Thursday, August 21, 2025

नीतीश, ममता, आतिशी, भजनलाल पर भारी है मप्र का मोहन


सबसे रईस मुख्यमंत्रियों में पांचवें स्थान पर है डॉ.यादव 
तीन के पास है 60 से लेकर 910 करोड़
8 राज्यों के सीएम की संपत्ति 10 से 50 करोड़ के बीच है
18 सीएम ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 1 से 10 करोड़ रुपए के बीच है
इंदौर. विनोद शर्मा । 
देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वर्तमान मुख्यमंत्रियों की संपत्ति की जानकारी सामने आई है। एडीआर की 2024 की रिपोर्ट की मानें तो मप्र के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव संपत्ति और इनकम के मामले में दिल्ली, पंजाब, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बने पहली बार के मुख्यमंत्री तो दूरी की बात तकरीबन दो दशक से बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार से भी कई गुना आगे हैं।  
 एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि, प्रति मुख्यमंत्री की औसत संपत्ति 52.59 करोड़ रुपये है। भारत की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 2023-2024 में लगभग 1,85,854 रुपये थी, जबकि एक मुख्यमंत्री की औसत आमदनी 13,64,310 रुपये है, जो भारत की औसत प्रति व्यक्ति आय का लगभग 7.3 गुना है। एडीआर के डेटा के मुताबिक, देश के 31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति 1,630 करोड़ रुपये है।
 मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास 42 करोड़ की कुल संपत्ति है। उनकी स्वयं की आय 24 लाख से अधिक है। उन्होंने बिजनस और एग्रीकल्चर से अच्छा पैसा बनाया है। उनके पास 32.1 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। वहीं, 9.9 करोड़ रुपये की चल सपत्ति है। इसके अलावा मोहन यादव के पास 8.5 करोड़ रुपये की लायबिलिटीज भी हैं। 2013 में उनकी संपत्ति 16 करोड़ थी जो बढ़कर 2018 में 31 करोड़ हो गई। 2013 से 2018 के अनुपात में 2018-2023 में उनकी संपत्ति नहीं बढ़ी। चुनाव आयोग को दिए गए ताजा हलफनामे में मोहन यादव ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया था। इसके अनुसार मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री के पास 1.41 लाख रुपये कैश थे। जबकि उनकी पत्नी के पास 3.38 लाख रुपये की नकदी थी। बैंकों में जमा राशि की बात करें, तो अलग-अलग बैंकों में उनके और उनकी पत्नी के अकाउंट्स में 28,68,044.97 रुपये जमा थे। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कई कंपनियों के शेयर, डिबेंचर और बॉन्ड्स में 6,42,71,317 रुपये का निवेश किया हुआ है।
कितना कैश-कितना निवेश
चुनाव आयोग को दिए गए ताजा हलफनामे में मोहन यादव ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया था। इसके अनुसार मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री के पास 1.41 लाख रुपये कैश थे। जबकि उनकी पत्नी के पास 3.38 लाख रुपये की नकदी थी। बैंकों में जमा राशि की बात करें, तो अलग-अलग बैंकों में उनके और उनकी पत्नी के अकाउंट्स में 28,68,044.97 रुपये जमा थे। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कई कंपनियों के शेयर, डिबेंचर और बॉन्ड्स में 6,42,71,317 रुपये का निवेश किया हुआ है।
नायडू सबसे रईस सीएम 
एडीआर के मुताबिक,आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिर्फ 15 लाख रुपये की संपत्ति के साथ सबसे कम संपत्ति वाली मुख्यमंत्री हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू 332 करोड़ रुपये से अधिक की कुल संपत्ति के साथ दूसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया 51 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।
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भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री 
राज्य सीएम संपत्ति
आंध्रप्रदेश चंद्रबाबू नायडू 910 करोड़
अरुणाचल प्रदेश पेमा खांडू 332 करोड़ 
कर्नाटक सिद्धरमैया 51 करोड़
नागालैंड नेफ्यू रियो 46 करोड़ 
मप्र डॉ.मोहन यादव 42 करोड़
पुडुचेरी एन.रंगास्वामी 38 करोड़
झारखंड हेमंत सोरेन 25.33 करोड़
असम हेमंत विसवा सरमा 17.10 करोड़
महाराष्ट्र देवेंद्र फडणवीस 13.27 करोड़
त्रिपुरा माणिक साहा 13.10 करोड़
अन्य करोड़ पति सीएम 
गुजरात भूपेंद्र पटेल 8.22 करोड़
हिमाचल प्रदेश सुखविंदरसिंह सुक्खू 7.81 करोड़
हरियाणा नायब सैनी 5.80 करोड़
उत्तराखंड पुष्करसिंह धामी 4.64 करोड़
छत्तीसगढ़ विष्णु देव साह 3.80 करोड़
बिहार नीतीश कुमार 3.10 करोड़
उप्र योगी आदित्यनाथ 1.55 करोड़
मणिपुर बिरेन सिंह 1.47 करोड़
राजस्थान भजनलाल शर्मा 1.46 करोड़
दिल्ली आतिशी 1.41 करोड़ 
केरल पिनरई विजयन 1.18 करोड़
 सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्री
राज्य सीएम संपत्ति
प.बंगाल ममता बेनर्जी 15.38 लाख
जम्मू-कश्मीर उमर अब्दुल्ला 55.13 लाख
उप्र योगी आदित्यनाथ 54.94 लाख
बिहार नीतीश कुमार 64.82 लाख
पंजाब भगवंत मान 97.10 लाख 

 किसी सीएम पर कितना कर्ज?
खांडू पर सबसे ज्यादा 180 करोड़ रुपये की देनदारी भी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिद्धरमैया पर 23 करोड़ रुपये और नायडू पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि 13 (42 प्रतिशत) मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 10 (32 प्रतिशत) ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, अपहरण, रिश्वतखोरी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामले शामिल हैं।

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