विजयवर्गीय हटे, भास्कर डटा...
सत्यसार्इं के सामने नहीं, प्राइम सिटी में होंगे मां कनकेश्वरी के गरबे..
क्षेत्र की सेंसेटिविटी और जनहित को देखते हुए बदला स्थान
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य जैसी सेंसेटिव सेवाओं को नजरअंदाज करते हुए जहां दैनिक भास्कर समूह गुजराती स्कूल के मैदान में गरबे की तैयारियां कर रहा है वहीं उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला की संस्था कनकेश्वरी ने अपना गरबा स्थल बदल दिया है। इस बार मां कनकेश्वरी देवी का गरबा सत्यसार्इं के सामने नहीं, बल्कि प्राइम सिटी और श्यामनगर के बीच स्थित मैदान पर होगा। इसका कारण आयोजक सत्यसार्इं के पास स्थानाभाव, सेंसेटिव सेवाओं और लोगों को होने वाली परेशानियों को बताते हैं।
गुजराती स्कूल में जब से दैनिक भास्कर ने अभिव्यक्ति की तैयारियां शुरू की है तभी से चर्चा तेज है कि मां कनकेश्वरी के गरबे कहां होंगे? यदि दोनों गरबे आमने-सामने हो गए तो क्या होगा? जैसे सवालों से परेशान हो रहे क्षेत्रवासियों को विजयवर्गीय और मेंदोला की संस्था ने आयोजन स्थल बदलकर बड़ी राहत दी है। एमआर-9 पर श्यामनगर और प्राइम सिटी के बीच गौरीनगर निवासी घनश्याम चौधरी की 13 एकड़ जमीन पर संस्था ने आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी। मैदान पर लाइटिंग लग चुकी है। मैदान को बराबर करने का काम जारी है।
पिछले अनुभव को देखते हुए बदला स्थान
संस्था के कर्ताधर्ताओं का कहना है कि 2012 में सत्यसार्इं विद्या विहार के सामने स्थित मैदान पर गरबा आयोजित किया था। अनुभव यह रहा कि आयोजन के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है। क्षेत्र में पार्किंग बड़ा संकट है। सत्यसार्इं से बॉम्बे हॉस्पिटल के बीच की रोड की आवाजाही प्रभावित होती है। जाम लगता है। लोग परेशान होते हैं। सामने सत्यसार्इं और गुजराती जैसे स्कूल हैं। सामाजिक संस्थाओं के शैक्षणिक संस्थान और हॉस्टल है। पिछली बार शोर के कारण बॉम्बे हॉस्पिटल के मरीजों को भी दिक्कत आई थी। इसीलिए मैदान बदलना पड़ा।
वहां फायदे..
प्राइम सिटी के पास 13 एकड़ पर्याप्त जमीन है। आसपास खाली जमीन है। एमआर-9 जैसी रोड है जहां ज्यादा वाहनों का दबाव नहीं है। आसपास न कोई शैक्षणिक परिसर। न ही अस्पताल।
यह है दिक्कतें..
शैक्षणिक : तकरीबन 4.62 लाख वर्गफीट में फैले गुजराती समाज के परिसर में एसकेआरपी गुजराती हॉम्योपैथिक कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, आरजीपी गुजराती प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट, एसजेएचएस गुजराती इनोवेटिव कॉलेज आॅफ कॉमर्स एंड सांइस, एनएमटी गुजराती कॉलेज आॅफ फॉर्मेसी और एएमएन गुजराती इंग्लीश मिडियम स्कूल जैसी शैक्षणिक संस्थाएं हैं जहां तीन हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। इनके बीच 1.70 लाख वर्गफीट (4 एकड़) का मैदान देने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
खेलकूद : तकरीबन चार एकड़ जमीन पर किके्रट, फुटबॉल, टेनिस ग्राउंड हैं। जहां मध्यावकाश के दौरान बच्चे खेलते है। आयोजन पांच दिन का है लेकिन शामियाना तानने और निकालने के नाम पर भास्कर समूह 25 दिन मैदान में ही डटा रहेगा। इन 25 दिनों में चौतरफा सुरक्षित परिसर छोड़कर बच्चे कहां और कैसे खेलेंगे।
पार्किंग : तकरीबन चार एकड़ जमीन पर फैले इस मैदान में 100 से ज्यादा बसें, शिक्षकों के वाहन और बच्चो के दोपहिया वाहन पार्क होते हैं। 25 दिनों में यह वाहन कहां जाएंगे? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
यातायात : बेतरतीब पार्किंग से बीआरटीएस और रिंग रोड के बीच की लिंक रोड प्रभावित होगी। यह रोड विजयनगर, स्कीम-54, 74 और 78 को महालक्ष्मीनगर, चिकित्सकनगर, स्कीम-94, सार्इंविहार कॉलोनी, क्लासिक पुर्णिमा जैसी 20 से ज्यादा वैध-अवैध कॉलोनियों को जोड़ता है। यातायात विभाग भास्कर को अनुमति देने से पहले यदि सड़क पर वाहनों का दबाव जांच ले तो पता चल जाएगा कि यहां कितना लोड है।
स्वास्थ्य : गुजराती समाज और बॉम्बे हॉस्पिटल ‘जहां ज्यादातर क्रिटिकल केस आते हैं’, के बीच डॉ. सुनील जैन का टोटल हॉस्पिटल, गोल्ड जिम, महेश दृष्टिहीन कल्याण केंद्र व अपाहिजों से जुड़ी अन्य संस्थाएं और उनके परिसर हैं। इनमें से कुछ में हॉस्टल व्यवस्था भी है। एक लाख वॉट के साउंड इनकी सेहत भी बिगाड़ेगा। सामने बीसीएम हाईट्स और शेखर प्लेनेट जैसी मल्टियां हैं जहां कई आईएएस, आईपीएस और आईआरएस रहते हैं। वे भी प्रभावित होंगे।
सत्यसार्इं के सामने नहीं, प्राइम सिटी में होंगे मां कनकेश्वरी के गरबे..
क्षेत्र की सेंसेटिविटी और जनहित को देखते हुए बदला स्थान
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य जैसी सेंसेटिव सेवाओं को नजरअंदाज करते हुए जहां दैनिक भास्कर समूह गुजराती स्कूल के मैदान में गरबे की तैयारियां कर रहा है वहीं उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला की संस्था कनकेश्वरी ने अपना गरबा स्थल बदल दिया है। इस बार मां कनकेश्वरी देवी का गरबा सत्यसार्इं के सामने नहीं, बल्कि प्राइम सिटी और श्यामनगर के बीच स्थित मैदान पर होगा। इसका कारण आयोजक सत्यसार्इं के पास स्थानाभाव, सेंसेटिव सेवाओं और लोगों को होने वाली परेशानियों को बताते हैं।
गुजराती स्कूल में जब से दैनिक भास्कर ने अभिव्यक्ति की तैयारियां शुरू की है तभी से चर्चा तेज है कि मां कनकेश्वरी के गरबे कहां होंगे? यदि दोनों गरबे आमने-सामने हो गए तो क्या होगा? जैसे सवालों से परेशान हो रहे क्षेत्रवासियों को विजयवर्गीय और मेंदोला की संस्था ने आयोजन स्थल बदलकर बड़ी राहत दी है। एमआर-9 पर श्यामनगर और प्राइम सिटी के बीच गौरीनगर निवासी घनश्याम चौधरी की 13 एकड़ जमीन पर संस्था ने आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी। मैदान पर लाइटिंग लग चुकी है। मैदान को बराबर करने का काम जारी है।
पिछले अनुभव को देखते हुए बदला स्थान
संस्था के कर्ताधर्ताओं का कहना है कि 2012 में सत्यसार्इं विद्या विहार के सामने स्थित मैदान पर गरबा आयोजित किया था। अनुभव यह रहा कि आयोजन के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है। क्षेत्र में पार्किंग बड़ा संकट है। सत्यसार्इं से बॉम्बे हॉस्पिटल के बीच की रोड की आवाजाही प्रभावित होती है। जाम लगता है। लोग परेशान होते हैं। सामने सत्यसार्इं और गुजराती जैसे स्कूल हैं। सामाजिक संस्थाओं के शैक्षणिक संस्थान और हॉस्टल है। पिछली बार शोर के कारण बॉम्बे हॉस्पिटल के मरीजों को भी दिक्कत आई थी। इसीलिए मैदान बदलना पड़ा।
वहां फायदे..
प्राइम सिटी के पास 13 एकड़ पर्याप्त जमीन है। आसपास खाली जमीन है। एमआर-9 जैसी रोड है जहां ज्यादा वाहनों का दबाव नहीं है। आसपास न कोई शैक्षणिक परिसर। न ही अस्पताल।
यह है दिक्कतें..
शैक्षणिक : तकरीबन 4.62 लाख वर्गफीट में फैले गुजराती समाज के परिसर में एसकेआरपी गुजराती हॉम्योपैथिक कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, आरजीपी गुजराती प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट, एसजेएचएस गुजराती इनोवेटिव कॉलेज आॅफ कॉमर्स एंड सांइस, एनएमटी गुजराती कॉलेज आॅफ फॉर्मेसी और एएमएन गुजराती इंग्लीश मिडियम स्कूल जैसी शैक्षणिक संस्थाएं हैं जहां तीन हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। इनके बीच 1.70 लाख वर्गफीट (4 एकड़) का मैदान देने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
खेलकूद : तकरीबन चार एकड़ जमीन पर किके्रट, फुटबॉल, टेनिस ग्राउंड हैं। जहां मध्यावकाश के दौरान बच्चे खेलते है। आयोजन पांच दिन का है लेकिन शामियाना तानने और निकालने के नाम पर भास्कर समूह 25 दिन मैदान में ही डटा रहेगा। इन 25 दिनों में चौतरफा सुरक्षित परिसर छोड़कर बच्चे कहां और कैसे खेलेंगे।
पार्किंग : तकरीबन चार एकड़ जमीन पर फैले इस मैदान में 100 से ज्यादा बसें, शिक्षकों के वाहन और बच्चो के दोपहिया वाहन पार्क होते हैं। 25 दिनों में यह वाहन कहां जाएंगे? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
यातायात : बेतरतीब पार्किंग से बीआरटीएस और रिंग रोड के बीच की लिंक रोड प्रभावित होगी। यह रोड विजयनगर, स्कीम-54, 74 और 78 को महालक्ष्मीनगर, चिकित्सकनगर, स्कीम-94, सार्इंविहार कॉलोनी, क्लासिक पुर्णिमा जैसी 20 से ज्यादा वैध-अवैध कॉलोनियों को जोड़ता है। यातायात विभाग भास्कर को अनुमति देने से पहले यदि सड़क पर वाहनों का दबाव जांच ले तो पता चल जाएगा कि यहां कितना लोड है।
स्वास्थ्य : गुजराती समाज और बॉम्बे हॉस्पिटल ‘जहां ज्यादातर क्रिटिकल केस आते हैं’, के बीच डॉ. सुनील जैन का टोटल हॉस्पिटल, गोल्ड जिम, महेश दृष्टिहीन कल्याण केंद्र व अपाहिजों से जुड़ी अन्य संस्थाएं और उनके परिसर हैं। इनमें से कुछ में हॉस्टल व्यवस्था भी है। एक लाख वॉट के साउंड इनकी सेहत भी बिगाड़ेगा। सामने बीसीएम हाईट्स और शेखर प्लेनेट जैसी मल्टियां हैं जहां कई आईएएस, आईपीएस और आईआरएस रहते हैं। वे भी प्रभावित होंगे।
No comments:
Post a Comment