Monday, June 15, 2015

सर्विस टैक्स के बाद जल्द उपकर का कड़वा डोज

14 नहीं, 16 प्रतिशत चुकाना होगा सर्विस टैक्स
2 प्रतिशत स्वच्छ भारत उपकर जल्द होगा नोटिफाई, संसद में मिली हरी झंडी
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
महंगाई की मार से मरे जा रहे लोग मनकार 1 जून से 14 प्रतिशत टैक्स चुकाकर सोच रहे हैं कि अब कोई नए टैक्स का बवाल नहीं आए तो वे गलत हैं। क्योंकि सर्विस टैक्स के सकारात्मक इम्लीमेंट के बाद अब केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत उपकर की वसूली की तैयारियां भी पक्की कर ली है। लोकसभा और राज्यसभा में बजट मंजूरी हो चुका है। कभी भी गजट नोटिफिकेशन निकाला जा सकता है। एक तरफ अधिकारी जहां उपकर को कुछ सेवाओं तक ही सीमित रखने का दावा कर रहे हैं वहीं जानकार इस दावे को झूठला रहे हैं। उनकी मानें तो उन तमाम सेवाओं पर उपकर लागू होगा जिन पर सर्विस टैक्स लगता है।
सर्विस टैक्स 12.36 प्रतिशत की जगह यदि आप 14 प्रतिशत चुकाने लगे हैं तो आपको यह जानकार और हैरानी होगी कि जल्द ही यह आंकड़ा 14 से बढ़कर 16 प्रतिशत होने वाला है।  वित्त विधेयक के अध्याय 6 के 'स्वच्छ भारत उपकर' के 117 के भाग 2 में साफ-साफ लिखा है, 'स्वच्छ भारत पहलों को वित्तपोषित करने और उसका संवर्धन करने के प्रयोजन के लिए या उससे संबंधित किसी अन्य प्रयोजन के लिए इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार सभी या किसी करादेय सेवाओं पर ऐसी सेवाओं के मूल्य पर स्वच्छ भारत कोष के नाम से ज्ञात उपकर, सेवा कर के रूप में दो प्रतिशत की दर से उद्गृहीत किया जाएगा।
भारीभरकम बढ़ोत्तरी...
31 मई तक सर्विस टैक्स जहा 12.36 प्रतिशत लगता था। 1 जून से 14 प्रतिशत लगने लगा। बढ़ोत्तरी सीधे 13.26 प्रतिशत की। अब जब सर्विस टैक्स उपकर के साथ बढ़कर 16 प्रतिशत हो जाएगा तो यही बढ़ोत्तरी 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। किसी भी टैक्स में एक ही वित्त वर्ष के दौरान यह बड़ी बढ़ोत्तरी है।
-- 1000 रुपए के रेस्टोरेंट के बिल पर अब 31 मई तक 12.36 प्रतिशत टैक्स के हिसाब से 123.6 रुपए सर्विस टैक्स चुकाना पड़ रहा था जो 1 जून के बाद बढ़कर 140 रुपए हो गया। उपकर के बाद 160 रुपए हो जाएगा। अंतर सीधे 36.4 रुपए का। यही व्यवस्था टेलीफोन/मोबाइल के बिल, रेल यात्रा, हवाई यात्रा व अन्य सेवाओं पर भी लागू होगी।
जीएसटी के लिए जरूरी है...
सीए व सर्विस टैक्स विशेषज्ञ अभय शर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2016-17 से केंद्र सरकार देशभर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू करने जा रही है जिसकी दर 16 प्रतिशत होना है। इस 16 प्रतिशत को मेंटेन रखने के लिए अभी से केंद्र सरकार ने टैक्स की दर बढ़ाना शुरू कर दी है।  उपकर को चेस (कुल सर्विस टैक्स पर लगने वाला उपकर) की तरह परिभाषित नहीं किया गया है। यानी यह 2 प्रतिशत अलग ही लगेगा। इससे सर्विस टैक्स बढ़कर 16 प्रतिशत हो जाएगा। यह एक वित्त वर्ष में किसी भी टैक्स में अब तक की बड़ी बढ़ोत्तरी है। इससे 1 जून से बढ़ी सर्विस टैक्स की मार और भयानक हो जाएगी।
राउंड फीगर में सिर्फ सर्विस टैक्स...
-- अब तक 12 प्रतिशत सर्विस टैक्स, कुल सर्विस टैक्स पर 2 प्रतिशत शिक्षा उपकर और एक प्रतिशत हायर सेकेंडरी शिक्षा उपकर लगता है जो कुल मिलाकर 12.36 प्रतिशत होता था।
-- 14 प्रतिशत सर्विस टैक्स हो चुका है। अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें कितना प्रतिशत  शिक्षा उपकर और कितना हायर सेकेंडरी शिक्षा उपकर। कुल 14 प्रतिशत को ही सर्विस टैक्स के रूप में परिभाषित किया जा रहा है।
 क्यों किया लागू....
वित्त वर्ष 2014-15 में सेवा कर से 2.15 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। अगले वित्त वर्ष में इसके 2.40 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, ऐसे में स्वच्छ भारत योजना को करीब 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। लोगों और कारोबार पर कर की दर कम रखने के पीछे तर्क यह है कि वे स्वच्छ भारत कार्यक्रम में अपने स्तर से स्वेच्छा से योगदान करना चाहेंगे।
ऐसे समझे असर...
- 1 जून को 12.36 प्रतिश सर्विस टैक्स बढ़कर 14 प्रतिशत हो गया। यानी 100 रुपए की सेवा पर जहां 12.36 रुपए लग रहे थे वहां 14 रुपए लग रहे हैं। उपकर यदि लागू हुआ तो यह बढ़ोत्तरी 16 रुपए तक हो जाएगी।
-  पहले सर्विस टैक्स 1.36 प्रतिशत बढ़ा और अब कुल सर्विस टैक्स पर 2 प्रतिशत ज्यादा उपकर देना होगा। सर्विस टैक्स बढ़ोत्तरी का ही भारी विरोध हुआ ऐसे में उपकर को लेकर भी विरोध तय है।



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