एक घंटे का प्रयोग, 15 मिनट में हटाना पड़ी बेरिगेटिंग
शहर के पहले चौराहे पर भारी यातायात ने किया चकरघिन्नी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
देवास नाका पर फ्लाईओवर बनाने के नाम पर एमपीआरडीसी ने पूर्व उत्तरी इंदौर की नाक में दम कर दिया है। हालत यह है कि राजाराम ढाबे के सामने देवास की ओर जाने वाली लेन बंद करके ट्रेफिक को लोहामंडी की ओर डायवर्ट करने में यातायात पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। एक घंटे के लिए जो ट्रायल होना था लेकिन 15 मिनट में ही पुलिस को बैरिगेटिंग हटाना पड़ी। यातायात पुलिस की मानें तो डायवर्शन में कंपनी को जो मार्किंग करना थी, नहीं की। मार्शल भी ऐसे बच्चों जैसे भेज दिए, वे ट्रेफिक संभाल ही नहीं पाते।
बीआरटीएस तोड़ा जा चुका है। आईबस स्टॉफ तोड़ दिया। एक हिस्से के पिलर खड़े हो गए। दूसरे हिस्से में होना है। अब कंपनी देवास की ओर काम शुरू करने वाली है। इसके लिए देवास की ओर जाने वाले वाहनों को स्कीम-114 भाग-1 के चौराहे से लोहामंडी होते हुए सीकेडी होते हुए एबी रोड से जोड़ा जाना है। सोमवार की शाम 4.30 बजे यातायात पुलिस ने देवास की ओर वाली लेन टिनशेड लगाकर बंद कर दी थी। पूरा ट्रेफिक लोहामंडी की ओर डायवर्ट किया जाना था। ये काम इतना आसान नहीं था, जितना यातायात पुलिस ने समझा था। अंतत: 15 मिनट की आपाधापी के बाद बेरिंगेटिंग हटा दी गई।
ट्रेफिक एसआई आशा यादव ने बताया यह दूसरा ट्रायल था। पहले ट्रायल में जो समस्याएं आई थी वे दूसरे में थोड़ी कम हुई। यातायात का दबाव बहुत ज्यादा है। जिससे थोड़ी मुश्किल हो रही है।
ट्रायल में क्यों हुए फेल....
देवास नाका फ्लाईओवर वही कंपनी बना रही है जो मुसाखेड़ी फ्लाईओवर भी बना रही है। वहां जिस तरह से बेरिंगेटिंग और मार्किंग की गई है वैसी देवास नाके पर नहीं की गई।
ट्रायल के दौरान तकरीबन आठ यातायात पुलिस के जवान थे और बाकि आधा दर्जन मार्शल थे जिन्हें कंपनी ने भेजा था। ये मार्शल नौसीखिए हैं और देवासनाके जैसे चौराहे पर डायवर्शन तेड़ी खीर है।
नगर निगम....
लोहामंडी में डिवाइडर में जो चाय-नाश्ते और पंचर की गुमटियां लगी है उन्हें निगम को हटाना पड़ेगा, तभी सड़क पर दोनों तरफ खड़े ट्रकों की कतार भी हटेगी।
लोहामंडी से सीकेडी के बीच सड़क चौड़ी है लेकिन गुमटी-ठेले और अवैध पार्किंग के कारण बड़े वाहनों का देवास की ओर टर्न लेना मुश्किल है।
देवास नाका की ओर से लिंक रोड की ओर जो सर्विस रोड की प्रस्तावित जमीन है उसके आधे हिस्से को सड़क में तब्दील करना चाहिए जो नहीं किया जा रहा है। इससे वाहनों को चलने के लिए जगह ज्यादा मिलेगी, जाम कम लगेगा।
एमपीआरडीसी को जिम्मेदारों की तलाश
फ्लाईओवर के लिए 18 महीने का वक्त तय किया था। शिलान्यास के छह महीने बाद काम शुरू हुआ। अप्रैल 2024 से काम चल रहा है। नौ महीने हो चुके हैं। 50 प्रतिशत समय खत्म हो गया लेकिन काम 25 प्रतिशत भी नहीं हुआ। कंपनी पर कसावट के बदले अधिकारी कभी आईबस स्टॉप तोड़ने में हुई देर पर प्राधिकरण को कोसते हैं तो कभी भू-अधिग्रहण के बावजूद देवास नाका की ओर के कब्जे हटाने में नगर निगम को नाकाम बताते हैं।
देवास से इंदौर लेन का प्लान
देवास से इंदौर की ओर आने वाले वाहनों को एमआर-11 से राजाराम ढाबे के पीछे स्थित कांकड़ से रिंग रोड पर जोड़ा जाएगा। इसके लिए खुदाई शुरू हो चुकी है लेकिन जो खुदाई चल रही है उसके हिसाब से सड़क कम चौड़ी बनेगी। जिसे रिंग रोड जाना है उसे दिक्कत नहीं है। जिसे इंदौर की ओर जाना होगा, वह परेशान होगा। क्योंकि यहां सिग्नल नहीं है। उल्टा, बांबे हॉस्पिटल की तरफ से ट्रेफिक तेज आता है। ऐसे में यहां भी अवैध मटन मार्केट हटाकर नगर निगम को सड़क चौड़ी करना पड़ेगी।
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