Monday, June 15, 2015

285 करोड़ के टीआई में चोरी

ताला खुलते ही चोरों ने दिखाया काम
एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
बैंक की सख्ती के कारण चार महीने बंद रहे ट्रेजर आइलैंड के 285 करोड़ की निलामी के बाद बीते दिनों ताले खुले और खुलते ही चोरों ने ‘चमत्कार’ दिखा दिया। जिस दुकान को कोर्ट ने यथास्थिति रखने के आदेश जारी किए थे चोर सीसीटीवी कैमरे और टोकन मशीन सहित उसी का सामान ले गए। प्रकरण (311/2015) दर्ज करके तुकोगंज पुलिस ने जांच शुरू कर दी है वहीं एक तरफ सबसे सिक्योर मॉल में हुई इस सेंशेषनल चोरी पर मॉल प्रबंधन बगले झांक रहा है।
2005 की ओपनिंग से लेकर मई 2015 में हुई निलामी तक टीआई चर्चा में रहा। निलामी के साथ ही बैंक ने सील हटाकर मॉल का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलने के बाद नए मालिक ने रिनोवेशन का काम शुरू किया तो चोरों ने अपना काम। मॉल में चाट एम थ्री के नाम से दुकान चलाती आ रही हेमा बालचंदानी की शिकायत पर तुकोगंज पुलिस द्वारा लिखी गई एफआईआर की मानें तो बिना शटर की इस दुकान से इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी गया है। इसमें दुकान के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा, टोकन मशीन और दो फाइलें भी शामिल हैं। एफआईआर अज्ञात के खिलाफ लिखी गई। हालांकि पुलिस का दावा है कि जांच में जल्द ही सच बाहर आएगा।
यह लिखा है एफआईआर में...
श्रीमती बालचंदानी ने बताया कि टीआई की चौथी मंजिल पर मेरी दुकान है जो मैं ही चलाती हूं। नवीनीकरण के नाम पर पूरे मॉल में तोड़फोड़ हो रही है। चूंकि नवीनीकरण के खिलाफ कोर्ट से मुझे स्टे मिला हुआ है इसीलिए दुकान में तोड़फोड़ नहीं हुई। दुकान ओपन है। बिना शटर की। दुकान पर जब मैं 18 मई की दोपहर 2 बजे गई तो देखा कि दुकान के सामने लगा सीसीटीवी कैमरा नहीं था। व कैमरे के पास ही लगी ग्राहकों से पैसे लेने की टोकन मशीन के साथ ही काउंटर के अंदर रखी दो फाइलें भी गायब थीं। सब से पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर मैंने एफआईआर दर्ज कराई।
चोर आया कहां से?
अभी मॉल में या तो चौकीदार दिखते हैं या फिर वहां नवीनीकरण में जुटे कारीगर। दूसरा कोई नहीं आता। मेरे अलावा बाकी सभी लोग अपनी दुकान या शोरूम खाली कर चुके हैं। जब कोई आ जा नहीं सकता तो आखिर चोरी कैसे हुई। जो भी बाहर गया है वह सामान भी लेकर ही गया होगा, उसे रोका क्यों  नहीं गया। वैसे भी न कैमरा जेब में रखकर भागा जा सकता है। न ही टोकन मशीन। इससे पहले भी ऊपर से कोई चोर घुसा था। उस वक्त भी मैंने मॉल के बाहर बने जूतों के निशान प्रबंधन को दिखाए थे जो चाकचौबंद चौकसी की बात करते हैं।
हेमा बालचंदानी
संचालक चाट  एम थ्री
मॉल प्रबंधन के पास जवाब नहीं...
मंगलवार को चोरी की तफ्तीश करने पहुंचे एसआई ने भी यही पूछा कि आखिर चोर कैसे आए और कैसे सामान लेकर चंपत हो गए? हालांकि इस संबंध में माल प्रबंधन ने जितने भी तर्क दिए वे नाकाफी थे।

No comments:

Post a Comment