इंदौर, दबंग रिपोर्टर।
आर्थिक मंदी के कारण अमेरिका, सिंगापुर, चायना की कंपनियां मप्र में नहीं आ रही। जिन दो कंपनियों ने हामी भरी थी वह बंदरगाह न होने के कारण गुजरात चली गई। तेलंगाना विवाद के कारण पलायन का मन बना चुके आंध्रप्रदेश के उद्योग मप्र में जमीन तलाश रहे हैं। औद्योगिक निवेश को लेकर मप्र में अवसर बेहतर है। बशर्ते जो भी उद्योग निवेश करे, स्थानीय लोगों को ज्यादा रोजगार दे। बुधवार को इन्वेस्टर्स समिट की समीक्षा के बाद पत्रकारों से रुबरु होते हुए यह बात उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कही। विजयवर्गीय ने कहा ऑटोमोबाइल, आईटी, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग ज्यादा संख्या में प्रदेश में स्थापित होंगे। हमें निवेश की रकम से नहीं, एमओयू की संख्या से मतलब है। 90 फीसदी रोजगार स्थानीय नागरिकों को मुहैया कराने वाले उद्योगों को सरकार सब्सिडी भी देगी। 50 फीसदी स्थानीय नागरिकों को रोजगार देना अनिर्वाय है ही।
विजयवर्गीय ने कहा पिछड़े व आदिवासी बहुल जिलों में निवेश करने वालों को सरकार स्पेशल पैकेज देगी। जबलपुर और कटनी शहरों को सी श्रेंणी में रखा गया है। १० करोड़ तक का निवेश करने और २५ करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करने वाले उद्यमियों को भी एपेक्स से स्पेशल पैकेज दिया जाएगा। निवेश की इच्छा रखने वालों में जीटीवी और सहारा भी शामिल है। जो उद्योग निजी तौर पर जमीन लेंगे उन्हें किसानों को सही मुआवजा देना होगा। सरकार की ओर से भी उन्हें सहायता मिलेगी।
मजबूरी का नाम: इन्वेस्टर्स समिट
विश्वव्यापी मंदी का असर समिट पर पढऩा तय है। मंदी कब तक रहेगी, किसे पता। विदेशी निवेश मिल जाए यही बहुत है। कितने, क्या होंगे? कह नहीं सकते। समिट की घोषणा दो साल पहले कर दी थी इसीलिए समिट का आयोजन करना पड़ रहा है। मंदी के बावजूद निवेशक मप्र को पसंद कर रहे हैं हमारे लिए खुशी की बात है। बीती समिट से सबक लेकर इस बार हमने तगड़ा होमवर्क किया। पहले यह देखने में आया था कि ग्रीन लैंड पर ही एमओयू हो गए थे। साथ ही जो जमीन मास्टर प्लान में है ही नहीं उस पर एमओयू कर लिए गए थे। एमओयू साइन करने के बाद ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि १० करोड़ से उपर के निवेशकों के पीछे एक अफसर फीडबैक के लिए मौजूद रहे।
९०० करोड़ में संवारेंगे औद्योगिक क्षेत्र
औद्योगिक क्षेत्रों की बदहाली के सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा ९०० करोड़ रुपए की योजना तैयार है। तीन चरणों में खर्च होगी रकम। रकम हुडको से लोन लेकर जुटाएंगे। पहले चरण में २३० करोड़ रुपए खर्च होंगे। अगले तीन से चार साल में औद्योगिक क्षेत्रों की दशा बदल देंगे। दीपावली के आसपास टीसीएस और इंफोसिस काम शुरू कर सकती है।
बनाएंगे नए औद्योगिक क्षेत्र
नोएडा की तरह मप्र में भी बनेंगे पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक क्षेत्र। योजना बना रहे हैं। कारण, प्रदेश में अब नए औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरत ज्यादा है। औद्योगिक क्षेत्र कोई कंपनी चाहे तो खुद जमीन लेकर बनाएं या फिर सरकार की जमीन पर वे इन्हें तैयार करे। हालांकि इंदौर के आसपास डीएमआईसी में उद्योगपतियों को काफी जमीन मिलेगी।
दिग्विजय सिंह नंबर वन नेता
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश की कमान सौंपने के मामले में विजयवर्गीय ने कहा कि हम उन्हें उनकी वास्तविक स्थिति से अवगत कराएंगे। एमपीसीए के २४३ वोट के चुनाव की जीत को वे बड़ी जीत मान रहे हैं। असल चुनाव क्या होता है यह हम उन्हें बताएंगे। वे प्रदेश के लिए चौथे से पांचवे नंबर के नेता हैं। मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। कांग्रेस के नंबर वन नेता दिग्विजय सिंह हैं वे भी मुझे नहीं हरा सकते। प्रेस क्लब में कांग्रेसियों के बर्ताव पर वे बोले पिछले हर चुनाव में कांग्रेस फेल रही है। ऐसे में वे अगर एक-दूसरे पर जूते भी चलाएं तो भी कम नहीं हैं।
राजनैतिक अस्थिरता ने बिगाड़ी छवि
रतलाम में आईएएस अफसर के साथ हुए बुरा बर्ताव पर वे बोले कि ऐसा नहीं करना था। साथ ही विदेशी निवेशकों के इस समिट में नहीं आ पाने पर वे बोले कि केंद्र सरकार के अनिर्णय के कारण ही ऐसे हालात बने हैं। पहले जहां चायना और भारत केवल दो देश ही आर्थिक प्रगति की राह पर अग्रसर थे। राजनैतिक आंदोलनों और अस्थिरता के कारण देश की छवि विश्व के समाने बिगड़ी है। इसे सुधारने के लिए सभी राजनैतिक दलों को एकजुट होना होगा। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने १०० दिन में महंगाई कम करने कहा था, लेकिन १०० महीने भी निकल गए हैं।
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