बांक में मनमाना निर्माण, शिकायत पर प्रशासन मौन
इंदौर. विनोद शर्मा ।अहिरखेड़ी और सिटी पार्क में बने बंगले नेस्तनाबूत करने के बाद भी जिला प्रशासन भू-माफियाओं के मन में जैसी दहशत पैदा करना चाहिए थी, नहीं कर पाया है। शायद इसीलिए मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित की गई जमीन का लोग अपनी सहुलियत से इस्तेमाल कर रहे हैं। ताजा उदाहरण ग्राम बांक के ग्रीन बेल्ट स्कूल पर तना भव्य सार्इं श्री इंटरनेशनल स्कूल (एसएसआईएस) है। इसकी शिकायत पटवारी-आरआई से लेकर कलेक्टर तक की जा चुकी है। हालांकि अब तक कार्रवाई के ‘क’ पर भी काम नहीं हुआ है।
सार्इं श्री इंटरनेशनल स्कूल की दो दिन पहले दोबारा शिकायत हुई। शिकायत के अनुसार धार रोड पर ग्राम बांक है। इस गांव में सर्वे नं. 20/1/मिन-1 की 1.122 हेक्टेयर जमीन मुमताज पति जलील एहमद कुरैशी निवासी 37 बी चंदन नगर के नाम दर्ज है। 1 जनवरी 2008 को जारी हुए मास्टर प्लान 2021 में बांक की जिन जमीनों को ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित किया गया था उसमें सर्वे नं. 20/1/मिन-1 भी शामिल है। इसके बाद भी इस जमीना पर कुरैशी दंपत्ति ने दो मंजिला स्कूल बना दिया है। स्कूल के रूप में ग्रीन बेल्ट की जमीन का गैरकानूनी तरीके से व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। इस संबंध में पहले भी पटवारी और राजस्व अधिकारी को शिकायत की गई थी लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की।
क्यों अवैध है निर्माण...
मप्र भूमि विकास अधिनियम-2012 ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित की गई या छोड़ी गई जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण की इजाजत नहीं देता। मास्टर प्लान में उपयोग क्षेत्रों में उपयोग परिसर की अनुमति संबंधित जो टेबल दी गई है उसमें ग्रीन बेल्ट रिक्रेशन के रूप में परिभाषति है। इसमें प्री-प्राइमरी, नर्सरी स्कूल, प्राइमरी स्कूल, सेकंडरी स्कूल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण को अस्वीकार किया गया है। यानी इस जमीन का न नक्शा पास हो सकता है। न ही डायवर्शन हो सकता है। फिर भी निर्माण होता है तो वह अवैध है।
- मार्च 2015 में जिला प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर ग्रीन बेल्ट में बने निर्माण तोड़े। अन्नपूर्णा रोड पर शनिवार को तालाब के पीछे ग्रीन बेल्ट की जमीन पर बने 8 फार्म हाउस को विस्फोटकों से उड़ा दिया गया। इसी तरह अहिर खेड़ी में मोहम्मद खम्बाती का फार्म हाउस तक भी तोड़ दिया। 14 मई 2015 को भी अन्नपूर्णा रोड पर ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध रूप से बनी चार दुकानों को शुक्रवार को नगर निगम की गैंग ने तोड़ा।
कैसा है स्कूल...
जमीन कुल 1 लाख 20 हजार 771 वर्गफीट है। राजस्व अभिलेखों में जमीन का भू-उपयोग स्पष्ट नहीं है। इसमें बड़ा हिस्सा गार्डन की तरह छोड़ा गया है। इसी तरह स्कूल भवन के पीछे का हिस्सा पक्के प्ले ग्राउंड की तरह बनाया गया है। दो बड़े हिस्सों में गुम्बदाकार स्कूल भवन बना है। सामने कांकड़ की जमीन (सर्वे नं. 21/1) है जिसका इस्तेमाल स्कूल प्रबंधन द्वारा पार्किंग के लिए किया जा रहा है।
यहां कार्रवाई क्यों नहीं?
ग्रीन बेल्ट में बिना अनुमति के इतना भव्य स्कूल बन गया और किसी को पता ही नहीं चला, यह संभव ही नहीं है। क्योंकि स्कूल एक-दो दिन में नहीं बना, इससे बनने में दो साल लगे। यदि जानकारी नहीं थी तो भी अब जब लगातार शिकायत कर रहे हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। दूसरे निर्माण भी तो बिना नोटिस तोड़े।
बंटी तोलानी, शिकायतकर्ता
मैं क्षेत्र में कुछ समय पहले ही आया हूं। जैसे ही मुझे पता चला, मैंने आला अधिकारियों को इसकी जानकारी भेज दी।
मनीष बांगर, पटवारी
बांक
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