Thursday, August 21, 2025

नाबालिग दुल्हन को ससुराल भेजा दुल्हे पर लादे केस, भेजा जेल

चंद्रावतिगंज पुलिस का कारनामा

सास-ससूर के साथ जेल के बाहर दुल्हे के बाहर आने का इंतजार कर रही है दुल्हन
आरोप : लड़का-लड़की वालों के बीच हो गया था समझौता, एक लाख न मिलने पर पुलिस ने निकाली खीज
इंदौर. विनोद शर्मा ।  
देश में 'गांधी' की ऐसी आंधी चल रही है कि आप किसी भी सरकारी कर्मचारी से मनचाहा कोई भी काम करा लो। खासकर पुलिस से। इसका उदाहरण है चंद्रावतिगंज थाना। जहां के चमत्कारी पुलिस अधिकारियों ने भागकर शादी करने वाली एक नाबालिग लड़की को ससुराल तो भेज दिया लेकिन दुश्कर्म का केस दर्ज करके दुल्हे को जेल भेज दिया। वो भी सिर्फ इसीलिए क्योंकि लड़के का परिवार एसआई साहब को एक लाख रुपए नहीं दे पाया। वहीं एक-दूसरे मामले में 14 साल की लड़की 32 साल के लड़के के साथ भागी। मां-बाप ने पुलिस को शिकायत की लेकिन पुलिस ने दूर का भाई बताकर लड़की लड़के को ही सौंप दी।
 मामला चंद्रावतिगंज थाने का है। जहां सेमदा निवासी सुनील चंद्रवंशी (18 साल) और दयाखेड़ा निवासी पूजा (परिवर्तित नाम) 11 दिसंबर 2024 को घर से भाग गए थे। भागकर दोनों ने शादी कर ली। इस बीच लड़की के माता-पिता ने थाने में लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 1 जनवरी को सुनील-पुजा दोनों जैसे ही सेमदा पहुंचे। परिवार के लोग थाने ले गए। जहां लड़की वाले भी आ गए। दोनों परिवारों के बीच लम्बी बातचीत चली। पुलिस के पूछने पर पूजा ने कहा उसने मनमर्जी से शादी की है। वह सुनील के साथ ही रहना चाहती है। उसके माता-पिता ने कहा कि साहब इसे ससुराल ही भेज दो, हमें कोई दिक्कत नहीं। इसके बाद पुलिस ने पूजा को ससुराल वालों के हवाले कर दिया लेकिन सुनील को थाने में ही बैठा लिया। 
 इसके बाद सुनील को लेकर परिवार पर दबाव बनाया। मामला-रफादफा करना है तो एक लाख रुपए लगेंगे। इसके बाद इंदौर से कुछ लोग पहुंचे उन्होंने पुलिस से बात की। परिवार की आर्थिक स्थिति बताकर 25 हजार रुपए का ऑफर दिया। जिस पर नाराज होकर पुलिसकर्मियों ने कहा कि बात से पलटना भारी पड़ेगा। इसके बाद लड़की का मेडिकल कराया। लड़की के बयान के बावजूद उसके माता-पिता की पुरानी शिकायत पर सुनील पर बीएनएस की धारा 137(2), 87, 64(2) और एमबीएनएस 5एल/6 पाक्सो एक्ट लगा दिया। इसमें पुलिस ने लड़की के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सुनील उसे बहला-फुसलाकर ले गया था। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।  
 बाद में पुलिस ने अपर सत्र न्यायाधीश सांवेर के समक्ष प्रस्तुत किया। कोर्ट ने पुलिस की कहानी सुनते हुए सुनील को जेल भेज दिया। पिछले 10 दिन से पूजा सहित पूरा परिवार कभी जेल के चक्कर काटता है तो कभी थाने के। न पुलिस उनकी सुनने को तैयार है। न ही कोई और। रो-रोकर पूजा का हाल बेहाल है। सुनील की मां की आंखें भी पथरा गई है। पिता की मजदूरी छूट गई है।
दोनों के आधार कार्ड में जन्मतिथि 2006
लड़के और लड़की वाले दोनों ही इस समय सुनील को बचाने में लगे हैं। दोनों ने दोनों के आधार कार्ड पुलिस को दिए। जिसमें दोनों की जन्म तिथि 2006 की है। इसका मतलब दोनों की उम्र 18 से ज्यादा है। जवाब में पुलिस ने पूजा की पांचवी की मार्कशीट पेश कर दी जिसमें उसकी जन्मतिथि 2008 लिखी है। ये मार्कशीट लड़की के पिता ने तब दी जब उन्होंने शिकायत की थी। 
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1.5 लाख लेकर 32 साल के 'भाई' को सौंप दी 14 साल की लड़की
चंद्रावति गंज का दूसरा मामला भी रोचक है। जहां कमल नाम का एक व्यक्ति लम्बे समय से 14 साल की अपनी नाबालिग बेटी की अभिरक्षा मांग रहा है। चूंकि कमल के खिलाफ उसी की पत्नी की शिकायत पर 10-12 मामले दर्ज है इसीलिए पुलिस उसे धमका के भगा देती है। कमल का आरोप है कि चंद्रावतिगंज में रहने वाली एक महिला का देवास निवासी 32 वर्षीय भाई मेरी 14 साल की बेटी को भगाकर ले गया था। जिसके सीसीटीवी फुटेज में पुलिस को दे चुका हूं। पुलिस लड़की को ढूंढ लाई थी। रातभर मेरी पत्नी और दो अन्य महिलाओं के साथ थाने पर रखा। दूसरे दिन मुझे गरियाते हुए पुलिसकर्मियों ने थाने से भगा दिया। मुझे या मेरी पत्नी को अभिरक्षा देने के बजाय पुलिस ने यह कहते हुए मेरी 14 साल की बेटी को उस आदमी को सौंप दिया जिसके साथ वह भागी थी। कमल का आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने 1.5 लाख का लेनदेन किया।

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