Thursday, August 21, 2025

अवैध आरवी क्लब पर कार्रवाई के नाम पर टालमटौल


चिंटू की चमक के आगे फीकी पड़ी आयुक्त की धमक
इंदौर से लेकर भोपाल तक आया दबाव 
इंदौर. विनोद शर्मा । 
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के वार्ड में बेधड़क चल रहे आरवी पुल एंड क्लब के खिलाफ नगर निगम का रवैया के ढूलमूल रवैये ने ये बात साबित कर दी है कि सत्ता पक्ष-विपक्ष कितनी ही दिखावटी लड़ाई लड़ ले, असल में एक है। इसीलिए तो चौकसे का संरक्षण प्राप्त इस अवैधानिक क्लब को तोड़ने में नगर निगम ने कोई रूचि नहीं ली। जबकि चौकसे अफसरों से लेकर महापौर तक की घेराबंदी का अवसर नहीं छोड़ते। 
 आरवी पुल एंड क्लब सुखलिया ग्राम के सर्वे नंबर 376/1 व अन्य खसरों की तकरीबन 90 हजार वर्गफीट जमीन पर है। जो कि राजस्व रिकार्ड में अशोक व विनोद पिता गोपाल चौधरी के नाम दर्ज है। निर्माण अवैध है। न भवन अनुज्ञा है, न ही संपत्ति कर चुका रहे हैं। इसका खुलासा हिंदुस्तान मेल ने 12 दिसंबर को किया था। तब निगमायुक्त शिवम वर्मा ने आश्वस्त करते हुए कहा था कि क्लब के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी। 
 इसके बाद आयुक्त ने उपायुक्त लता अग्रवाल को निर्देशित किया। अग्रवाल के निर्देश पर पहले ही क्लब संचालकों और क्षेत्रीय पार्षद से उपकृत भवन अधिकारी सुधीर गुलवे ने एक नोटिस चस्पा कर दिया था। नोटिस में मालिकाना हक व वैधानिकता संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे लेकिन क्लब संचालकों ने "गांधीजी' को आगे कर दिया। खूद पीछे हो गए। 
भोपाल तक का प्रेशर डलवाया
बताया जा रहा है कि आरवी क्लब को बचाना क्षेत्रीय पार्षद व नेताओं के लिए नाक का विषय बन चुका है। इसीलिए उन्होंने भवन अधिकारी से लेकर आयुक्त तक पर भोपाल के नामचीनों के फोन का दबाव डलवा दिया है। इसीलिए जो कार्रवाई शिवम वर्मा ने तत्पर्ता से शुरू कराई थी वह ठंडे बस्ते में पड़ गई।
अब मामले की शिकायत लोकायुक्त
शिकायतकर्ता ने बताया कि भवन अधिकारी भ्रष्ट है और हर नवनिर्मित से वसूली करते हैं। उन्हें चार साल से चल रहा अवैध आरवी क्लब क्यों दिखेगा। हमने सोचा था कि आयुक्त परिणाममुलक कार्रवाई करते हैं, उनसे अपेक्षा थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पहले से पार्षद का प्रश्रय प्राप्त क्लब संचालक अब उन्मादी हो चुके हैं। वे गरिया रहे हैं। कहते हैं जिसको जितनी शिकायतें करना है, कर ले। मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा। इसीलिए मामले की शिकायत लोकायुक्त को की है। जिसमें क्लब संचालक से लेकर अधिकारियों तक को पार्टी बनाया है।
अनुमति के नाम पर कुछ नहीं  
क्लब-मैिरज गार्डन भले चार साल से चल रहा हो लेकिन इसका डायवर्शन (क्र. 22085559949) हुआ 28 जून 2024 को। इसके लिए चालान क्र. 051/9999999/0029/06/24/178100 से 315040 रुपए जमा किए गए थे। फिर भी क्लब का संपत्ति कर खाता नहीं खुला है। डायवर्शन अलग विषय है लेकिन उक्त जमीन चूंकि खसरे की है इसीलिए वहां टीएनसी के साथ निगम से भवन अनुज्ञा होना जरूरी है। जो क्लब संचालकों के पास नहीं है।

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