Sunday, June 28, 2015

धारा-13 (अ): कभी हां, कभी ना IDA

- विधानसभा में मंत्री मलैया दे रहे हैं झूठी जानकारी
इंदौर. दबंग रिपोर्टर ।
धारा-13(अ) की आड़ में इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारी बिना टेंडर के ठेकेदारों को काम बांट रहा है। तमाम कायदों को ठेंगा दिखाकर प्राधिकरण पदाधिकारियों द्वारा बीआर गोयल को दिया गया ठेका इसका बड़ा उदाहरण है। कार्रवाई की उम्मीद के साथ शिकायतें हुई लेकिन विभागीय मंत्री का रवैया दोषियों के प्रति उदार रहा। आलम यह है कि विभागीय मंत्री स्वयं झूठे सच्चे तथ्यों से सदन को गुमराह कर रहे हैं। 2011 में अतिरिक्त कामों के राशि की सीमा तय करने के पक्ष में रहे मंत्रीजी ने 2012 में दिए जवाब में स्पष्ट कर दिया कि धारा-13(अ) के प्रावधानों में राशि की बाध्यता नहीं है।
प्राधिकरण के ठेकेदारों की शिकायत कांग्रेस पार्षद उमंग सिंघार ने आगे बढ़ाई। उन्होंने विधानसभा में विधायक प्रश्न लगाते हुए जानकारी मांगी थी कि क्या धारा 13(अ) के तहत बिना किसी टेंडर के 10 करोड़ के काम किसी ठेकेदार को आवंटित किए जा सकते हैं। 1 मार्च 2012 को दिए जवाब में आवास एवं पर्यावरण मंत्री जयंत मलैया ने स्पष्ट कर दिया कि बीआर गोयल को दिए 10 करोड़ के जिस ठेके पर आपत्ति ली जा रही है वह प्राधिकरण बोर्ड के संकल्प 233/ 28 अक्टूबर 2009 के तहत दिया गया। संकल्प के अनुसार धारा 13(अ) के तहत गोयल को आवासीय स्कीम-136 के विकास के लिए जारी राशि से अनुबंध के तहत (धारा-14) स्कीम-78 पीएससी पार्ट-2 में बुनियादी काम कराए गए। यदि एक स्कीम का पैसा प्राथमिकता के हिसाब से दूसरी स्कीम में खर्च किया गया है तो इसमें गलत क्या है। मलैया ने अपने जवाब में यह भी स्पष्ट कर दिया कि निविदा अनुबंध की धारा 13(अ) के तहत अतिरिक्त काम कराने के लिए किसी भी तरह की राशि का कोई बंधन नहीं है।
सवाल और भी....
सवाल : धारा 13(अ) के तहत दिए गए कामों की जानकारी किसी ने मांगी अब तक?
जवाब : हां।
सवाल : जानकारी पूरी दी या आधी?
जवाब : पूरी दी।
सवाल : बीआरगोयल को दिए गए ठेके की जानकारी उत्तर में छिपाने का कारण?
जवाब : जानकारी अलग थी इसीलिए जवाब में जिक्र नहीं किया था।
सवाल : क्या धारा 13(अ) के अंतर्गत इतना बड़ा ठेका प्राधिकरण स्तर पर दे सकते हैं?
जवाब : ठेका प्राधिकरण के संकल्पों के अनुसार दिया गया जो गलत नहीं है।
गुमराह कर रहे हैं विधायकों को...
प्राधिकरण के ठेकेदारों ने मलैया पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे झूठी जानकारी देकर विधायकों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने बताया प्राधिकरण के संकल्प 334 (10-सितंबर 2008) में स्पष्ट है कि धारा 13(अ) के अंतर्गत अतिकतम कार्य की समीा मूल कार्य का 25 प्रतिशत तक के कार्य करवाएं जाएं। लोक निर्माण विभाग द्वारा 8 जनवरी 2002 को जारी आदेश के अनुसार धारा 13 के अंतर्गत जिस काम की निविदाएं आमंत्रित की जाती है उसके एतिरिक्त उस अनुबंध में कोई काम नहीं कराया जाएगा। जबकि यहां स्कीम- 136 के काम स्कीम-78 में कराए गए। प्रशासनिक संकूल के अनुबंध पर रवींद्र नाट्यगृह में काम कराए। शिवाजी-बायपास लिंक के काम के साथ सुखलिया में विकलांग संघ के काम कराए गए। 

No comments:

Post a Comment