फेंसिंग उखाड़ी, गेट तोड़ा, हवाई फायर हुए, पुलिस आंख पर पट्टी बांधे खड़ी रही
इंदौर. विनोद शर्मा ।
इंदौर में एक तरफ जमीन की कीमत आसमान छू रही है तो दूसरी तरफ जमीन पाने और कब्जाने के लिए गुंडे-बदमाशों से लेकर नेताओं तक होड़ लगी हुई है। दो दिन पहले इंदौर और उज्जैन के बदमाशों के बीच जमीन को लेकर जमकर जोरआजमाइश हुई। इसमें हवाई फायर भी हुए लेकिन प्रभावी नेता के दबाव में पुलिस ने मामला रफा-दफा कर दिया।
मामला सुपरकॉरिडोर से लगे पालाखेड़ी का है। यहां राधेलाल यादव की 18 बीघा जमीन है। जो उनके पिताजी बेच चुके हैं लेकिन यादव का कब्जा कायम है। उसकी मदद इंदौर-2 में कांग्रेस से भाजपा में आए एक नेता कर रहे हैं। जिन्होंने अपनी टीम बैठा रखी थी। इस बीच शनिवार को इंदौर-2 में ही रहने वाले कुछ बदमाश जमीन पर पहुंचे। उन्होंने कब्जेदार किसान और उसकी मदद करने वाले मैनेजर की पिटाई कर दी। डराने-धमकान के हिसाब से हितेश प्रधान "गोलू' और उसके सहयोगियों ने हवाई फायर भी किए।
सूचना उज्जैन पहुंची। जहां स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताने वाले नेता "जो राधे यादव के कब्जे को जायज मानते हैं, और उसको सुरक्षा का भरोसा दे चुके हैं', ने अपने गुंडे भेज दिए। दोनों पक्षों में जमकर हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर गांधीनगर और बाणगंगा थाने का बल भी पहुंचा। पुलिस को देखकर सभी रवाना हो गए।
पुलिस तमाशा देखती रही, कायम नहीं की
पुलिस मौके पर ऐसे पहुंची थी जैसे कोई मैच देखने आई हो। जैसे ही उज्जैन वालों का नाम आया, पुलिस के जवान किनारे हो गए। दूसरी तरफ के लोग स्वयं को कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला का समर्थक बताते रहे। इसीलिए पुलिस ने कार्रवाई न करने में भलाई समझी।
एक बड़े बिल्डर की भूमिका भी सामने आई
मामले में पालिया और पालाखेड़ी क्षेत्र में एक के बाद एक कॉलोनी काट रहे इंदौर-2 से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बिल्डर की भूमिका भी सामने आई है। जो इस जमीन पर कॉलोनी काटने की इच्छा रखता है।
विवाद इसीलिए हुआ...
बताया जा रहा है कि 1980 में राधे के पिताजी जमीन बेच चुके थे। इसके बाद भी राधे ने कब्जा नहीं छोड़ा। बल्कि इंदौर-2 के आयातीत भाजपाई नेता की मदद से फेंसिंग करके गेट लगा दिया। कथित खरीदार की तरफ से जब प्रधान, राजा ठाकुर, सतीश ठाकुर, व अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने गेट तोड़ दिया। फेंसिंग उखाड़ दी। सुरक्षाकर्मियों से लेकर मैनेजर तक से मारपीट की। बताया जा रहा है कि इस मामले में समझौता बैठक एक-दो दिन में होगी। जिसमें ठाकुरवाद हावी रहेगा। दूसरी तरफ राधेलाल को उज्ज्ैन के यादव से उम्मीदें हैं।
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