अब नाले पर कब्जा कर काट दिए प्लॉट
भराव कर बदल दी बहाव की दिशा
इंदौर, दबंग रिपोर्टर। निपानिया ग्राम पंचायत के तुलसी नगर में फिर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस-प्रशासन की मॉनिटरिंग के बावजूद यहां नाले पर कब्जा कर प्लॉट काटे गए और बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। बेशकीमती जमीन पर कई प्लॉट काटने, इनकी बिक्री तथा अब यह हिस्सा विकसित करने की तैयारियों के चलते आसपास के लोगों में रोष है और जल्द ही वे इस मामले में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
भू-माफियाओं ने इस बार फर्जीवाड़े की शुरुआत बी सेक्टर नाले के पास की है। यहां निर्मित छह बंगलों के कोने की जगह खाली है। पास ही एक बड़ा नाला है। तीन-चार महीने पहले नाले की सफाई का काम चला और धीरे-धीरे इसके विपरीत हिस्से में लंबी खुदाई शुरू की जाने लगी। कुछ दिन बाद लोगों को पता चला कि यह खुदाई नाले को मिलाने के लिए की जा रही है। इसके बाद करीब आधा किलोमीटर हिस्से में मुरम डालकर उसकी दिशा बदली और प्लॉट की रूपरेखा बना दी गई।
डर के कारण नहीं की शिकायत
रहवासियों ने भू-माफियाओं के डर के कारण अब तक इसकी शिकायत नहीं की। 2007-10 के बीच तुलसी नगर में तेजी से अवैध निर्माण हुए थे। इस दौरान सरपंच हेमलता के पति किशोर पटेल ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर संयुक्तिकरण कर कई भवन तान दिए। रहवासी संघ के अध्यक्ष संजय ठाकरे ने विरोध किया तो उन्हें धमकियां मिलीं। इस बीच आईजी, कलेक्टर व लोकायुक्त तक शिकायत पहुंची तो गोली मारकर ठाकरे की हत्या कर दी गई। तब जाकर पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ और हत्या के मामले में सरपंच पति सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने के अलावा क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद जनवरी 2012 में निपानिया ग्राम पंचायत के दो मामले, तुलसी नगर व महालक्ष्मी नगर में अवैध निर्माण आदि को लेकर तत्कालीन अध्यक्ष विवेक श्रोत्रिय की रिपोर्ट पर पूर्व सरपंच, सचिव सहित दो दर्जन से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किया गया।
लसूड़िया थाने से केस डायरी गायब
विडंबना यह कि इसमें से महालक्ष्मी नगर मामले में तो लसूड़िया थाने से केस डायरी ही गायब कर दी गई थी, जबकि तुलसी नगर मामले में तो दो-ढाई साल बाद भी चालान पेश नहीं किया गया। पुलिस के मुताबिक इसमें बिल्डरों सहित अन्य लोगों के जो नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका की जांच एसआई ओएस भदौरिया कर रहे हैं। बैडमिंटन हॉल बनाकर किराए पर दिया
इसके पूर्व भी तुलसी नगर के एए सेक्टर में बगीचे की जमीन पर बैडमिंटन हॉल बनाकर किराए से दे दिया गया। इस मामले में पिछले दिनों निगम की ओर से कॉलोनाइजर शिवनारायण अग्रवाल से ले-आउट प्लान और अन्य दस्तावेज मंगाए गए थे। इनमें से कुछ नहीं मिले। अग्रवाल का कहना है टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में ही उक्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। बहरहाल, क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद न केवल निर्माण जारी है, बल्कि अब इस तरह से नए प्लॉट काटकर कॉलोनी का एक हिस्सा विकसित कर बड़ी कमाई की तैयारी है।
भराव कर बदल दी बहाव की दिशा
इंदौर, दबंग रिपोर्टर। निपानिया ग्राम पंचायत के तुलसी नगर में फिर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस-प्रशासन की मॉनिटरिंग के बावजूद यहां नाले पर कब्जा कर प्लॉट काटे गए और बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। बेशकीमती जमीन पर कई प्लॉट काटने, इनकी बिक्री तथा अब यह हिस्सा विकसित करने की तैयारियों के चलते आसपास के लोगों में रोष है और जल्द ही वे इस मामले में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
भू-माफियाओं ने इस बार फर्जीवाड़े की शुरुआत बी सेक्टर नाले के पास की है। यहां निर्मित छह बंगलों के कोने की जगह खाली है। पास ही एक बड़ा नाला है। तीन-चार महीने पहले नाले की सफाई का काम चला और धीरे-धीरे इसके विपरीत हिस्से में लंबी खुदाई शुरू की जाने लगी। कुछ दिन बाद लोगों को पता चला कि यह खुदाई नाले को मिलाने के लिए की जा रही है। इसके बाद करीब आधा किलोमीटर हिस्से में मुरम डालकर उसकी दिशा बदली और प्लॉट की रूपरेखा बना दी गई।
डर के कारण नहीं की शिकायत
रहवासियों ने भू-माफियाओं के डर के कारण अब तक इसकी शिकायत नहीं की। 2007-10 के बीच तुलसी नगर में तेजी से अवैध निर्माण हुए थे। इस दौरान सरपंच हेमलता के पति किशोर पटेल ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर संयुक्तिकरण कर कई भवन तान दिए। रहवासी संघ के अध्यक्ष संजय ठाकरे ने विरोध किया तो उन्हें धमकियां मिलीं। इस बीच आईजी, कलेक्टर व लोकायुक्त तक शिकायत पहुंची तो गोली मारकर ठाकरे की हत्या कर दी गई। तब जाकर पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ और हत्या के मामले में सरपंच पति सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने के अलावा क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद जनवरी 2012 में निपानिया ग्राम पंचायत के दो मामले, तुलसी नगर व महालक्ष्मी नगर में अवैध निर्माण आदि को लेकर तत्कालीन अध्यक्ष विवेक श्रोत्रिय की रिपोर्ट पर पूर्व सरपंच, सचिव सहित दो दर्जन से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किया गया।
लसूड़िया थाने से केस डायरी गायब
विडंबना यह कि इसमें से महालक्ष्मी नगर मामले में तो लसूड़िया थाने से केस डायरी ही गायब कर दी गई थी, जबकि तुलसी नगर मामले में तो दो-ढाई साल बाद भी चालान पेश नहीं किया गया। पुलिस के मुताबिक इसमें बिल्डरों सहित अन्य लोगों के जो नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका की जांच एसआई ओएस भदौरिया कर रहे हैं। बैडमिंटन हॉल बनाकर किराए पर दिया
इसके पूर्व भी तुलसी नगर के एए सेक्टर में बगीचे की जमीन पर बैडमिंटन हॉल बनाकर किराए से दे दिया गया। इस मामले में पिछले दिनों निगम की ओर से कॉलोनाइजर शिवनारायण अग्रवाल से ले-आउट प्लान और अन्य दस्तावेज मंगाए गए थे। इनमें से कुछ नहीं मिले। अग्रवाल का कहना है टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में ही उक्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। बहरहाल, क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद न केवल निर्माण जारी है, बल्कि अब इस तरह से नए प्लॉट काटकर कॉलोनी का एक हिस्सा विकसित कर बड़ी कमाई की तैयारी है।
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