Sunday, June 28, 2015

लोकायुक्त को जमीन दिलाने पहुंची तहसीलदार पर हमला

शेषाद्री कॉलोनी में महिलाओं ने की झुमाझटकी, ड्राइवर-पुलिस को पीटा
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
लोकायुक्त के प्रस्तावित भवन को खाली कराने पहुंचे जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के संयुक्त बल पर शेषाद्री कॉलोनी में महिलाओं ने हमला कर दिया। नजूर तहसीलदार पुर्णिमा सिंह के झुमाझटकी की। उनके ड्राइवर और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की। जैसे-तैसे अधिकारी-कर्मचारी वहां से भागे लेकिन देर रात तक किसी तरह की कोई रिपोर्ट थाने में दर्ज नहीं कराई।
जिला प्रशासन ने लोकायुक्त को भवन निर्माण के लिए शेषाद्री कॉलोनी में जमीन दी। जमीन पर कुछ झोपड़े बने हैं जिन्हें प्रशासन को हटाकर जमीन मुक्त कराना है। शुक्रवार को नजूल तहसीलदार सिंह लगातार दूसरे दिन मौके पर पहुंची। उनके साथ नगर निगम और पुलिस का बल भी था। बाउंड्रीवाल की तोड़ाफोड़ी तक सबकुछ सामान्य था लेकिन जैसे ही मुद्दा झोपड़ों की तरफ रूख करने का आया मौके पर खड़ी आधा दर्जन महिलाओं ने उन पर हमला कर दिया। पहले सिंह से हुज्जत की और बाद में झुमाझटकी शुरू कर दी। उन्हें दीवार पर धकाया भी। इतना देख पुलिसकर्मी पहुंचे। उन्हें देखते ही सिंह के ड्राइवर ने एक महिला की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने मेडम के साथ झुमाझटकी है। इतना सुनते ही महिलाओं ने ड्राइवर और पुलिसकर्मियों की धुनाई भी शुरू कर दी। पिटाई पांच से दस मिनट तक चली। इसके बाद सिंह और उनके साथ का दलबल अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए।
जवान पिटे और थाने को जानकारी ही नहीं...
सुबह 11.30 बजे हुए इस हंगामे के बाद घबराए अधिकारियों ने हमलावर महिलाओं के खिलाफ न किसी तरह की कार्रवाई की। न ही सदर बाजार में किसी तरह का प्रकरण दर्ज करवाया। हुआ यूं कि घटनाक्रम से घबराई नजूल तहसीलदार सिंह को कलेक्टोरेट पहुंचते ही एक बैठक में बैठना पड़ा और बैठक से फ्री होते ही उन्होंने फोन बंद कर दिया। हालांकि मामले की जानकारी एसडीएम और कलेक्टर तक भी पहुंची लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
अखरी महिला पुलिसकर्मियों की कमी...
मौके पर मौजूदा नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो दल में महिला पुलिसकर्मी नहीं थी इसी का फायदा उठाकर महिलाओं ने हमला किया। कानून में हुए संसोधन के बाद शक्तिवान हुई महिलाओं पर पुलिसकर्मी ताकत दिखाने की हिम्मत नहीं दिखा पाए।

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