खुली जमीन का पैसा देकर मल्टियां तानकर बैठ गए बिल्डर
इंदौर. विनोद शर्मा ।
नगर निगम को नुकसान पहुंचाने के लिए संकल्पित राजस्व विभाग के रंगदार खसरा खजराना में बिल्डरों को दिल खोलकर फायदा पहुंचा रहे हैं। खजराना चौराहा स्थित शुभलाभ और कनाड़िया रोड स्थित पूर्व कांग्रेस सांसद के खासमखास अभय जैन की कृति डेवलपर्स जैसी दर्जनों टाउनशीप्स बड़ा उदाहरण है। राजस्व दस्तावेजों की मानें तो तीसरे दर्जे का संपत्ति कर लेकर इन्हें सालाना लाखों रुपए का फायदा पहुंचाया जा रहा है।
शुभलाभ डेवलपर्स, शुभलाभ इन्फ्रास्टक्चर,जीएंडजी डेवलपर्स और कृति डेवलपर्स जैसे क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा और शहरभर में हजारों की तादाद में खातेदार हैं। संपत्ति कर का निर्धारण पांच रेट जोन से होता है। इसमें क्रम 5 से 1 तक जाता है। 5 यानी सबसे कमजोर और 1 यानी सबसे अच्छा। राजस्व विभाग का दस्ता जिन बिल्डरों को फायदा पहुंचाना चाहता है उनकी रसीदें जोन रेट 5, 4 या 3 में काट दी जाती है जबकि तीनों ही दरें टाउनशीप्स पर लागू नहीं होती। क्योंकि टाउनशीप पहले ही व्यवस्थित और विकसित होती है। कमजोर दरें सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर या पिछड़े क्षेत्रों पर लागू होती है। खसरा खजराना में 70 हजार वर्गफीट से ज्यादा जमीन पर गगनचुम्बी इमारतें खड़ी करके मोटी रकम कमाने वाले शुभलाभ डेवलपर्स, शुभलाभ इन्फ्रास्टक्चर,जीएंडजी डेवलपर्स और कृति डेवलपर्स के खाते भी रेट जोन-3 में खोले गए हैं।
नियमानुसार यदि टाउनशीप या संपत्ति मेनरोड से लगी हो तो उस पर 10 रुपए/वर्गफीट अतिरिक्त देना होता है लेकिन इसका जिक्र कोई नहीं करता। जैसे कृति डेवलपर्स, शुभलाभ, अतूल पिता ज्ञानचंद, संजय पिता मोहनलाल सोमानी की बिल्डिंगें मुख्य मार्ग के आसपास है। न सिर्फ विकसित बल्कि सर्वसुविधायुक्त है बावजूद इसके उनसे बस्तियों का टैक्स लिया जा रहा है।
शुभलाभ टॉवर : अब भी जमीन ही
शुभलाभ का प्लॉट का खाता आज भी चल रहा है जबकि खजराना चौराहे पर शुभलाभ की लंबीचौड़ी टाउनशीप आकार लिए तकरीबन पांच साल से ज्यादा हो चुके हैं। दस्तावेजों में बदलाव आज तक नहीं हुआ।
यह है रेट जोन का खेल...
रेट जोन की दरों को क्षेत्रफल से गुणा करके पहले वार्षिक भाड़ा मुल्य निकाला जाता है। बाद में इसे 6, 8 और 10 प्रतिशत की श्रेणी में बांट दिया जाता है। जैसे 100 वर्गफीट को यदि 12 रुपए वर्गफीट से गुणा करें तो 1200 रुपए वार्षिक भाड़ा मुल्य है। 6 प्रतिशत निकालेंगे तो 72 रुपए संपत्ति कर होगा। 10 प्रतिशत की श्रेणी में होगा तो इनते ही निर्माण के 120 रुपए संपत्ति कर देना होंगे। इस पर शिक्षा उपकर (2% वार्षिक भाड़ा मुल्य पर), नगरीय विकास(1% वार्षिक भाड़ा), समेकित कर (कुल संपत्ति कर का 50 प्रतिशत), जल अभिकर (कुल संपत्ति कर का 10 प्रतिशत) और डेÑनेज टैक्स (20 प्रतिशत कुल संपत्ति कर का) आरोपित करके फाइनल संपत्ति कर का बिल बनाया जाता है। वैसे
60 हजार रुपए वर्गफीट से ऊपर का निर्माण 10 प्रतिशत की श्रेणी में आएगा। जिसे फायदा पहुंचाना है उसे 10 के बजाय 8 या 6 प्रतिशत की सूची में डालकर जोड़ा जाता है। बाकी टैक्स की गणना भी उसी आधार होगी।
यह है रेट जोन का फंडा (रूपए वर्गफीट में )
रे.जो-1 रे.जो-2 रे.जो-3 रे.जो-4 रे.जो-5
आरसीसी 30 26 21 18 16
चद्दर-कवेली 20 18 16 14 12
कच्चे भवन 16 14 12 10 8
जमीन 18 15 12 9 6
(यह आवासीय दरें हैं)
जीएंडजी डेवलपर्स
मालिक : आशीष गोयल, गोपाल गोयल
सर्वे नं. 338, 338/1 342, 343, 344, 345/1/1, 345/1/2, 345/1/3, 345/2, 322/1, 322/2, 325/1/5/1, 325/1/5/2
क्षेत्रफल = 7,21,490 वर्गफीट
खाता खुला- 2012-13 में
रेट जोन- 5 (12 रुपए वर्गफीट)
शुभलाभ डेवलपर्स
भूपेश पिता लक्ष्मीकांत व्यास
850/1850/2, 862/4, 862/5, 862/6, 862/7
क्षेत्रफल - 72952
खाता खुला- 2007-08
रेट जोन- 5 (12 रुपए/वर्गफीट)
शुभ लाभ इन्फ्रास्टक्चर
सत्यनारायण पिता बाबूलाल मुंदड़ा
सर्वे नं. 488/2/1, 488/2/2, 488/3/1, 488/3/2, 488/4/1 और 488/4/2
क्षेत्रफल - 90426
खाता खुला= 2007-08 से
रेट जोन- 5 (12 रुपए/वर्गफीट)
कृति डेवलपर्स
अभय पिता छगनलाल जैन
1105, 1528
क्षेत्रफल- 117597
खाता खुला-2008-09 में
रेट जोन- 5 (12 रुपए/वर्गफीट)
इंदौर. विनोद शर्मा ।
नगर निगम को नुकसान पहुंचाने के लिए संकल्पित राजस्व विभाग के रंगदार खसरा खजराना में बिल्डरों को दिल खोलकर फायदा पहुंचा रहे हैं। खजराना चौराहा स्थित शुभलाभ और कनाड़िया रोड स्थित पूर्व कांग्रेस सांसद के खासमखास अभय जैन की कृति डेवलपर्स जैसी दर्जनों टाउनशीप्स बड़ा उदाहरण है। राजस्व दस्तावेजों की मानें तो तीसरे दर्जे का संपत्ति कर लेकर इन्हें सालाना लाखों रुपए का फायदा पहुंचाया जा रहा है।
शुभलाभ डेवलपर्स, शुभलाभ इन्फ्रास्टक्चर,जीएंडजी डेवलपर्स और कृति डेवलपर्स जैसे क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा और शहरभर में हजारों की तादाद में खातेदार हैं। संपत्ति कर का निर्धारण पांच रेट जोन से होता है। इसमें क्रम 5 से 1 तक जाता है। 5 यानी सबसे कमजोर और 1 यानी सबसे अच्छा। राजस्व विभाग का दस्ता जिन बिल्डरों को फायदा पहुंचाना चाहता है उनकी रसीदें जोन रेट 5, 4 या 3 में काट दी जाती है जबकि तीनों ही दरें टाउनशीप्स पर लागू नहीं होती। क्योंकि टाउनशीप पहले ही व्यवस्थित और विकसित होती है। कमजोर दरें सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर या पिछड़े क्षेत्रों पर लागू होती है। खसरा खजराना में 70 हजार वर्गफीट से ज्यादा जमीन पर गगनचुम्बी इमारतें खड़ी करके मोटी रकम कमाने वाले शुभलाभ डेवलपर्स, शुभलाभ इन्फ्रास्टक्चर,जीएंडजी डेवलपर्स और कृति डेवलपर्स के खाते भी रेट जोन-3 में खोले गए हैं।
नियमानुसार यदि टाउनशीप या संपत्ति मेनरोड से लगी हो तो उस पर 10 रुपए/वर्गफीट अतिरिक्त देना होता है लेकिन इसका जिक्र कोई नहीं करता। जैसे कृति डेवलपर्स, शुभलाभ, अतूल पिता ज्ञानचंद, संजय पिता मोहनलाल सोमानी की बिल्डिंगें मुख्य मार्ग के आसपास है। न सिर्फ विकसित बल्कि सर्वसुविधायुक्त है बावजूद इसके उनसे बस्तियों का टैक्स लिया जा रहा है।
शुभलाभ टॉवर : अब भी जमीन ही
शुभलाभ का प्लॉट का खाता आज भी चल रहा है जबकि खजराना चौराहे पर शुभलाभ की लंबीचौड़ी टाउनशीप आकार लिए तकरीबन पांच साल से ज्यादा हो चुके हैं। दस्तावेजों में बदलाव आज तक नहीं हुआ।
यह है रेट जोन का खेल...
रेट जोन की दरों को क्षेत्रफल से गुणा करके पहले वार्षिक भाड़ा मुल्य निकाला जाता है। बाद में इसे 6, 8 और 10 प्रतिशत की श्रेणी में बांट दिया जाता है। जैसे 100 वर्गफीट को यदि 12 रुपए वर्गफीट से गुणा करें तो 1200 रुपए वार्षिक भाड़ा मुल्य है। 6 प्रतिशत निकालेंगे तो 72 रुपए संपत्ति कर होगा। 10 प्रतिशत की श्रेणी में होगा तो इनते ही निर्माण के 120 रुपए संपत्ति कर देना होंगे। इस पर शिक्षा उपकर (2% वार्षिक भाड़ा मुल्य पर), नगरीय विकास(1% वार्षिक भाड़ा), समेकित कर (कुल संपत्ति कर का 50 प्रतिशत), जल अभिकर (कुल संपत्ति कर का 10 प्रतिशत) और डेÑनेज टैक्स (20 प्रतिशत कुल संपत्ति कर का) आरोपित करके फाइनल संपत्ति कर का बिल बनाया जाता है। वैसे
60 हजार रुपए वर्गफीट से ऊपर का निर्माण 10 प्रतिशत की श्रेणी में आएगा। जिसे फायदा पहुंचाना है उसे 10 के बजाय 8 या 6 प्रतिशत की सूची में डालकर जोड़ा जाता है। बाकी टैक्स की गणना भी उसी आधार होगी।
यह है रेट जोन का फंडा (रूपए वर्गफीट में )
रे.जो-1 रे.जो-2 रे.जो-3 रे.जो-4 रे.जो-5
आरसीसी 30 26 21 18 16
चद्दर-कवेली 20 18 16 14 12
कच्चे भवन 16 14 12 10 8
जमीन 18 15 12 9 6
(यह आवासीय दरें हैं)
जीएंडजी डेवलपर्स
मालिक : आशीष गोयल, गोपाल गोयल
सर्वे नं. 338, 338/1 342, 343, 344, 345/1/1, 345/1/2, 345/1/3, 345/2, 322/1, 322/2, 325/1/5/1, 325/1/5/2
क्षेत्रफल = 7,21,490 वर्गफीट
खाता खुला- 2012-13 में
रेट जोन- 5 (12 रुपए वर्गफीट)
शुभलाभ डेवलपर्स
भूपेश पिता लक्ष्मीकांत व्यास
850/1850/2, 862/4, 862/5, 862/6, 862/7
क्षेत्रफल - 72952
खाता खुला- 2007-08
रेट जोन- 5 (12 रुपए/वर्गफीट)
शुभ लाभ इन्फ्रास्टक्चर
सत्यनारायण पिता बाबूलाल मुंदड़ा
सर्वे नं. 488/2/1, 488/2/2, 488/3/1, 488/3/2, 488/4/1 और 488/4/2
क्षेत्रफल - 90426
खाता खुला= 2007-08 से
रेट जोन- 5 (12 रुपए/वर्गफीट)
कृति डेवलपर्स
अभय पिता छगनलाल जैन
1105, 1528
क्षेत्रफल- 117597
खाता खुला-2008-09 में
रेट जोन- 5 (12 रुपए/वर्गफीट)
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