Sunday, June 28, 2015

सिंहस्थ 2016 तक बन जाएगा पत्थर मुंडला बस स्टैंड

- नगर निगम ने मंगवाए कंपनियों से प्रस्ताव
- 24 महीने की समयसीमा तय, 10 करोड़ में तैयार होगा नया स्टैंड और अप्रोच रोड
इंदौर. चीफ रिपोर्टर । 
इंदौर में निजी बसों के सबसे बड़े बस स्टैंड के रूप में पहचान प्राप्त नवलखा बस स्टैंड को बायपास स्थित पत्थर मुंडला गांव में शिफ्ट करने की तैयारियां नगर निगम ने तेज कर दी है। इस कड़ी में निगम ने बस स्टैंड, बिल्डिंग और अप्रोच रोड बनाने के लिए नोटिस जारी किया है। नोटिस में प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। नोटिस के मुताबिक काम की लागत 10 करोड़ रुपए आंकी गई है। सबकुछ तय वक्त पर हुआ तो 2016 के उज्जैन सिंहस्थ से पहले स्टैंड से बसें दौड़ने लगेगी।
रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) नोटिस नगर निगम की प्रोजेक्ट सेल ने निकाला है। इसके मुताबिक संबंधित कंपनियों को आर्किटेक्चरल, स्ट्रक्चरल, डिजाइनिंग, डिजाइन, ड्रॉइंग, सर्विस और मैनजमेंट के साथ सुपरविजन की जिम्मेदारी भी लेना होगी। इसके अलावा नायता मुंडला में बस स्टैंड परिसर के साथ अप्रोच रोड भी बनाना होगी। इसकी लागत 10 करोड़ आंकी गई। अर्नेस्ट मनी के रूप में एक लाख रुपए जमा करना होंगे जबकि सिक्यूरिटी डिपॉजिट के रूप में पांच लाख रुपए। काम की समयसीमा 24 महीने की तय की गई है।
अधिकारियों की मानें तो 30 अक्टूबर तक टेंडर डॉक्यूमेंट खरीदे जा सकते हैं। प्री-बिड मिटिंग 24 अक्टूबर को होगी। टेंडर जमा करने की अंतिम तारिख 7 नवंबर तय हुई है। टेक्नीकल बिड 11 नवंबर को खोली जाएगी जबकि फाइनेंशियल बिड 15 नवंबर 2013 को।
तो सिंहस्थ तक स्टैंड तैयार होना मुश्किल है...
चूंकि आचार संहिता लगी है इसीलिए वर्कआर्डर दिसंबर बाद ही जारी होगा। यदि  वर्कआर्डर जनवरी 2014 में जारी होता है तो 24 महीने की समयसीमा के मुताबिक जनवरी 2016 तक कंपनी को स्टैंड बनाकर देना होगा जो कि इंदौर की तमाम परियोजनाओं में बरती गई ढ़िलाई को देखते हुए मुश्किल लगता है। यदि परियोजना दो-चार महीने भी पिछड़ी तो सिंहस्थ तक स्टैंड तैयार नहीं हो पाएगा।
इसलिए जरूरी है...
- नया बस स्टैंड नए समय की बड़ी मांग।
- नवलखा बस स्टैंड पर बसों का दबाव ज्यादा है और जगह कम।
- नवलखा बस स्टैंड अब शहर के मध्य में है और भारी यातायात के कारण बसों का आना-जाना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में नायता मुंडला जो कि अभी शहरसीमा से बाहर है में स्टैंड बनने से बसों के साथ शहरवासियों को भी सहुलियत होगी।
- देवगुराड़िया चौराहे से लेकर नवलखा तक वाहनों का दबाव कम होगा।
दिक्कत यह भी...
- मौजूदा बस स्टैंड से प्रस्तावित स्टैंड की दूरी तकरीबन सात किलोमीटर है।
- बस स्टैंड से शहर में आने के लिए प्रशासन को लोक परिवहन की व्यवस्था करना होगी।
- चूंकि नवलखा ग्रामीण रूट की बसों का रूट है इसीलिए वहां लोक परिवहन भी सस्ता रखना होगा।
- यह भी ध्यान रखना होगा कि लोक परिवहन की जद में पूरा शहर हो।
यह भी जरूरी...
- बसों की संख्या को मौजूदा संख्या से तीन गुनी आंककर बने स्टैंड।
- सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था हो। पास में पुलिस चौकी जरूरी है क्योंकि सभी थाने दूर हैं।
- प्रमुख अप्रोच रोड पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी जरूरी है।
- बस स्टैंड पर पार्किंग शुल्क भी तय हो ताकि अनावश्यक बसें न खड़ी हो।

No comments:

Post a Comment