- दो साल में 500 करोड़ से ज्यादा की काली कमाई उजागर
- आला दर्जे के अधिकारी सवे चौथे दर्ज के चपरासी तक निकले चोर
इंदौर. विनोद शर्मा ।
अब तक आपने सूना होगा कि नाम बड़े, दर्शन छोटे लेकिन मप्र में उलटी गंगा बहती है। यहां नाम छोटे हैं लेकिन दर्शन बड़े हैं। यहां छोटे पद पर काम करने कर्मचारी भी नंबर वन घोटालेबाज बनने की दौड़ में है। लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की छानबीन में करोड़पति निकले पटवारी, क्लर्क, बाबू, राजस्व निरीक्षक और चपरासी साबित करते हैं कि 'शिवÓ के नेतृत्व में मप्र किस तरह समृद्धि का इतिहास गढ़ रहा है। आंकड़ों के लिहाज से बात करें दो साल में 500 करोड़ से ज्यादा के घपलेबाज उजागर हुए जबकि यह राशि देवास, सीहोर, धार, बड़वानी जैसे आधा दर्जन शहरों के वार्षिक बजट से भी ज्यादा है। 'सरकारÓ और 'सिपाहासालारोंÓ की समृद्धि शिव सरकार के उन आलोचकों को करारा जवाब है जो यह कहते हैं कि मप्र गले-गले तक कर्ज में डूबा है। यहां न गरीबों के लिए राशन है..। न जरूरत मंदों के लिए आर्थिक सहायता...। न ही आईईटी और इंदौर-मनमाड़ जैसे अहम योजनाओं के लिए सरकार के पास पैसा है..।
मप्र में इन दिनों जनता को गुमराह करने का काम जोरों पर चल रहा है। ये काम कोई और नहीं, बल्कि खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही कर रहे हैं। सार्वजनिक मंचों पर भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने जितनी बाते कहीं, भ्रष्टाचार के जितने नुकसान गिनाए और मप्र में भ्रष्टाचार को खत्म करने को लेकर जितनी भी बातें कहीं, उनमें से एक पर भी अमल हो जाता तो यहां आधे से ज्यादा नौकरशाह और दर्जनों मंत्री सलाखों के पीछे होते। ऐसा हुआ नहीं। वे मंच पर भ्रष्टाचार का विरोध करते हैं और उनका मैदानी अमला ऊपरी कमाई के सारे रिकार्ड तोड़ रहा है। फीलगुड फेक्टर दिखाकर सरकार 2013 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। वहीं अधिकारी 'शिवÓ सरकार के प्रयासों पर पलीता मार रहे हैं। बड़े बजट के बावजूद न किसानों की हालत सुधरी। न गरीब को दवाई मिली। न जरूरत मंदों को सड़क और अनाज मिला। उज्जैन के पावन सिम्हस्थ को लेकर अधिकारियों के इरादे कितने पाक है यह उज्जैन लोकायुक्त द्वारा 2011-12 और 2012-13 में अब तक हुई कार्रवाइयों में उजागर हो गया। कार्रवाइयों के लिहाज से बात करें तो 10 से 15 हजार रुपए की तनख्वाह पाने वाले तीसरे और चौथे दर्ज के अधिकारी भी संपन्नता में किसी जागीरदार से कम नहीं रहे।
स्वीटजरलैंड में जमा है पैसा
भारत को सीक्रेट बैंक खातों से जुड़े आंकड़े देने के लिए स्विट्जरलैंड बैंक की रजामंदी ने उन दो दर्जन से अधिक आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ मंत्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी है जो विदेशों में पैसा लगाकर बैठे हैं। बीते दिनों जारी एक रिपोर्ट की मानें तो मप्र में पदस्थ दो दर्जन से ज्यादा आईएएस और आईपीएस अधिकारी ऐसे हैं जिनका पैसा स्वीस बैंकों में जमा है। कई अधिकारी ऐसे भी हैं जो विदेशों में चल रही रियल एस्टेट या मल्टी टाउनशिप परियोजनाओं के साथ पॉवर प्रोजेक्ट में भी परिचितों के साथ पैसा लगा चुके हैं। प्रदेश के अफसरों के बेल्जियम में अपार्टमेंट हैं। थाईलैंड में अपार्टमेंट हैं। सिंगापुर में मॉल है। दुबई में भी अपार्टमेंट हैं। थाईलैंड, मलेशिया और पटाया में ऐशोआराम के लिए जाने वाले हिंदुस्तानियों में मप्र के अधिकारी और उनके परिवार भी शामिल हैं। इसी तरह दो दर्जन से ज्यादा मौजूदा और पूर्व मंत्री ऐसे हैं जिनका भी विदेशों में पैसा लगा है।
इन कामों के लिए है बजट की कमी
-- इंदौर- नेमावर सड़क विस्तार
-- पश्चिमी रिंग रोड (चंदननगर से मोहताबाग)
-- बजट संकट में बंद हो गई मप्र राज्य सड़क परिवहन की बसें
-- जल संसाधन विभाग की दर्जनों परियोजनाएं अटकी
-- 70 फीसदी सरकारी स्कूल जर्जर
-- बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को वक्त पर नहीं मिलता राशन
्र-- किसानों को न बिजली मिल रही है न पानी
2010 से 2012 के बीच हुई कार्रवाइयां
अधिकारी उजागर संपत्ति (करोड़ में)
अरविंद जोशी, टीनू जोशी आईएएस 340
डॉ. ए.एन.मित्तल 100
एस.के.प्लास, डीएफओ 50
डॉ.विनोद लहरी, शा.अस्पताल नागदा 25
नरेंद्र देशमुख, चपरासी नगर निगम उज्जैन 10
रमण धुलधोए, परिवहन इंदौर 40
एस.के.पलाश, डीएफओ 30
डॉ.राजेश कोठारी 60
अशोक जैन, पीडब्यूडी इंजीनियर 05
संतोष आर्य, ग्रामीण यांत्रिकी 10
राधेश्याम पाटीदार, सब इंजीनियर खरगोन 10
वीरेंद्रकुमार आर्य, कृषि उपज मंडी 09
विमल गंगवाल, आईडीए 08
बाबूलाल गोमे, पटवारी उज्जैन 04
आनंद पाठक, सहकारिता निरीक्षक 02
रवींद्र जैन, हवलदार परिवहन विभाग 08
रमेश द्विवेदी, पीएचई एई 20
ब्रजेंद्र शर्मा, कल्याण निरीक्षक 10
भवानीप्रसाद भारके, आबकारी 06
पुरुषोत्तम सोमकुंअर, जेलर 05
लाखनसिंह, सीअईओ जनपद सेंधवा 04
अमर यादव, सहकारी बैंक 04
कैलाश सांघते, राजस्व निरीक्षक 10
डी.एस.परमार, आदिवासी विकास विभाग 03
इन अधिकारियों के खिलाफ भी हुई लोकायुक्त कार्रवाई
अधिकारी आरोप
मनीष श्रीवास्तव त्रैमासिक अर्धवार्षिक परीक्षा के मुद्रण कार्य में घेटाला
अरूण पांडे खनिज लीज में ठेकेदारों को अवैध लाभ पंहुचाना
गोपाल रेड्डी कॉलोनाइजरों को अनुचित लाभ देकर शासन को आर्थिक हानि पहुंचाई
अनिता दास ऊन तथा सिल्क साडिय़ों के क्रय में भ्रष्टाचार
दिलीप मेहरा कायर्पालन यंत्री से अधीक्षण यंत्री की पदोन्नति में अनियमितताएं
टी राधाकृष्णन दवा खरीदी में अनियमितताएं
एसएस उप्पल पांच लाख रूपए लेकर भूमाफियाओं को अनुज्ञा दी
एमके सिंह तीन करोड़ रूपए का मुद्रण कार्य आठ करोड़ रूपए में कराया
संजय दुबे शिक्षाकमिर्यों के चयन में अनियमितताएं
रामकिंकर गुप्ता स्कीम 54 में निजी कंपनी को सौ करोड़ रुपए का अवैध लाभ पंहुचाया
एमके वाष्र्णेय सम्पत्ति कर का अनाधिकृत निराकरण करने से निगम को आर्थिक हानि
आरके गुप्ता निविदा स्वीकृति में अनियमितताएं
एन्टोनी डिसा निविदा स्वीकृति में अनियमितताएं
केदारलाल शर्मा सेन्ट्रीफ्यूगल पम्प क्रय में अनियमितताएं
शशि कर्णावत पद का दुरुपयोग, दो शिकायतें
केके खरे पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार
महेन्द्रसिंह भिलाला 75 लाख रुपए की खरीदी में अनियमितताएं
अलका उपाध्याय भारी धन राशि लेकर छह माह तक दवा सप्लाई के आदेश जारी नहीं किए
सोमनाथ झारिया 4 वर्षों से भ्रष्टाचार एवं पद का दुरुपयोग करना
डॉ. पवन कुमार शर्मा बगैर रोड़ बनाए ठेकेदार को पांच लाख का भुगतान करना
ईओडब्ल्यू कर रही है इनकी जांच
अधिकारी आरोप
तरूण गुप्ता फर्जी यात्रा देयक
आरके गुप्ता इंदौर में मैकेनिक नगर में गलत तरीके से लीज
डीके तिवारी/एवी सिंह ट्रेजर आईलैंड की भूमि उपांतरित करने में गड़बड़ी
एसएस अली/एमके अग्रवाल फर्जी फर्मों के द्वारा सर्वे सामग्री एवं कंप्यूटर खरीदी
शिखा दुबे अनुसूचित जाति विद्यार्थियों की गणवेश खरीदी में अनियमितता
जीपी सिंघल/टी धर्माराव प्राइवेट डिस्टलरी से देशी शराब की बॉटलिंग कराने का आरोप
योगेन्द्र कुमार शराब दूकान बंद कराने की धमकी देकर लाईसेंसधारियों से वसूली
आरएन बैरवा अनुसूचित जाति के छात्रों के भोजन बजट में गड़बड़ी
मनीष रस्तोगी सतना में रोजगार गारंटी योजना में 10 करोड़ की अनियमितता
विवेक पोरवाल सतना में रोजगार गारंटी योजना में 10 करोड़ की अनियमितता
हरिरंजन राव रॉयल्टी का भुगतान नहीं करने से शासन को लाखों की चपत लगाई
अंजू सिंह बघेल मनरेगा में भुगतान की गड़बड़ी
एसएस शुक्ला बाल श्रमिक प्रशिक्षण में आठ करोड़ रुपए का दुरुपयोग
सीबी सिंह बिल्डर्स को लाभ पहुंचाने के लिए अवैध निर्माण व विक्रय
प्रमोद अग्रवाल औद्योगिक केंद्र विकास निगम में अनियमितताएं
आशीष श्रीवास्तव एमपीएसआईडीसी की राशि से बैंक लोन पटाया
संजय गोयल नरेगा में कुंआ निर्माण में अनियमितता
एसएन शर्मा ट्रांसफर के बाद बंगले पर फाइलें बुलाकर आम्र्स लाइसेंस स्वीकृत किए
- आला दर्जे के अधिकारी सवे चौथे दर्ज के चपरासी तक निकले चोर
इंदौर. विनोद शर्मा ।
अब तक आपने सूना होगा कि नाम बड़े, दर्शन छोटे लेकिन मप्र में उलटी गंगा बहती है। यहां नाम छोटे हैं लेकिन दर्शन बड़े हैं। यहां छोटे पद पर काम करने कर्मचारी भी नंबर वन घोटालेबाज बनने की दौड़ में है। लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की छानबीन में करोड़पति निकले पटवारी, क्लर्क, बाबू, राजस्व निरीक्षक और चपरासी साबित करते हैं कि 'शिवÓ के नेतृत्व में मप्र किस तरह समृद्धि का इतिहास गढ़ रहा है। आंकड़ों के लिहाज से बात करें दो साल में 500 करोड़ से ज्यादा के घपलेबाज उजागर हुए जबकि यह राशि देवास, सीहोर, धार, बड़वानी जैसे आधा दर्जन शहरों के वार्षिक बजट से भी ज्यादा है। 'सरकारÓ और 'सिपाहासालारोंÓ की समृद्धि शिव सरकार के उन आलोचकों को करारा जवाब है जो यह कहते हैं कि मप्र गले-गले तक कर्ज में डूबा है। यहां न गरीबों के लिए राशन है..। न जरूरत मंदों के लिए आर्थिक सहायता...। न ही आईईटी और इंदौर-मनमाड़ जैसे अहम योजनाओं के लिए सरकार के पास पैसा है..।
मप्र में इन दिनों जनता को गुमराह करने का काम जोरों पर चल रहा है। ये काम कोई और नहीं, बल्कि खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही कर रहे हैं। सार्वजनिक मंचों पर भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने जितनी बाते कहीं, भ्रष्टाचार के जितने नुकसान गिनाए और मप्र में भ्रष्टाचार को खत्म करने को लेकर जितनी भी बातें कहीं, उनमें से एक पर भी अमल हो जाता तो यहां आधे से ज्यादा नौकरशाह और दर्जनों मंत्री सलाखों के पीछे होते। ऐसा हुआ नहीं। वे मंच पर भ्रष्टाचार का विरोध करते हैं और उनका मैदानी अमला ऊपरी कमाई के सारे रिकार्ड तोड़ रहा है। फीलगुड फेक्टर दिखाकर सरकार 2013 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। वहीं अधिकारी 'शिवÓ सरकार के प्रयासों पर पलीता मार रहे हैं। बड़े बजट के बावजूद न किसानों की हालत सुधरी। न गरीब को दवाई मिली। न जरूरत मंदों को सड़क और अनाज मिला। उज्जैन के पावन सिम्हस्थ को लेकर अधिकारियों के इरादे कितने पाक है यह उज्जैन लोकायुक्त द्वारा 2011-12 और 2012-13 में अब तक हुई कार्रवाइयों में उजागर हो गया। कार्रवाइयों के लिहाज से बात करें तो 10 से 15 हजार रुपए की तनख्वाह पाने वाले तीसरे और चौथे दर्ज के अधिकारी भी संपन्नता में किसी जागीरदार से कम नहीं रहे।
स्वीटजरलैंड में जमा है पैसा
भारत को सीक्रेट बैंक खातों से जुड़े आंकड़े देने के लिए स्विट्जरलैंड बैंक की रजामंदी ने उन दो दर्जन से अधिक आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ मंत्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी है जो विदेशों में पैसा लगाकर बैठे हैं। बीते दिनों जारी एक रिपोर्ट की मानें तो मप्र में पदस्थ दो दर्जन से ज्यादा आईएएस और आईपीएस अधिकारी ऐसे हैं जिनका पैसा स्वीस बैंकों में जमा है। कई अधिकारी ऐसे भी हैं जो विदेशों में चल रही रियल एस्टेट या मल्टी टाउनशिप परियोजनाओं के साथ पॉवर प्रोजेक्ट में भी परिचितों के साथ पैसा लगा चुके हैं। प्रदेश के अफसरों के बेल्जियम में अपार्टमेंट हैं। थाईलैंड में अपार्टमेंट हैं। सिंगापुर में मॉल है। दुबई में भी अपार्टमेंट हैं। थाईलैंड, मलेशिया और पटाया में ऐशोआराम के लिए जाने वाले हिंदुस्तानियों में मप्र के अधिकारी और उनके परिवार भी शामिल हैं। इसी तरह दो दर्जन से ज्यादा मौजूदा और पूर्व मंत्री ऐसे हैं जिनका भी विदेशों में पैसा लगा है।
इन कामों के लिए है बजट की कमी
-- इंदौर- नेमावर सड़क विस्तार
-- पश्चिमी रिंग रोड (चंदननगर से मोहताबाग)
-- बजट संकट में बंद हो गई मप्र राज्य सड़क परिवहन की बसें
-- जल संसाधन विभाग की दर्जनों परियोजनाएं अटकी
-- 70 फीसदी सरकारी स्कूल जर्जर
-- बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को वक्त पर नहीं मिलता राशन
्र-- किसानों को न बिजली मिल रही है न पानी
2010 से 2012 के बीच हुई कार्रवाइयां
अधिकारी उजागर संपत्ति (करोड़ में)
अरविंद जोशी, टीनू जोशी आईएएस 340
डॉ. ए.एन.मित्तल 100
एस.के.प्लास, डीएफओ 50
डॉ.विनोद लहरी, शा.अस्पताल नागदा 25
नरेंद्र देशमुख, चपरासी नगर निगम उज्जैन 10
रमण धुलधोए, परिवहन इंदौर 40
एस.के.पलाश, डीएफओ 30
डॉ.राजेश कोठारी 60
अशोक जैन, पीडब्यूडी इंजीनियर 05
संतोष आर्य, ग्रामीण यांत्रिकी 10
राधेश्याम पाटीदार, सब इंजीनियर खरगोन 10
वीरेंद्रकुमार आर्य, कृषि उपज मंडी 09
विमल गंगवाल, आईडीए 08
बाबूलाल गोमे, पटवारी उज्जैन 04
आनंद पाठक, सहकारिता निरीक्षक 02
रवींद्र जैन, हवलदार परिवहन विभाग 08
रमेश द्विवेदी, पीएचई एई 20
ब्रजेंद्र शर्मा, कल्याण निरीक्षक 10
भवानीप्रसाद भारके, आबकारी 06
पुरुषोत्तम सोमकुंअर, जेलर 05
लाखनसिंह, सीअईओ जनपद सेंधवा 04
अमर यादव, सहकारी बैंक 04
कैलाश सांघते, राजस्व निरीक्षक 10
डी.एस.परमार, आदिवासी विकास विभाग 03
इन अधिकारियों के खिलाफ भी हुई लोकायुक्त कार्रवाई
अधिकारी आरोप
मनीष श्रीवास्तव त्रैमासिक अर्धवार्षिक परीक्षा के मुद्रण कार्य में घेटाला
अरूण पांडे खनिज लीज में ठेकेदारों को अवैध लाभ पंहुचाना
गोपाल रेड्डी कॉलोनाइजरों को अनुचित लाभ देकर शासन को आर्थिक हानि पहुंचाई
अनिता दास ऊन तथा सिल्क साडिय़ों के क्रय में भ्रष्टाचार
दिलीप मेहरा कायर्पालन यंत्री से अधीक्षण यंत्री की पदोन्नति में अनियमितताएं
टी राधाकृष्णन दवा खरीदी में अनियमितताएं
एसएस उप्पल पांच लाख रूपए लेकर भूमाफियाओं को अनुज्ञा दी
एमके सिंह तीन करोड़ रूपए का मुद्रण कार्य आठ करोड़ रूपए में कराया
संजय दुबे शिक्षाकमिर्यों के चयन में अनियमितताएं
रामकिंकर गुप्ता स्कीम 54 में निजी कंपनी को सौ करोड़ रुपए का अवैध लाभ पंहुचाया
एमके वाष्र्णेय सम्पत्ति कर का अनाधिकृत निराकरण करने से निगम को आर्थिक हानि
आरके गुप्ता निविदा स्वीकृति में अनियमितताएं
एन्टोनी डिसा निविदा स्वीकृति में अनियमितताएं
केदारलाल शर्मा सेन्ट्रीफ्यूगल पम्प क्रय में अनियमितताएं
शशि कर्णावत पद का दुरुपयोग, दो शिकायतें
केके खरे पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार
महेन्द्रसिंह भिलाला 75 लाख रुपए की खरीदी में अनियमितताएं
अलका उपाध्याय भारी धन राशि लेकर छह माह तक दवा सप्लाई के आदेश जारी नहीं किए
सोमनाथ झारिया 4 वर्षों से भ्रष्टाचार एवं पद का दुरुपयोग करना
डॉ. पवन कुमार शर्मा बगैर रोड़ बनाए ठेकेदार को पांच लाख का भुगतान करना
ईओडब्ल्यू कर रही है इनकी जांच
अधिकारी आरोप
तरूण गुप्ता फर्जी यात्रा देयक
आरके गुप्ता इंदौर में मैकेनिक नगर में गलत तरीके से लीज
डीके तिवारी/एवी सिंह ट्रेजर आईलैंड की भूमि उपांतरित करने में गड़बड़ी
एसएस अली/एमके अग्रवाल फर्जी फर्मों के द्वारा सर्वे सामग्री एवं कंप्यूटर खरीदी
शिखा दुबे अनुसूचित जाति विद्यार्थियों की गणवेश खरीदी में अनियमितता
जीपी सिंघल/टी धर्माराव प्राइवेट डिस्टलरी से देशी शराब की बॉटलिंग कराने का आरोप
योगेन्द्र कुमार शराब दूकान बंद कराने की धमकी देकर लाईसेंसधारियों से वसूली
आरएन बैरवा अनुसूचित जाति के छात्रों के भोजन बजट में गड़बड़ी
मनीष रस्तोगी सतना में रोजगार गारंटी योजना में 10 करोड़ की अनियमितता
विवेक पोरवाल सतना में रोजगार गारंटी योजना में 10 करोड़ की अनियमितता
हरिरंजन राव रॉयल्टी का भुगतान नहीं करने से शासन को लाखों की चपत लगाई
अंजू सिंह बघेल मनरेगा में भुगतान की गड़बड़ी
एसएस शुक्ला बाल श्रमिक प्रशिक्षण में आठ करोड़ रुपए का दुरुपयोग
सीबी सिंह बिल्डर्स को लाभ पहुंचाने के लिए अवैध निर्माण व विक्रय
प्रमोद अग्रवाल औद्योगिक केंद्र विकास निगम में अनियमितताएं
आशीष श्रीवास्तव एमपीएसआईडीसी की राशि से बैंक लोन पटाया
संजय गोयल नरेगा में कुंआ निर्माण में अनियमितता
एसएन शर्मा ट्रांसफर के बाद बंगले पर फाइलें बुलाकर आम्र्स लाइसेंस स्वीकृत किए
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