Monday, June 29, 2015

कृषि भूमि बचाएगा वर्टिकल विकास

2021 के मास्टर प्लान लागू होने के बाद पांच साल में ही 20 हजार हेक्टेयर पर फैली कॉलोनियां, 80 लाख क्विंटल अनाज के उत्पादन में कमी
 इंदौर. चीफ रिपोर्टर । 
बरसों पुराने और विकास की कई श्रेणियों में पीछे हो चुके भूमि विकास अधिनियम में हुए बदलाव पर मंगलवार को मिलीजूली प्रतिक्रिया रही। कुछ ने वर्टिकल विकास की अवधारणों को कृषि भूमि के दुरुपयोग को रोकने के लिए सकारात्मक पहल बताया तो कुछ ने बिल्डरों के पक्ष में सरकारी पैकेज। वहीं शहर के चिंतकों ने कहा कि 10 माले की इमारतों को हाईराइज से मुक्ति देने के बाद सरकार को यह भी सुनिश्चत कर देना चाहिए कि इमारत मापदंडों के अनुरूप ही बनेगी। नहीं बनती तो जिम्मेदार कौन होगा? जानकार कहते हैं कि जमीन व संसाधनों के संकट से जुझ रहे इंदौर के लिए वर्टिकल विकास जरूरत बन चुका है।
अब तक 30 मीटर ऊंची (10 मंजिला) इमारतों की मंजूरी हाईराइज कमेटी में होती थी जिसकी अध्यक्षता संभागायुक्त करते हैं कमेटी में नगर निगम, टीएंडसीपी, जिला प्रशासन, फायर ब्रिगेड, यातायात,  मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित उन तमाम महकमों के अधिकारी मौजूद रहते थे जिनकी अनुमति थी। संशोधन के बाद अब 30 मीटर तक की इमारत को नगर निगम के अधिकारी ही अपने स्तर पर ही मंजूरी दे सकेंगे। संशोधन के मुताबिक 24 मीटर चौड़ी सड़क पर 20 हजार वर्गफीट के प्लॉट पर 2 प्रतिशत एफएआर के साथ 30 मीटर ऊंची इमारत बनाई जा सकती है। व्यावसायिक इमारत का निर्माण कुल प्लॉट एरिया के 40 प्रतिशत भाग पर ही हो सकेगा। संशोधन के अनुसार जिन भवनो की ऊंचाई 12.5 मीटर या उससे ज्यादा होगी उनके लिए सभी विभागों की अनुमति नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार लेना होगी। फायर ब्रिगेड की मंजूरी जरूरी है। सभी ऊंचे भवनों के लिए स्थल अनापत्ति समिति से अनापत्ति जरूरी है। इसके बाद ही टीएंडसीपी से ले-आउट पास होगा।
वर्टिकल विकास क्यों जरूरी...
- इंदौर की नगर निगम सीमा 130 वर्गकिलोमीटर (13,000 हेक्टेयर) है जबकि 2021 की विकास रूपरेखा 50 हजार हेक्टेयर में फैली है। बेहिसाब डेवलपमेंट के कारण 37 हजार हेक्टेयर नए क्षेत्र में 20 हजार हेक्टेयर ऐसा है जहां कॉलोनियां, रो-हाउसेस विकसित हुए हैं लेकिन बसाहट नहीं हुई।
- यह 20 हजार हेक्टेयर जमीन कृषि भूमि थी जहां अधूरे कॉलोनीकरण के कारण 80 लाख क्वींटल के करीब कृषि उत्पादन कम हुआ है। यह आंकड़ा सिर्फ एक सीजन की खेती का है।
- वर्टिकल विकास से 100 एकड़ में बसने वाली आबादी को 10 से 15 एकड़ जमीन पर बसाया ज सकता है। इससे 85 से 90 एकड़ जमीन बचती है।
सवाल क्यों उठे...
- बिल्डरों के सुझाव पर हुआ संशोधन।
- आम आदमी या जनप्रतिनिधि से कोई सुझाव नहीं लिया।
- हाईराइज कमेटी में आने वाली कुल निर्माण अनुमतियों में 85 फीसदी 30 मीटर तक की होती हैं। इन्हें मुक्ति देकर हाईराइज की उपयोगिता खत्म की।









इन इमारतों की मंजूरी के लिए हाईराइज की जरूरत नहीं.
रोड चौड़ाई(मी) प्लॉट एरिया(वर्गफीट) निर्माण की ऊंचाई (मी) एफएआर (त्न) एमओएस (आगे) मी. एमओएस (पीछे) मी.
12 १०,००० १८ 1.50 7.5 6
18 15,000 24 1.75 9 6
24 20,000 30 2.00 12 7.5
(इनमें 30 मीटर की ऊंचाई वाली 10 मंजिला इमारतें ही ऐसी हैं जिन्हें हाईराइज कमेटी के झंझट से मुक्त करके नगर निगम को नक्शा स्वीकृति के अधिकार सौंपे गए हैं।)
इन इमारतों की मंजूरी हाईराइज कमेटी में होगी...
रोड चौड़ाई(मी) प्लॉट एरिया(वर्गफीट) निर्माण की ऊंचाई (मी) एफएआर (त्न) एमओएस (आगे) मी. मओएस (पीछे) मी.
30   25,000 45 2.25 15 7.5
36 ३०,००० ६० २.५० १८
४५ 35,000 75 2.75 21 9
60 40,000 90 3.00 24 10
75 45,000 90 से अधिक 3.00 30 12

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