Sunday, June 28, 2015

आईबीडी पर आयकर छापा special

फजीहत में फर्जीवाड़े
भू-माफिया बॉबी और विवादित बिल्डर चम्पू के चेले हैं स्थानीय संचालक
संचालकों में 'देवी अहिल्याÓ की संचालक मनीषा का पति अतूल भी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
सवा लाख करोड़ के करारनामों के साथ सफलता का इतिहास रचने वाली इन्वेस्टर्स समिट 30 अक्टूबर को संपन्न हुई थी और 30 नवंबर को आयकर की इन्वेस्टिगेशन विंग ने उस आईबीडी ग्रुप के खिलाफ छापामार कार्रवाई शुरू कर दी जिसने समिट में 780 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया था। यह बात अलग है कि कंपनी ने 1210 नौकरियों के साथ जिन पांच चरणों में निवेश का प्रस्ताव दिया था उनमें आधे से अधिक का काम पहले ही हो चुका है। एमओयू साइन करने वाली समूह की पांच में से तीन फर्मों का वजूद हवा में है। मुलत: भोपाल से ताल्लुक रखने वाले समूह की आईबीडी स्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि., इंदौर की बतौर संचालक कमान संभालने वाले अरूण डागरिया शहर के विवादित बिल्डरों की सूची में शामिल है वहीं उनके सहयोगी अतूल सुराना भू-माफिया बॉबी छाबड़ा के खासमखास सिपाहसालार हैं। देवी अहिल्या गृह निर्माण संस्था के जिन संचालकों के खिलाफ तुकोगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी उनमें मनीषा सुराना का भी नाम शामिल था जो कि अतूल की पत्नी है। यह बात अलग है कि बाद में दबाव-प्रभाव में पुलिस ने मनीषा का नाम हटा दिया।
आईबीडी ग्रुप कैलोदहाला में इंडस सेटेलाइट टाउनशिप और निरंजनपुर में बेलमॉन्ट पार्क टाउनशिप बना रहा है। समूह का ऑफिस एबी रोड स्थित ऐरन हाईट्स में है। कंपनी की स्थानीय इकाई के स्थानीय संचालक हैं अरूण डागरिया और अतूल सुराना। डागरिया मुलत : उसी सेटेलाइट ग्रुप से ताल्लुक रखते हैं जिसके खिलाफ आयकर ने 15 नवंबर 2009 को कार्रवाई की थी। ग्रुप में इंदौर के सबसे विवादित बिल्डर रितेश उर्फ चम्पू अजमेरा और उनके खासमखास चिराग शाह भी शामिल है। आईबीडी में ही डागरिया के साथ संयुक्त रूप से संचालक हैं अतूल सुराना जो इससे पहले भी सेटेलाइट में उनके साथ थे। डागरिया एमआर-11 पर वर्षों पहले प्रिंसेस एस्टेट नाम की कॉलोनी काट चुके हैं। एक हजार से अधिक प्लॉटों वाली इस कॉलोनी में आज दिन तक लोगों को प्लॉट नहीं मिले।
करोड़ों के करार, संचालक कराए के मकान में
अतूल सुराना उस सख्शियत का नाम है जो कहने को तो इंदौर में 780 करोड़ की आवासीय परियोजनाओं पर काम कर रही आईबीडी के चार संचालकों में से एक है लेकिन रहता महावीरनगर में बगीचे के सामने स्थित एक मल्टी में किराए के फ्लैट में है। इससे पहले 63, आड़ाबाजार 'जो पता दस्तावेजों में दर्ज हैÓ, में किराए से रहता था। अतूल की पत्नी मनीषा रणवीरसिंह सूदन की अध्यक्षता में देवी अहिल्या गृह निर्माण सहकारी संस्था की संचालक रह चुकी हैं। 22 अगस्त 2009 को तुकोगंज पुलिस ने संस्था के खिलाफ प्रकरण दर्ज करके जब रणवीरसिंह सूदन की तलाश में 7 पागनीसपागा 'जो दस्तावेजों में बॉबी छाबड़ा का पुश्तैनी पता हैÓ, में दबिश दी तो मनीषा फरार हो गई थी। बाद में तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने मिलीभगत के चलते उसका नाम एफआईआर-चालान से हटाया।
पांच में से दो कंपनियां ही पंजीबद्ध
आईबीडी की जिन पांच अलग-अलग फर्मों ने इंदौर में नवेश प्रस्ताव दिए हैं उनसे से दो ही कंपनियां ऐसी है जो पंजीबद्ध है। इनमें आईबीडी स्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि और आईबीडी यूनिवर्सल प्रा.लि. शामिल है। वहीं आईबीडी निरुपम बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, आईबीडी रियलिटी डेवलपर्स और आईबीडी शिल्पी डेवलपर्स ऐसी कंपनियां हैं जिनका पंजीयन नहीं हुआ। न कंपनियों का कंपनी आईडेंटिफिकेशन नंबर (सिन)जारी हुआ। न ही संचालकों का डायरेक्टर आईडेंटिफिकेशन नंबर(डिन)।

कंपनी प्रोजेक्ट एमओयू रोजगार
आईबीडी निरुपम बिल्डर्स एंड डेवलपर्स इंटीग्रेटेड टाउनशिप 150 295
आईबीडी रियलिटी डेवलपर्स मिडराइस अपार्टमेंट 180 295
आईबीडी शिल्पी डेवलपर्स मिडराइस अपार्टमेँट 93 145
आईबीडी स्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. प्रिमियम-मिडराइस 192 227
आईबीडी यूनिवर्सल प्रा.लि. इंटीग्रेटेड टाउनशिप 165 255

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