भाटिया और अग्रवाल कोल सहित इंदौर की तीन कोयला आयातक कंपनियों पर है डीआरआई की निगाहें
डीआरआई ने गुजरात पोर्ट पर पकड़ी 600 करोड़ की कर चोरी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
गुजरात के रास्ते कोयले का आयात करने वाले सभी आयातकों ने अपने आयात का गलत वर्गीकरण करके बीते वित्त वर्ष 2012-13 में 600 करोड़ से ज्यादा की कर चोरी की है। इसका खुलासा बीते दिनों डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) ने किया। डीआरआई की जांच रिपोर्ट में गुजरात के रास्ते कोयला आयात करने वाली कंपनियों में इंदौर की भाटिया इंटरनेशनल लिमिटेड और अग्रवाल कोल कॉर्पोरेशन प्रा.लि. जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। आयकर और सीबीआई से पहले ही जूझ रही भाटिया इंटरनेशनल उस कोल इंडिया लिमिटेड की सहयोगी कंपनियों के साथ काम करने के चक्कर में पहले ही डायरेक्टर जनरल सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस के निशाने पर है जिन्होंने 750 करोड़ की कर चोरी स्वीकारते हुए बीते महीने 747 करोड़ रुपए का भुगतान किया।
डीआरआई के अधिकारियों की मानें तो सभी आयातकों ने अपने आयात का गलत वर्गीकरण किया। इसके कारण उन्हें शुल्क का भुगतान कम करना पड़ा। 2012-१3 में गुजरात के बंदरगाहों पर कोयले के आयात के हिसाब से करीब 600 करोड़ रुपये की कर चोरी हुई है। अधिकारी ने यह भी बताया कि गुजरात से जुड़े सभी कोयला आयातक जांच के घेरे में है। कोयला आयातकों ने इसी तरह देशभर में अनुमानित 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा की शुल्क चोरी की है। इसीलिए टुटिकोरिन (तमीलनाडू) पारादीप(उडि़सा), मुंबई(महाराष्ट्र), न्यू मंगलौर पोर्ट (कर्नाटक) जैसे बंदरगाहों पर बीते वर्षों में हुए कोयला आयात भी जांच के दायरे में है। टैक्स चोरी के इसी आंकड़े को रोकने के लिए बीते दिनों केंद्रीय वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम ने स्टीम कोयले और बिटुमिनस कोयले पर लगने वाले शुल्क को बराबर करने की बात कही थी।
कैसे किया खेल...
क्या किया : आयातक कंपनियां आयात करती है बिटुमिनस कोयला लेकिन दस्तावेजों में गलत जानकारी देते हुए बिटुमिनस कोयले को स्टीम कोयला बताया गया।
क्यों किया :- वित्त वर्ष 2012-13 में स्टीम कोयले पर कस्टम ड्यूटी की छूट दी गई थी जबकि टैक्स सहित कुल कीमत पर लगने वाली काउंटर वेलिंग ड्यूटी (सीवीडी) एक प्रतिशत लगती है। वहीं बिटुमिनस कोयले का उत्पादन किया जाता है। इसीलिए उस पर 5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और 6 प्रतिशत (सीवीडी) चुकाना होता है। यानी कोयले की कीमत 100 रुपए है तो उस पर 5 रुपए कस्टम ड्यूटी लगेगी। कुल कीमत हुई 105 रुपए उस पर 6 प्रतिशत ड्यूटी सीवीडी चुकाना होगी। यानी कुल 11.3 प्रतिशत टैक्स चुकाना होता है।
कैसे किया : जिस बिटुमिनस कोयले पर 11.3 प्रतिश टैक्स चुकाना पड़ता था उसे दस्तावेजों में स्टीम कोयला करार देकर कंपनियों ने 10.3 प्रतिशत की टैक्स चोरी की।
इन कंपनियों के नाम आ रहे हैं जांच में...
स्वास्तिक कोल कॉर्पोरेशन
पता : स्वास्तिक हाउस-रतलाम कोठी इंदौर
संचालक : नारायण बिंदल, विष्णुप्रसाद बिंदल, हितेषकुमार बिंदल
भाटिया इंटरनेशनल
पता : बीसीसी हाउस नवरतनबाग इंदौर
संचालक : जीएस भाटिया, एसएस भाटिया, एमएस भाटिया, अमन भाटिया
अग्रवाल कोल कॉर्पोरेशन प्रा.लि.
पता- अग्रवाल हाउस, वायएन रोड इंदौर
संचालक : संजय अग्रवाल और रामानंद योगी
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1५0 करोड़ का फायदा
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