Sunday, June 28, 2015

गिरफ्तार होगा कोयला किंग भाटिया

- सुप्रीमकोर्ट ने गिरफ्तारी से रोक हटाई
- सीबीआई को मिलेगी जांच की नई दिशा 
इंदौर. विनोद शर्मा । 
देश की नवरत्न कम्पनी नालको के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर को रिश्वत में 10 किलोग्राम वजनी सोने की र्इंट देने वाले भाटिया इंटरनेशनल के सीएमडी जी.एस.भाटिया की गिरफ्तारी पर दो साल पहले लगाई रोक सुप्रीमकोर्ट ने हटा दी है। अब सीबीआई कभी भी भाटिया और भाटिया इंटरनेशनल के अन्य डायरेक्टरों को गिरफ्तार कर सकती है। स्टे 5 अगस्त को जारी हुआ। गौरतलब है कि भाटिया कोल की गिनती देश के सबसे बड़े कोयला ट्रेडर के रूप में होती है।
सीबीआई की कार्रवाई के खिलाफ भाटिया द्वारा याचिका (एसएलपी ‘क्रीमिनल’ 7133/2012) की अंतिम सुनवाई 5 अगस्त 2013 को हुई। सुनवाई जस्टिस एच.एल.गोखले और जस्टिस जे.चेलमेश्वर की संयुक्त बैंच में हुई। बैंचे सुनवाई के बाद भाटिया की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा भाटिया को जमानत प्राप्त है। ऐसे में गिरफ्तारी पर रोक क्यों रहे। इससे पहले भाटिया दिल्ली हाईकोर्ट की शरण (1346/2012 और 4764/2012) ले चुके हैं। बाद में सुप्रीमकोर्ट की शरण (एसएलपी क्राइम 18832/2012) गए। 10 सितंबर 2012 को सÞुप्रीमकोर्ट ने गिरफ्तारी पर स्टे दिया। इसके बाद 27 नवंबर 2012, 22 जनवरी 2013, 7 मार्च 2013, 30 अपै्रल 2013, 25 और 30 जुलाई 2013 को सुनवाई हुई। अंतिम सुनवाई  5 अगस्त को हुई इसके बाद ने स्टे खारिज कर दिया।
क्यों मिला था गिरफ्तारी पर स्टे..
 27 फरवरी 2011 को सीबीआई ने इंदौर, दिल्ली, मुंबई समेत आधा दर्जन शहरों पर छापे की कार्रवाई की है। सीबीआई दिल्ली ने नवरतन बाग स्थित बीसीसी हाउस में स्थित भाटिया इंटरनेशनल लिमिटेड के कॉरपोरेट आॅफिस पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कागजात जब्त किए थे। सीबीआई अधिकारियों ने मुख्य रूप से नालको से संबंधित कागजात जब्त किए गए। इनमें ज्यादातर ठेकों से संबंधी थे। कार्रवाई नालको चेयरमैन को रिश्वत देने के मामले में की गई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले भाटिया फरार हो गए। उन्होंने एक महीने से ज्यादा वक्त तक फरारी काटी। बाद में गिरफ्तार पर स्टे मिला।
ठेका हासिल करना था
नाल्को में कोयला आपूर्ति का बड़ा ठेका हासिल करने के लिए भाटिया समूह ने श्रीवास्तव को सोने की 10 र्ईटों की शक्ल में 10 किलो सोना दिया था। इसमें श्रीवास्तव का खासमखास भूषणलाल बजाज व पत्नी अनिता बिचौलिए की भूमिका में थे। 25 फरवरी 2011 को दिल्ली में श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई ने पूछताछ की, तब उसने भाटिया से रिश्वत की बात कबूली। इसके बाद तत्काल सीबीआई ने इंदौर स्थित बीसीसी हाउस पर छापा मारा।
ऐसे हुआ खुलासा...
सीबीआई ने पहले नालको के चेयरमेन अभय कुमार श्रीवास्तव की पत्नी चांदनी श्रीवास्तव, भूषणलाल बजाज और अनिता बजाज को गिरफ्तार किया। चांदनी श्रीवास्तव के बैग में 5 लाख रुपए नकद मिले। लॉकर में 10.188 किग्रा की कुल 10 सोने की र्इंटे मिली। 9.5 लाख रुपए के गहने भी थे।
सबसे बड़ा कोल ट्रेडिंग हाउस
गीताभवन चौराहे के पास बीसीसी हाउस में भाटिया इंटरनेशनल का आॅफिस है। भाटिया इंटरनेशनल कोयला, आयात, आपूर्ति, खनन, बिजली उत्पादन, पोर्ट मैनेजमेंट और शिपिंग बिजनेस में अग्रणी है। इसकी पहचान भारत के सबसे बड़े कोल ट्रेडिंग हाउस के रूप में है। कंपनी के पास उत्तर पूर्व और पश्चिम क्षेत्र में बड़े कोल ब्लॉक हैं। दक्षिक अफ्रिका और इंडोनेशिया में भी कोल ब्लॉक हैं। कंपनी 1979 से कोल ट्रेडिंग कर रही है।
एक नजर में प्रकरण...
सीबीआई
प्रकरण : आरसी एसी1 2011 ए00001 (धारा 7/8/13(2), 13(1)(बी) पीसीए 1988 और 120बी)
क्या प्रकरण : 2009 में नालको ने एक लाख मेट्रिक टन कोयले की आपूर्ति का टेंडर निकाला था जो भाटिया कोल इंटरनेशनल ने लिया। 2010 में नालको ने कई अलग-अलग टेंडर निकाले लेकिन सभी बीसीआई के खाते में गए।
- शिकायत की बिनाह पर फरवरी 2011 में छानबीन शुरू हुई।
- नालको के सीएमडी ए.के.श्रीवास्तव, पत्नी चांदनी श्रीवास्तव, बी.एल.बजाज, पत्नी अनिता बजाज, बीसीआई के सीएमडी जी.एस.भाटिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ।
- 3 मार्च तक रिमांड पर रखे गए।
- सीबीआई/पुलिस ने बीसीसी हाउस और बीसीआई पर दबिश दी। टेंडर डॉक्यूमेंट और पर्चेस डॉक्यूमेंट जब्त किए।
- गिरफ्तारी से पहले भाटिया फरार हो गए। महीनेभर तक इधर-उधर फरारी काटी।
- बाद में सुप्रीमकोर्ट की शरण ली। वहां से गिरफ्तारी पर स्टे मिला।

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