Monday, June 29, 2015

देवास-बायपास पर अवैध टोल वसूली...

मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद नहीं हुई जांच
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
देवास-भोपाल रोड पर चल रही टोल वसूली पर अधिकारी मेहरबान है। शायद इसीलिए मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद वसूली के खिलाफ जांच शुरू नहीं हुई। जांच के आदेश इंदौर निवासी ऋृषिकांत श्रीवास्तव की शिकायत पर हुए थे। श्रीवास्तव का आरोप था कि कंपनी ने अनुबंध कि विपरीत सड़क का काम पूरा होने से छह महीने पहले ही टोल वसूली शुरू कर दी थी जो कि गैरकानूनी है।
143.70 किलोमीटर लंबी इस रोड के लिए अनुबंध 2006-07 में हुआ था। जनवरी 2007 में हुए अनुबंध के अनुसार सड़क बनाने वाली कंपनी काम पूरा होने के बाद ही टोल वसूली शुरू कर सकती है। हुआ उलटा, सड़क बनती रही और कंपनी ने टोल वसूली शुरू कर दी। श्रीवास्तव का आरोप है कि वसूली सड़क पूरी होने से छह महीने पहले ही शुरू हो चुकी थी। आरटीआई में निकाले दस्तावेजों के आधार पर हुई श्रीवास्तव की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे। छह महीने हो चुके हैं। जांच आज तक नहीं हुई। कंपनी ने पहली टोल प्लाजा फंदा, दूसरी अमलाह और तीसरी भौरासा के पास शुरू की थी।
लागत के नाम पर भी लूट...
बीओटी के तहत बनी इस सड़क की जनवरी 2007 में लागत 480 करोड़ आंकी गई थी। इसमें 81 करोड़ रुपए सरकारी सब्सिडी थी। एमएसके प्रोजेक्ट, चेतक इंटरप्राइजेस और बीएसबीके ने टेंडर डाले थे जो 25 जनवरी 2007 को खुलेे। प्रोजेक्ट जब पूरा हुआ तो उसकी लागत 81 करोड़ की सब्सिडी सहित 640 करोड़ रुपए बताई गई। अंतर था 160 करोड़ का। अंतर को लेकर भी शिकायतें हुई हैं। शुरू में सड़क की लंबाई १४३ किलोमीटर थी, पूरी होने के बाद १४०.७० किलोमीटर बची।
पहली टोल प्लाजा : ३१.६० किलोमीटर (फंदा)
कार १५
लाइट व्हीकल ३5
बस ७३
ट्रक ८७
मल्टी एक्सल १७४
दूसरी टोल प्लाजा : ४०.०० किलोमीटर (अमलाह)
कार १९
लाइट व्हीकल ४४
बस ९२
ट्रक १११
मल्टी एक्सल २२०
तीसरी टोल प्लाजा :  ६९.१९० कलोमीटर (भौरासा)
कार ३२
लाइट व्हीकल ७७
बस १५९
ट्रक १९१
मल्टी एक्सल ३८१

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