विनोद शर्मा
वक्त दिखाई नहीं देता है, पर बहुत कुछ दिखा जाता है ! कुछ यही हाल है पार्षद जीतू देवतवार उर्फ जीतू जाटव, उर्फ जीतू यादव के। एक महीने पहले जन्मदिन पर जिस जीतू के होर्डिंग-बैनर पोस्टर शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर आते थे, आज उसी जीतू को पुलिस ढूंढ रही है। जीतू तो जीतू...उसके गुर्गे भी भागते फिर रहे हैं पुलिस के डर से।
पार्षद कमलेश कालरा को अपनी ताकत का अहसास कराने की जिद ने जीतू को कहीं का नहीं छोड़ा। सोचा नहीं था कि कालरा को 'जीतू यादव क्या चीज है' ये समझाना उसे और उसके गुर्गों को इतना भारी पड़ेगा कि कोई साथ देने वाला नहीं मिलेगा। गुस्से में जिस संगठन को चुल्हें में जाए कहा था उसी संगठन ने सारा गुरुर उतार दिया। इंदौर के धांकदार राजनीतिक आकाओं की शह के बावजूद पार्टी ने छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखाया तो दूसरी तरफ महापौरे ने एमआईसी से।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के तेवर तल्ख है। उनके आदेश पर गठित हुई एसआईटी ने 40 में से 29 हमलावरों को चिह्नित कर लिया है। वहीं 15 गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकि को फरार करार देकर ईनाम घोषित किया जा रहा है। जीतू की हरकत से पूरे प्रदेश का सिंधी समाज नाराज है। खंडवा में अर्धनग्न होकर सिंधी समाज ने अपनी नाराजगी का इजहार भी किया। इससे पुलिस पर कार्रवाई का दबाव भी बढ़ गया है। पुलिस बयान लेना चाहती है लेकिन जीतू है कि गायब है। या यूं कहें कि फरार है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ हो रही है। फरारों की तलाश के लिए पांच टीमें बना दी गई। जो जगह-जगह छापेमारी कर रही है।
पुलिस की मानें तो मामला संगीन है। जीतू जल्द पेश नहीं हुआ तो उसे भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जा सकता है। पूरी जांच फास्ट ट्रेक पर है। एसआईटी को 15 दिन का वक्त दिया था। सात दिन बीत चुके हैं। अब तक ऐसे कई फुटेज सामने आए हैं जो उस दिन की तानाशाही की गवाही दे रहे हैं। फिर भले कालरा के घर पर हंगामेबाजी हो या फिर कारों के काफिले से कहर बरपाना।
संगठन को नहीं मिल पाए सेनापति
जीतू जाटव की जुनुन ने न सिर्फ उनकी मुश्किलें बढ़ाई है बल्कि उन नेताओं को भी संगठन के सामने सीना तानकर खड़े रहने लायक नहीं छोड़ा है। 11 अपराध दर्ज होने के बावजूद जिन नेताओं ने जीतू को टिकट दिलाकर पार्षद बनाया आज वे अपने बूते पर भाजपा का नगर अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष नहीं बनवा पा रहे हैं। यदि उनकी चली होती तो अब तक संगठन को सेनापति मिल चुके होते लेकिन जितने नाम इनकी ओर से चलाए जा रहे हैं उन्हें लेकर सीएम सहित संगठन के पदाधिकारी सहमत कम है। इसीलिए फैसला अटका हुआ है। सुलह-समझाइश की कोशिशें जारी है।
तीन और गिरफ्तार...
पुलिस ने शैलेंद्र दीपक जरिया, गोलू उर्फ अभिजीत आदिवाल, धीरज शिंदे और संतोष कमरिया को गिरफ्तार कर लिया है।
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