी इंद्रप्रस्थ में खरीदी गई तीन दुकानों की कीमत नौ लाख रुपए बताई गई जबकि उस वक्त वहां एक ही दुकान की कीमत पांच लाख से ज्यादा थी। मौजूदा कीमत 26 लाख रुपए बताई जा रही है जबकि है 1.55 करोड़ रुपए से ज्यादा।
- सफायर ऐवेन्यू के फ्लैट की कीमत 8.30 लाख रुपए बताई जबकि 2003 में यहां फ्लैट की कीमत 18 लाख के नीेचे नहीं थी। मौजूदा कीमत 70 लाख बताई गई जबकि है 96 लाख रुपए।
- 2002 में राऊ में खरीदी जमीन की 6.22 लाख बताई जबकि उस वक्त चूंकि बायपास बन चुका था और टाउनशिप आने लगी थी इसीलिए क्षेत्र में जमीन के बाद 25 लाख रुपए एकड़ के नीचे नहीं थे। मौजूदा कीमत 18 लाख रुपए बता रहे हैं जबकि है (670 रुपए वर्गफीट की न्यूनतम दर के हिसाब से भी) तीन करोड़ रुपए।
संपत्ति से कमाई 1.50 लाख रुपए साल
राठी ने दस्तावेजों में बताया कि उसे सराफा के पैतृक मकान से 16,512 रुपए, पैतृक दुकानों से 25,740 रुपए, इंद्रप्रस्थ स्थित आॅफिस से 1,01,800 और छोटा सराफा की एक अन्य दुकान से 9,660 रुपए सालाना की आय होती है। कुल 1.50 लाख जो वास्तविकता से कई गुना कम बताई गई।
यह रहा राठी का पे-स्केल...
28 साल पहले भर्ती : 1200-1400 रुपए/माह
1995-96 में :  22000-25000 रुपए/माह
2003 से 2004 :  30,000-32,000 रुपए/माह
2009 से 2010 :  40,000 से 45,000 रुपए/माह
(1985 में भर्ती बतौर गेजेटेड आॅफिसर हुई। इसीलिए वेतनमान था 1200-1400 रुपए। साल दर साल 100 से 200 रुपए/माह का इंक्रीमेंट लगा। 1986,1996 और 2000 में आई अलग-अलग आयोग की रिपोर्ट के बाद आय बढ़कर 40 हजार के पार पहुंची। इस हिसाब से राठी का औसत वेतन हुआ 25000 रुपए/माह। इसके हिसाब से राठी ने 333 महीनों में 83,25,00 रुपए बतौर वेतन लिए। इस बीच वे अर्से तक निलंबित भी रहे।)
घोषित संपत्ति
15/4 छोटा सराफा (मकान) : प्रहलाददास राठी से 1 जुलाई 1976 को विरासत में मिली। सालाना 16,512 रुपए किराया मिलता है।
21 मॉडल टाउन : 100 वर्गफीट अतिरिक्त भूमि के साथ 5775 वर्गफीट का प्लॉट है जो 20 अक्टूबर 1992 को इंदरजीत कौर छाबड़ा से खरीदा था। पांच हजार नकद दिए थे। 1.85 लाख का 16 अक्टूबर 1992 को डीडी दी। रजिस्ट्री खर्च हुआ 27,500 रुपए।
15/3 और 15/4 छोटा सराफा (दुकान) : रीता राठी के नाम है लीज पर है। इससे 25,740 रुपए वार्षिक आय होती है।
खसरा नं. 520/2/1 और 520/2/2 राऊ : 44,750 वर्गफीट (1.03 एकड़) कृषि भूमि है जो रीता राठी के नाम है। 4 सितंबर 2002 में नरेंद्र और मोतीराम पिता राधाकृष्ण खाती से खरीदी। कीमत बताई 6,22,470 रुपए।
201 सफायर ऐवेन्यू (फ्लैट) : 24 जून 2003 को नागराज पिता नाथमल राठौर और शोभा राठौर से खरीदा। कीमत थी 8.30 लाख रुपए। रीता राठी के नाम है फ्लैट। मौजूदा कीमत 23 लाख रुपए आंकी गई।
331, 332, 333 ‘ए’ (दुकान/आॅफिस) : रीता राठी के नाम 25 मई 2004 को एग्री मिनिरल प्रा.लि. (चेतक चेम्बर) से खरीदा। 9.66 लाख में। भुगतान चेक से हुआ। 95,650 रुपए रजिस्ट्री पर खर्च हुए। दस्तावेजों में 1155 वर्गफीट का क्षेत्रफल बताया गया है।
15/1 छोटा सराफा (दुकान) : जगदीश राठी फेमिली ट्रस्ट के नाम पर है। 31 जनवरी 1987 को मां गंगाबाई की वसीयत में मिली। सालाना आय होती है 9,660 रुपए।
इन संपत्ति का जिक्र नहीं है...
द्रविड नगर प्लॉट 50 लाख
गुमाश्ता नगर में एक मकान 70 लाख
लसूडिया मोरी में 11000 फीट कृषि भूमि 1.21 करोड़
महालक्ष्मीनगर में प्लॉट 25 लाख

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