Monday, June 29, 2015

VAITAL KE TAIL ME MILAVAT


इंदौर. दबंग रिपोर्टर ।
खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता को लेकर सरकार कितनी सख्त है इसका अंदाजा उस खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 से लगाया जा सकता है जिसकी सख्ती ने देशभर के व्यापारियों को  सरकार का दुश्मन बना दिया। वहीं इंदौर में जेएमडी ऑइल्स प्रा.लि. जैसी ख्यात कंपनियां बगैर किसी लाइसेंस के स्थानीय कंपनियों से तेल खरीदकर उसे 'वाइटलÓ जैसे ब्रांड के नाम से बाजार में बेच रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा तेल के नमूने प्रयोगशाला भेजने और स्पष्ट ताकीद दिए जाने के बाद भी आज दिन तक न लाइसेंस बना। न ही विभागीय अधिकारियों ने किसी तरह की कार्रवाई की।
जेएमडी ऑइल्स प्रा.लि. मुलत: रमेशनगर न्यू दिल्ली की कंपनी है। 1300 वितरक, 60 सुपर स्टोकिस्ट और 3.25 लाख आउटलेट के साथ 15 करोड़ भारतीय उपभोक्ताओं का दावा करने वाली इस कंपनी की एक यूनिट 26 एसडीए कम्पाउंड एनेक्स, देवासनाका इंदौर में है। दो साल से 23/2 साजननगर स्थित माधुरी रिफाइनरी परिसर में चल रही यह यूनिट 4 अगस्त 2011 में देवासनाका पर शिफ्ट हुई। यहां 30 टन/दिन खाद्य तेल (वाइटल) पैक करके बाजार में भेजा जाता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के दस्तावेजों के लिहाज से बात करें तो पांच महीनों (देवासनाके से)में 4500 टन खाद्य तेल की बाजार में आपूर्ति करने वाली इस कंपनी के पास विभागीय लाइसेंस नहीं है जो कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत हर उस व्यापार-व्यावसाय के लिए जरूरी है जो खाद्य सामग्री का कारोबार करता है। यही नहीं खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत मुंबई से मिलने वाला केंद्रीय लाइसेंस भी फर्म के पास नहीं है जो कि खाद्य सामग्री निर्माताओं के लिए जरूरी है।
दे चुके हैं ताकीद...
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की मानें तो जनवरी में कंपनी के खिलाफ छापामार कार्रवाई करते हुए तेल के नमूने जुटाए थे। प्रथम दृष्टया दुषित दिखने वाले नमूने प्रयोग शाला भेजे गए जहां वे पास हो गए। उस दौरान भी कंपनी को लाइसेंस लेने के लिए वक्त दिया था।
बीएसआई भाषा विशेषज्ञ भी नहीं...
सूत्रों ने बताया खाद्य सामग्री विके्रता या ऑइल रिफलिंग सेंटर पर बीएसई भाषा 'ऐसी तकनीक जो खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से संबंध रखती होÓ का एक भी जानकार कंपनी के पास नहीं है।
सिर्फ नगर निगम का लाइसेंस...
कंपनी के पास लाइसेंस के नाम पर सिर्फ नगर निगम का खाद्य लाइसेंस है। महज 200 रुपए में बनने वाला यह लाइसेंस चाय की दुकान वालों तक के लिए जरूरी है। लाइसेंस पर साजननगर का पता दर्ज है। फर्म देवासनाका क्षेत्र में चल रही है जो कि नगर निगम सीमा से बाहर ग्रामीण क्षेत्र में आता है।
रूची का तेल और वाइटल की पैकिंग
26 एसडीए कंपाउंड में जहां कंपनी है वहां न सामने रोड है न ही साफ-सफाई। कंपनी के गोदाम के बाहर ही कंपनी का ही कचरा पसरा है। अंदर भी हालात गड़बड़ है। यहां रूचि सोया से तेल लाकर वाइटल की पैकिंग में भरकर बेचा जाता है। तेल टैंकर से आता है और उन्ळें टैंक में इक_ा करके पैक किया जाता है।
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हमारे पास सब तरह का लाइसेंस है। केंद्रीय लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है।
पाटीदार, सुपर वाइजर,
मल्टीनेशनल कंपनी है। हमारे पास सब वैधानिक दस्तावेज हैं।
के.के.गोयल, बल्क लूज ट्रेडिंग हेड, दिल्ली
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन का लाइसेंस जरूरी है। यदि फर्म के पास लाइसेंस नहीं है तो कड़ी कार्रवाई करेंगे।
डॉ.शरद पंडित, सीएमएचओ

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