Monday, June 15, 2015

कंपनी के बोल से लटका ‘ई’ टोल

इंदौर-देवास सिक्सलेन प्रोजेक्ट : अधूरे काम के बाद भी पूर्णता प्रमाण-पत्र पर अड़ी कंपनी
इंदौर. विनोद शर्मा।
इंदौर-देवास सिक्सेलन का आधा काम करके प्रोविजनल कम्पलीटेशन सर्टिफिकेट (पूर्णता प्रमाण-पत्र) के लिए इंदौर-देवास टोल लिमिटेड (आईडीटीएल) मनमानी पर आमादा है। नेशनल हाई-वे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) पर लगातार दबाव बनाने के बावजूद प्रमाण-पत्र पाने में नाकाम रही कंपनी ने काम बंद करके इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) के लिए भी हाथ खडेÞ कर दिए हैं। कंपनी स्पष्ट कह चुकी है कि पूर्णता प्रमाण-पत्र नहीं मिलेगा तो न हमें पैसा मिलेगा, न तुम्हें काम।
कंपनी की मनमानी का खुलासा तब हुआ जब  ईटीसी को लेकर मुख्यालय पूछे गए सवाल का स्थानीय अधिकारियों ने जवाब दिया। अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार इंदौर-देवास सिक्सलेन पर वाहन चालकों को राहत देने के लिए बायपास और एबी रोड की टोल प्लाजाओं पर लगने वाले  ईटीसी पर ग्रहण लग चुका है। बायपास पर टोल प्लाजा और प्रशासनिक भवन का काम करीब-करीब पूर्ण होने को है। जहां ईटीसी सिस्टम लगाए जाना है उसका निर्माण अधूरा है। काम बंद है। कारण पूछने पर कंपनी कहती है हमारी आर्थिक स्थिति खराब है।
कंपनी के अधिकारियों ने अधिकारियों को कह दिया है कि अपै्रल 2014 से प्रोविजनल कम्पलीटेशन सर्टिफिकेट मांग रहे हैं। एनएचएआई देने को तैयार नहीं है। पच्चीसों पत्र लिख चुके हैं। अब जिन वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेकर हम काम कर रहे हैं उन्होंने सर्टिफिकेट न मिलने के कारण प्रोजेक्ट को की जा रही फंडिंग बंद कर दी है। सर्टिफिकेट के बिना हमें पैसा नहीं मिल रहा है और बिना पैसे के हम काम करें भी तो कैसे?
अधिकारी कहते हैं कि कंपोनेंट अथॉरिटी ने दोनों टोल प्लाजाओं के लिए ईटीसी मंजूर किए हैं। इस अतिरिक्त काम की जानकारी हम पहले ही कंपनी को दे चुके थे। ऐसी विपरीत परिस्थितियां बनी कि दोनों टोल प्लाजाओं का काम अटक गया। इससे लोगों को मिलने वाली सुविधा भी प्रभावित हुई है। तमाम दिक्कतों को देखते हुए कंपनी को तीन महीने का वक्त दिया है ताकि वह ईटीसी की व्यवस्था कर दे।
निर्णय होना बाकी है...
अधिकारियों की मानें तो अपै्रल 2014 में कंपनी ने उस वक्त से सर्टिफिकेट मांगना शुरू कर दिया था जब काम 60 फीसदी ही हुआ था। अब भी कई काम बाकी है। इसीलिए पूर्णता प्रमाण-पत्र हम अपने स्तर पर नहीं दे सकते। हमने कंपनी की मांग को मुख्यालय तक पहुंचा दिया है। मुख्यालय में इस संबंध में एक-दो बैठक भी हो चुकी है। मुख्यालय ने कंपनी-उसके कर्जदाताओं से बकाया काम को पूर्ण करने की रूपरेखा समयसीमा के साथ मांगी है। प्रमाण-पत्र पर निर्णय होना बाकी है।
तीन महीने में कर देंगे काम...
अधिकारियों ने कंपनी और उसके कर्जदाताओं को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के आदेश के साथ ही ईटीसी के महत्व और जनता के हिसाब से जरूरत दोनों समझाया भी। कंपनी भी अपने स्टेंड पर कायम है और स्पष्ट कह दिया है कि जिस दिन पूर्णता प्रमाण-पत्र मिल जाएगा, उसके तीन महीने में ईटीसी स्थापित कर देंगे। लोगों को फायदा मिले, हम भी यही चाहते हैं। इससे पहले मंत्रालय पत्र लिखकर कह चुका था कि जनवरी तक ईटीसी लग जाना चाहिए। जनवरी से अब तक आधा दर्जन से अधिक पत्र लिखे जा चुके हैं कंपनी को।
यहां कोर्ट का स्टे...
पुराने एबी रोड पर मांगलिया के पास जो टोल प्लाजा है उसका निर्माण हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बाद रोक दिया था। स्थगन टोल प्लाजा निर्माण के विरुद्ध दायर हुई पिटिशन (19812/2014) की सुनवाई के दौरान मिला। बहरहाल मामला विचाराधाीन है। जिस दिन कोर्ट स्थगन आदेश रद्द कर देगी उसके दूसरे ही दिन से कंपनी प्लाजा बनाना शुरू कर देगी। इसके बाद ईटीसी इंस्टॉल्ड कर देंगे।


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