Sunday, June 28, 2015

छिंदवाड़ा आश्रम लाइव..ASHARAM BAPU CHHINDWARA TOUR

इंदौर. विनोद शर्मा ।
संत आसाराम गुरुकुल और गर्ल्स होस्टल, छिंदवाड़ा...। परासिया मुख्यमार्ग से तीन किलोमीटर और समता कॉलोनी से डेढ़ किलोमीटर दूर एकांत में बना यह होस्टल 21 अगस्त को बापू पर लगे यौन शोषण के आरोप के बाद से चर्चा का मुख्य केंद्र बन चुका है। आरोप है यहां पांच साल तक रहकर 12वीं तक पढ़ाई कर चुकी है एक लड़की का। आरोप के बाद से ही जहां देशभर के में बापू विरोध अभियान जारी है। कहीं नारेबाजी..। कहीं पुतले फुंकाफांकी..। इन सब के बीच छिंदवाड़ा का यह आश्रम ऐसे शांत है मानों यहां कुछ हुआ ही नहीं। यौन शोषण जैसे संगीन आरोप के बावजूद आश्रम और आश्रम प्रबंधन के प्रति 200 से ज्यादा लड़कियों की आस्था बरकरार है। शायद यही वजह है कि इन 20 दिनों में न किसी लड़की ने आश्रम छोड़ा, न पालक किसी लड़की को अपने साथ ले गए। कुछ अनसुलझे सवालों को सुलझाने की कोशिश करती दबंग दुनिया की छिंदवाड़ा से लाइव रिपोर्ट-।
शनिवार रात 10.00 बजे दबंग दुनिया की टीम जब परासिया रोड स्थित संत आसाराम गुरुकुल (जहां सीबीएसई बोर्ड का 12वीं तक कोएड स्कूल है और बॉयज हॉस्टल है।) पहुंची तब तक बच्चे सो चुके थे। कार्यालय में सुशील भाई व उनके तीन सहयोगियों की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे थे। रात्रि विश्राम के बाद दबंग टीम दोबारा रविवार सुबह 6.30 बजे गुरुकुल पहुंची। वहां कुछ बच्चे मंत्रोच्चार कर रहे थे तो कुछ योगासन। 7.30 बजे सभी अन्नपूर्णा कक्ष में बैठे और खीर का नाश्ता किया। 7.45 बजे बाद बच्चे बाहर मैदान में खेलने निकल गए। कोई क्रिकेट खेल रहा था, कोई फुटबॉल। इसके बाद 9 बजे टीम परासिया रोड, आईटीआई, टीचर्स कॉलोनी, समता कॉलोनी होते हुए आसाराम आश्रम और उसके ठीक पीछे स्थित गर्ल्स होस्टल पहुंची। यहां बड़ा सा जी+2 होस्टल बना हुआ है। वहां कुछ लड़कियां पढ़ाई कर रही थी तो कुछ कपड़े सूखा रही थी। कुछ खेल रही थीं। चारों तरफ बाउंड्रीवॉल थी। मुख्यद्वार पर महिला सुरक्षाकर्मी तैनात थी जो परिचय देने के बाद टीम को वॉर्डन (नेहा तोतलानी) के आॅफिस तक ले गई। वहां वार्डन ने तीन लड़कियों (श्वेता, भारती और सीमा) से मिलवाया जो कि उस लड़की की क्लासमेड और रूम मेड हैं जिसके आरोप के बाद पूरे देश में हंगामा मच गया। तीनों पीड़िता के आरोप से इत्तेफाक नहीं रखती हैं। उनकी मानें तो पीड़िता ने यह सब कुछ किया क्योंकि उसे होस्टल में नहीं रहना था जिसकी घोषणा वह

तीनों ने पीड़िता और उनके बीच हुई बातचीत की जानकारी दबंग दुनिया से बांटी।
बाथरूम में बंद रहकर दीवार से सिर पीटती थी
श्वेता ने बताया कि पीड़िता के साथ उनमें से दो पांच साल से हैं और एक चार साल से। वह एवरेज स्टूडेंट है। थोड़ी गुस्सेल है। कोई उसकी जरा भी बुराई करे, वह बर्दाश्त नहीं कर पाती। इस सत्र में वह जब से आई थी तब से एक ही रट लगाए बैठी थी कि मुझे यहां नहीं पढ़ना। उसका बार-बार सिर दर्द होता है। दर्द के कारण वह अपने आप को बाथरूम में दो-दो घंटे तक बंद करके सिर दीवार से ठोकती रहती थी। कई मर्तबा हमने सिर में बाम लगाई। गोली दी। 30 जुलाई को उसका चश्मा भी नया बनवाया।
वह बोली, मैंने दर्ज कराया है बापू पर मुकदमा..
भारती ने बताया मैं राखी पर मैं अलवर गई थी। 23-25 अगस्त के बीच मेरी दो बार पीड़िता से बात हुई। एक बार वह फिल्म देख रही थी। एक बार आईफा अवार्ड। मैंने उससे पूछा कि तू होस्टल कब आ रही है तो जवाब में उसने कहा तू न्यूज नहीं देखती है क्या? मैं कुछ बोलती उससे पहले ही उसने कहा, मैंने दर्ज करवाया है बापू पर मुकदमा। अब मैं होस्टल कभी नहीं आऊंगी। मैंने जब कहा कि पढ़ाई खराब नहीं होगी तो उसने कहा जहां डोनेशन देंगे, वहीं एडमिशन हो जाएगा? इसमें कौनसी बड़ी बात है। इसके बाद उसे फोन लगाया लेकिन उसने उठाया नहीं।
फेमस होना चाहती हूं मैं...
एक अन्य सहेली सीमा ने बताया मेरी 21 को उससे सुबह बात हुई थी शाम तक तो समाचार पर खबर आ चुकी थी। बातचीत के दौरान उसने कहा था कि मैं होस्टल नहीं आऊंगी। 30 जुलाई को ईलाज कराने के बाद जब उसकी तबियत ठीक नहीं हुई और 9 सितंबर को जब उसे उसके मम्मी-पापा ले गए तब ही उसने कह दिया था कि अब वह आश्रम नहीं आएगी। मैंने कहा कि तुम्हारा भाई यहां 8वीं में पढ़ता है। मम्मी-पापा बापू के भक्त है। समिति के अध्यक्ष हैं। वे तुम्हें फिर भेज देंगे। उसने कहा ऐसा इस बार नहीं होगा। आधे से ज्यादा सामान भी वह उसी वक्त ले गई थी। यहां दो जोड़ कपड़े और कुछ सामान और था जिसे बाद में उसके पापा ले गए। वह एम्बिसियश थी। हमेशा यही कहती रहती थी कि मुझे फेमस होना है।
यूएस और नेपाल से भी पढ़ने आती है लड़कियां...
अभी कितनी लड़कियां हैं यहां?
180..।
इससे पहले कितनी थीं।
तकरीबन 160 थीं।
किस क्लास से किस क्लास तक?
कॉलेज की पांच-छह हैं। ज्यादातर 5वीं से 12वीं तक की।
कहां-कहां से हैं लड़कियां?
यूपी, झारखंड, गुजरात सहित कुल 12 राज्यों से। कुछ यूएस और नेपाल से।
आरोप के बाद किसी ने होस्टल छोड़ा या किसी के माता-पिता ले गए?
अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
क्या लड़कियां सहमी-घबराई हैं?
आप किसी भी लड़की को बुलाकर बात कर सकते हैं।
पूरे देश में जारी हंगामे पर यहां की लड़कियों की प्रतिक्रिया क्या है?
सामान्य हैं। सब अपनी पढ़ाई में मशगुल है।
सुरक्षा के लिए क्या है?
पांच बजे बाद प्रिंसिपल तक का आना प्रतिबंधित है। पीछे आश्रम है वहां भी लड़कियां बिना टीचर के नहीं जा सकती।
नेहा तोतलानी, होस्टल वार्डन
आश्रम में पीड़िता...
निवासी : शाहजापुर
जन्म : 1 अगस्त 1996
दस्तावेजों : 1 अगस्त 1997
कक्षा : 12वीं (कॉमर्स )
कब से होस्टल में : 2008-09 से
कब-क्या : जुलाई में पूरे वक्त बीमार रही। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को दिखाया। सिर दर्द से परेशान। 30 जुलाई को चश्मे का नंबर बढ़वाया। अगस्त के पहले सप्ताह में भी सिररर्द ठीक नहीं हुआ। तत्काल प्रिंसिपल विवेक शर्मा और वार्डन शिल्पी ने सूचना माता-पिता को दी। 9 अगस्त को माता-पिता आकर ले गए।
फीवर आता था। सिरदर्द हुआ।
टीचर्स बताते हैं कि एग्रेसिव, जिद्दी और एम्बिसियस थी। पिछले साल रिजल्ट भी डाउन गया। 10वीं में 83 प्रतिशत था जो कि 11वीं में घटकर 52 प्रतिशत रह गया था। इस बार तो शुरुआत से बीमार रही। कभी बुखार। कभी सिरदर्द। दो-तीन बार डॉक्टर को दिखाया। आंखों का चेकअप कराया। इसके बाद भी चक्कर की शिकायत रही। इस बार उसे होम सिकनेस ज्यादा रही। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर हमने परिजन को सूचना दी। 9 अगस्त को उसके पापा ले गए। उसका छोटा भाई यहां उससे दो साल पहले से पढ़ रहा था। इस बार आठवीं में था। प्रकरण दर्ज होने के दो दिन बाद तक आश्रम में रहा। हमारी समझ में आज तक यह समझ नहीं आया कि बच्ची ने बापू पर ऐसा आरोप कैसे लगा दिया। मीडिया ने भी बिना सच जाने बापू के खिलाफ अभियान छेड़ दिया।
विवेक शर्मा, प्रार्चाय
आसाराम गुरुकुल छिंदवाड़ा


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