Monday, June 15, 2015

इंदौर को लगी गुजरात के ‘हवाले’ की हवा

47.50 लाख के मामले में अहमदाबाद-सूरत की दो कंपनियों के नाम आए सामने
दोनों चला रही थी इंदौर में पेढ़ी, कर चुकी है करोड़ों ईधर-उधर

इंदौर. विनोद शर्मा ।
जेतपुरा में हवाला के तहत पकड़े गए 47.50 लाख रुपए ने एक बार फिर इंदौर में पनपती जा रही गुजरात की आंगड़िया सर्विस (कैश कुरियर) की हकीकत उजागर कर दी। छानबीन के दौरान पुलिस और आयकर के सामने अहमदाबाद और सूरत की दो आंगड़िया फर्मों के नाम भी सामने आए हैं। बड़ी बात यह है कि दोनों अर्से से इंदौर में अपनी फर्में संचालित कर रही हैं। बहरहाल, मामले की जांच एक तरफ आयकर इंदौर की विंग कर रही है वहीं सूरत-अहमदाबाद विंग को भी जानकारी भेजी जा चुकी है।
धार पुलिस ने हवाला के 47.50 लाख रुपए के साथ मेहसाणा निवासी अमृत पटेल और पाटण निवासी पिंकल पटेल को गिरफ्तार किया था। इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन के ज्वाइंट डायरेक्टर प्रशांत झा और डिप्टी डायरेक्टर विजयेंद्र कुमार के निर्देश पर आईटीओ सैयद खालिद इकबाल की टीम ने कार्रवाई की। छानबीन के दौरान पता चला कि हवाला के जरिये जो 47.50 लाख रुपए पकड़ाए हैं वे इंदौर से अहमदाबाद की पटेल मणिलाल मगनलाल एंड संस आंगड़िया सर्विस के पास जा रहे थे । पटेल  मणिलाल मगनलाल एंड संस आंगड़िया आहमदाबाद की बड़ी फर्म है जिसकी ब्रांचें मुंबई और चेन्नई में भी है। इसी मामले में एक दूसरी आंगड़िया फर्म पटेल दिनेशकुमार दशरथलालजी कंपनी ‘जो कि सूरत की है’, का नाम भी सामने आया है। इन दोनों फर्मों ने श्रीवर्धन कॉम्पलेक्स, आरएनटी मार्ग  इंदौर में अपनी ब्रांच शुरू कर दी थी। खुलासे के बाद से ही वहां से सब फरार है। बहराहल, आयकर इंदौर ने नोटिस चस्पा दिया है।
ऐसे पनपा कारोबार...
- इंदौर में सियागंज, कपड़ा मार्केट, जेल रोड, बर्तन बाजार में व्यापारी गुजरात या बंगाल से जो भी थोकबंद माल खरीदते हैं उसकी कीमत सिर्फ 10-15 प्रतिशत ही बताई जाती है। इसी रकम का ट्रांजेक्शन बैंक से होता है। बाकी कि 85-90 फीसदी राशि कैश कुरियर से जाती है।
- इसीलिए इंदौर में लगातार कैश कुरियर का कारोबार बढ़ रहा है। इंदौर में ऐसे 50 से अधिक ठिकाने हैं जहां से हवाला होता है। इसकी जानकारी पुलिस को भी है यह बात अलग है कि मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं होती।
- इंदौर से एक दिन में करीब-करीब 50 करोड़ रुपए का हेरफेर होता है। पैसा न सिर्फ गुजरात, बल्कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान तक पैसा आता-जाता है।
ऐसा है कैश कूरियर का कारोबार
- इंदौर में एक रजिस्टर के साथ आॅफिस खोला। जहां इंट्री होती है।
- नोट के नंबर से होता है केश ट्रांजेक्शन- जैसे किसी का पैसा इंदौर से अहमदाबाद पहुंचाना है तो रकम इंदौर में जमा होगी, ग्राहक को एक नोट का नंबर दे दिया जाता है। जो उस आदमी तक पहुंचाया जाता है जो अहमदाबाद में पैसे लेगा। जब वह अहमदाबाद आॅफिस में जाकर नोट नंबर बताएगा तो उसे टेली करके वहां बैठे लोग उसे पैसा दे देंगे।
- 80 फीसदी कारोबार ऐसे ही होता है। अहमदाबाद आॅफिस में जितना पैसा है उससे ज्यादा पहुंचाने का आॅर्डर मिलने पर ही आदमी के हाथों पैसा भेजा जाता है। वह भी सिर्फ अंतर राशि।
- इस राशि को जैकेट में ले जाते हैं। ले जाते वक्त बीच में बसें बदल-बदल कर जाते हैं ताकि पुलिस की निगाह न पड़े।
- जैसे बुकिंग यदि एक लाख रुपए की हुई है तो उसकी पर्ची ग्राहक को सिर्फ 1000 रुपए लिखकर ही दी जाती है। यानी बाकी 99 फीसदी गोलमाल।
बढ़ गई कमीशन...
- जब से बैंक के लेन-देन पर आयकर ने सख्ती की है और ट्रांजेक्शन की सीमा तय की है तभी से करीब-करीब हर दूसरा व्यापारी हवाला से जुड़ गया। इसीलिए पहले एक लाख पर जो 300 रुपए कमीशन लगती थी वह बढ़कर अब 500 रुपए तक हो चुकी है।
बड़ा हवाला आएगा सामने
सूरत में कुछ समय पहले दस हजार करोड़ रुपए का हवाला कांड सामने आया था। इसके तहत सूरत के अडाजण इलाके में रहने वाला अफरोज फट्टा और मुंबई निवासी मदनलाल जैन सहित कई लोग गिरफ्तार हुए थे जबकि अब भी कई लोगों की गिरफ्तारी बाकी है। उधर, सितंबर 2014 आरएसबीएल के मालिक पृथ्वीराज कोठारी के भतीजे राजेश कोठारी को भी फट्टा का सााथ देने के मामले में गिरफ्तार किया था। कोठारी का हवाला मामले को लेकर इंदौर के कई लोगों से संपर्क था।  मुंबई आईटी और ईडी अहमदाबाद की जांच के बाद इंदौर सराफा से इनके संपर्क पाए गए। हालांकि अभी इस संबंध में जांच जारी है। ऐसी स्थिति में बार-बार सूरत-अहमदाबाद के आंगड़ियों की इंदौर में आमद बड़े हवाले की ओर इशारा करती है।


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