नाहाटा पर डीजीसीईआई का छापा
सर्विस टैक्स ने दी चार कोचिंगों पर दबिश
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।‘नींव से निर्माण तक’ का सिद्धांत लेकर चार्टर अकाउंटेंट (सीए) और कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) की पढ़ाई करवाने वाले नाहटा प्रोफेशनल अकेडमी पर बुधवार दोपहर डायरेक्टर जनरल सेंट्रल एक्साइज एंड इंटेलीजेंस (डीजीसीईआई) ने छापा मारा। वहीं कस्टम, सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स विभाग की प्रिवेंटिव विंग ने स्वाती जैन अकेडमी, स्कील मेस्ट्रो, द ग्लोबलाइजर्स और इंसिसिव जैसी देशी-विदेशी कोर्सेस की प्रीपरेशन कराने वाली कोचिंग क्लासेस पर छापेमार कार्रवाई की। छापेमार कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज बरामद हुए जो प्रथम दृष्टया संस्थान द्वारा की जा रही सर्विस टैक्स की चोरी की पुष्टि कर रहे थे।
बुधवार को दिल्ली जोनल यूनिट (डीजेयू) के एक अधिकारी के साथ डीजीसीईआई की स्थानीय विंग ने न्यू सियागंज स्थित पोद्दार प्लाजा में संचालित नाहटा अकेडमी और डायरेक्टर सीए अनिल नहाटा के बख्तावररामनगर स्थित घर पर दबिश दी। टीम ने ताबड़तोड़ अकेडमी के रजिस्टर खंगाले। कम्प्यूटर अपनी जद में लिया। हार्ड डिस्क जांची। जांच के दौरान कर चोरी से संबंधित कई अहम प्रमाण मिले। इस दौरान टीम के अधिकारियों ने लोगों की आवजाही प्रतिबंधित कर दी। यहां तक की मीडिया वालों को फोटो तक नहीं खींचने दिए गए।
सर्विस टैक्स का शिकार, कोचिंग चार
डीजीसीईआई की नाहटा कोचिंग पर हुई कार्रवाई पर सर्विस टैक्स की टीम ने अलग ही अंदाज में सलामी दी। डीजीसीईआई जहां नाहटा पर निगाह टिकाए बैठी रही। वहीं सर्विस टैक्स की टीम ने इंदौर की नामचीन कोचिंग क्लासेस शांलीमार कॉर्पोरेट स्थित स्वाति जैन अकेडमी, अरू प्लाजा एमजी रोड स्थित स्कील मेस्ट्रो, एमजी रोड स्थित ग्लोबलाइजर्स और गीताभवन-बंगाली चौराहा स्थित इंसिसिव कोचिंग क्लासेस पर छापेमार कार्रवाई की। कार्रवाई देर रात तक जारी रही। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में कर चोरी से संबंधित दस्तावेजी प्रमाण मिले हैं।
बड़ी टैक्स चोरी की संभावना
कार्रवाई देर रात तक जार रही। हालांकि कार्रवाई के दौरान कितनी टैक्स चोरी सामने आई इसकी तथ्यात्मक पुष्टि न डीजीसीईआई ने की और न ही सर्विस टैक्स ने। दोनों ही विभाग ने कहा कि जिस तरह के दस्तावेज मिले हैं उससे बड़ी कर चोरी सामने आएगी। उधर, जानकारों की मानें तो यदि किसी इंस्टिट्यूट की कर चोरी 50 लाख से अधिक हुई तो उसके संचालक के खिलाफ गिरफ्तारी तक की कार्रवाई हो सकती है।
एक नजर में नाहटा प्रोफेसनल एकेडमी
पता : सी-10 पोद्दार प्लाजा
पत्थर गोदाम रोड न्यू सियागंज
शुरूआत : 1992 से
क्लासेस : सीए, सीपीटी, आईपीसीसी, सीएस, स्पोकन इंग्लिश और पर्सनॉलिटी डेवलपमेंट।
दावा : बीते 16 साल से 33 बार 312 स्टूडेंट्स ने आॅल इंडिया रेंक में टॉप 50 स्टूडेंट्स में जगह बनाई। देशभर में 1800 सीए नाहटा के पढ़ाए काम कर रहे हैं।
सर्विस टैक्स की टीम ने यहां मारा छापा
स्कील मेस्ट्रो
स्कील मेस्ट्रो मूलत: मुंबई की है। मप्र में एक मात्र इंस्टिट्यूट इंदौर में है। यहां जीमेट, जीआरई, एसएटी, टीओईएलएफ, आईईएलटीएस की तैयारी कराता है।
कोचिंग के कर्ताधर्त संदीप पंजवानी और पंकज परिहार हैं।
स्वाती जैन अकेडमी
स्थापना- 1992 में हुई ।
जीमेट, जीआरई, एसएटी, टीओईएफएल,की प्रीपरेशन कराई जाती है। संचालक : निलेश जैन और स्वाती जैन हैं। इस कोचिंग की गिनती इंदौर की आला दर्जे की कोचिंगों में की जाती रही है।
द ग्लोबलाइजर्स
जबलपुर, रायपुर और उज्जैन के साथ इंदौर मेंं क्लासिक सेंटर एमजी रोड पर भी संचालित द ग्लोबलाइजर्स। 2007 में इंस्टिट्यूट शुरू हुआ। यहां एमसी/एमएससी, एमआईएस/आईएस/आईटी, एमआईबी, एमआईएम, एमबीए, एमईएम, बीसी, एसससी, एमएसएप और एमएफएफ जैसी कोर्सेस की प्रीपरेशन कराई जाती है। इसके संचालक प्रशांत हेमनानी हैं।
द इंसिसिव
हेड आॅफिस स्वदेशभवन में है। गीताभवन चौराहे पर अलंकार पॉइन्टके साथ बंगाली चौराहे पर भी क्लासेस है। कोचिंग का आॅफिस मुंबई में भी है। इंग्लिश स्पीकिंग कोर्सेस, पर्सनल ग्रोथ, कैम्पस रिक्रुटमेंट और वॉइस एंड एसेंट ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा टीओईएफई, आईईएलटीएस, जीमेट जीआरई, एफसीई और एसएटी की प्रीपरेशन भी कराई जाती है।
ऐसे की कोचिंग क्लासेस ने कर चोरी
- सर्विस टैक्स का असेसी स्वयं सेल्फ असेसमेंट करके देता है।
- स्टूडेंट्स की संख्या यदि वास्तव में 500 है तो सेल्फ असेसमेंट में आंकड़ा 200 से 250 ही बताया जाता है।
- फीस यदि 1 लाख है तो डॉक्यमेंट में 50 से 60 हजार ही बताते हैं।
- फीस दो तरह से ली जाती है। आधी चेक से। आधी नकद। जो राशि चेक से ली जाती है उसे ही अधिकृत फीस बताकर टैक्स चुकाया जाता है।
- रिपिट की आड़ ली जाती है। 100 में से 25 स्टूडेंट्स को पिछली बेच का रिपिट स्टूडेंट बताया जाता है। कहा जाता है कि इसे पुरानी फीस पर ही पढ़ा रहे हैं।
- चूंकि कोचिंग क्लासेस की फीस ज्यादा है इसीलिए स्टूडेंट्स के माता-पिता भी चेक और नकद की भुगतान सुविधा पसंद करते हैं।
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