न प्लींथ सर्टिफिकेट, न नोटिस पर कार्रवाई, काम जारी
ब्रोशर दिखाकर प्लॉटधारकों को सुविधाओं से महरूम रखने वाले जिन बिल्डरों को कलेक्टर ने नोटिस थमाया था उनमें गिरीराज ग्रुप भी शामिल है। ग्रुप मनमानी आदी है। इसका उदाहरण है स्कीम-134 में निर्माणाधीन गिरीराज ड्रीम। मंजूरी के विपरीत मनमाना निर्माण करके ग्रुप ने नगर निगम की नाक में दम कर रखा है। प्लींथ सर्टिफिकेट को लेकर नगर निगम ने बीच में काम बंद कर दिया था लेकिन बाद में ले-देकर काम शुरू हो गया।
गिरीराज ड्रीम्स स्कीम नंबर 134 के प्लॉट नंबर 19 आर-सी सेक्टर डी पर बन रही है। प्लॉट का क्षेत्रफल 16951.32 वर्गफीट है। भवन अधिकारी से लेकर नगर निगम आयुक्त तक को शिकायत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इंदौर के वजनदार मंत्री के दबाव में कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसीलिए मामले की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और मुख्य सचिव के साथ ही लोकायुक्त-ईओडब्ल्यू को भी की गई है।
नगर निगम की भवन अनुज्ञा के अनुसार बिल्डिंग में बड़े पैमाने पर मनमानी सामने आई है। अब तक प्लींथ सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ। बावजूद इसके मनमाना निर्माण हो रहा है। ईओडब्ल्यू ने भी नगर निगम को चिट्ठी लिखकर प्लींथ सर्टिफिकेट की कॉपी मांगी है, जो निगम ने जारी ही नहीं किया।
बीओ का ट्रांसफर हो गया...कार्रवाई नहीं हुई
बिल्डिंग के अवैध निर्माण को लेकर जब शिकायतें हुई तब भवन अधिकारी (बीओ) शैलेंद्र मिश्रा थे। उन्होंने बिल्डिंग और बिल्डर को बचाने की भरचक कोशिश की। इसी शिकायत के बाद उनका तबादला हो गया था। अब बीओ का दायित्व टीना सिसोदिया को सौंपा गया है।
निगम को मुंह चिढ़ा रह है मनमानी
16951.32 वर्गफीट के प्लॉट पर मार्जिनल ओपन स्पेस (एमओएस) के लिए खूली छोड़ी जाने वाली जमीन पर कब्जा करते हुए ग्राउंड कवरेज 4495.49 वर्गफीट से बढ़ाकर 13561 वर्गफीट कर लिया। इसी के आधार पर बेसमेंट बनाया। तल मंजिल बनी है। शिकायतकर्ता अजय यादव के अनुसार इसी के आधार पर ऊपर निर्माण हुआ तो कुल 81,366 वर्गफीट के आसपास निर्माण होगा। जो मंजूर निर्माण 21949.44 वर्गफीट से 59416.89 वर्गफीट अधिक और अवैध होगा।
नया नहीं है गिरी का राज
नीरज उर्फ निक्की नीमा की इस कंपनी ने इससे पहले स्कीम-54 के प्लॉट नं. 64 और 65 को जोड़कर गिरीराज ग्रांड नाम की बिल्डिंग बनाई थी। इस बिल्डिंग में भी 798.68 वर्गफीट कमर्शियल निर्माण की अनुमति दी गई थी जबकि मौके पर इससे 10 गुना कमर्शियल निर्माण हुआ है। सुदामानगर क्षेत्र में भी कई ऐसी मनमानी इमारतें तनी हुई है।
No comments:
Post a Comment