Monday, June 15, 2015

सीबीआई के शिकंजे में सेंट्रल एक्साइज असिसटेंट कमिश्नर दत्ता

पत्नी-बेटे के नाम कर दी काली कमाई, पीई दर्ज, जांच जारी

इंदौर. विनोद शर्मा ।
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और अर्जित संपत्ति पत्नी-बेटे के नाम से रोटेट करने के मामले में सीबीआई ने कस्टम, सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स विभाग के जबलपुर कार्यालय में बतौर असिसटेंट कमिश्नर पदस्थ सुनील दत्ता के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। दत्ता पर आरोप है कि उन्होंने 2006 से 2011 के बीच इंदौर कमिश्नरेट में पदस्थ रहते न सिर्फ अपने पद का दुरुपयोग किया बल्कि अपने और अपने परिजन के नाम पर तीन करोड़ से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति भी सृजित की।
सीबीआई (एसीबी) ने दत्ता के खिलाफ 7 जनवरी 2015 को पीई (20082015ए0002) दर्ज किया था। इसके बाद जांच शुरू कर दी गई। बीते सप्ताह इस संबंध में माणिकबाग स्थित कस्टम, सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स विभाग के दफ्तर में भी पूछताछ की गई। सीबीआई के अधिकारियों की मानें तो जांच में अब तक कई ऐसे चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं जो प्रारंभिक तौर पर दत्ता पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि करते हैं। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि दत्ता के खिलाफ अघोषित आय के जो आरोप लगाए गए हैं उनकी दस्तावेजी तस्दीक से विभाग या विभाग के अधिकारी को कोई परहेज नहीं होगा। वे इस काम में सीबीआई की तथ्यात्मक रूप से मदद करेंगे।
50 हजार का इन्वेस्टमेंट, कमाई 2.52 करोड़!
दत्ता ने ऊपरी इनकम से करीब 3 करोड़ रुपए कमाया। इसमें से 2.52 करोड़ रुपए उन्होंने व्यंकटेश  पैकेजिंग के नाम से रोटेट किए। इस कंपनी में गोविंद दत्ता डायरेक्टर हैं। 19 वर्षीय गोविंद रिश््ते में दत्ता का बेटा है और व्यंकटेश पैकेजिंग में 1 अपै्रल 2007 से पार्टनर है। पार्टनरशीप डीड के अनुसार आनंद बांगर और गोविंद ने मिलकर कंपनी शुरू की। कुल 2 लाख रुपए निवेश किए। 1.5 लाख रुपए आनंद के थे। 50 हजार रुपए गोविंद के।  75:25 के अनुपात में शेयर बंट गया। फर्म चलती रही। तीन साल बाद गोविंद ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) में अपनी आय 2.52 करोड़ बता दी।
छानबीन के दौरान पता चला कि 3 साल में 50 हजार के इन्वेस्टमेंट पर 2010-11 की आईटीआर में 2 करोड़, 52 लाख 03 हजार 119 रुपए अपनी आय बताने वाले गोविंद दत्ता ने 2011-12 के आईटीआर में किसी तरह की कोई आय घोषित नहीं की।
ऐसे हुआ खुलासा...
निवेश के मुकाबले सारे खर्च काटकर हुई 504 गुना अधिक की कमाई ने दत्ता के ‘चाहनेवालों’ को चेता दिया। उन्होंने और छानबीन शुरू कर दी। पता चला कि सुनील ने अपने हिस्से की काली कमाई अपने बेटे के ‘नाम’ कर दी।
इस पैसे का हिसाब भी, डामाडोल...
छानबीन में पता चला कि जनवरी 2011 में सुनील दत्ता ने वर्सोवा, मुंबई स्थित पर्ल हाईट्स की विंग बी में 1612 नंबर फ्लैट भी 68 लाख में खरीदा। फ्लैट बेटरस्टेप ट्रेडिंग प्रा.लि. के नाम से खरीदा। इस कंपनी के डायरेक्टर भी गोविंद दत्ता हैं।
इससे पहले 2008-09 में सुनील ने पत्नी सुमेधा दत्ता के नाम से आईसीआईसीआई प्रेडिंशियल की पॉलिसी कराई। पॉलिसी 56.66 लाख की थी। 2007-08 से 2012-13 तक सुमेधा ने अपनी कुल आय 40.19 लाख रुपए बताई। 2009-10 में इनकम टैक्स ने उनके आईअीआर की बारीकी से जांच करके 71 लाख 74 हजार 058 रुपए की काली कमाई उजागर कर चुका था।
2007 से 2009 के बीच कोविंद दत्ता ने तकरीबन 9 लाख रुपए की टाटा सफारी (एमपी09सीडी9603) खरीदी और इसी दौरान 9.04 लाख की पॉलिसी भी कराई।
एक नजर में सुनील दत्ता...
जन्म : 23 सितंबर 1959
अपॉइन्टमेंट डेट : 8 अपै्रल 1982
सुप्रीटेंडेंट बने : 23 सितंबर 2002 को
सुप्रीटेंडेंट रहते वेतनमान
पे-बेंड - 9300-34800
ग्रेड पे- 4800
एसी बनने के बाद
पे-बेंड - 15600-39100
ग्रेड पे- 5400
्रपदस्थ रहे- 2002 से 2007 के बीच हेडक्वार्टर इंदौर, सर्विस टैक्स उज्जैन, प्रिवेंटिव ब्रांच उज्जैन, प्रिवेंटिव ब्रांच इंदौर, हेडक्वार्टर इंदौर, सर्विस टैक्स देवास।
ट्रांसफर- भोपाल कमिश्नरेट नवंबर 2007 से 2008, टेक्नीकल ब्रांच इंदौर, पीथमपुर, टीआरसी डिविजन इंदौर, टीआरसी हेडक्वार्टर, टेक्नीकल सर्विस टैक्स। 2008 से 2012 के बीच।



No comments:

Post a Comment