Tuesday, August 19, 2025

कॉलोनियों से गायब है ब्रोशर का सब्जबाग

17 कॉलोनियों को नोटिस, आधे बिल्डरों ने दिया जवाब

किसी ने समय मांगा, किसी ने कहा कॉलोनी कंपलिट है, साहब एक बार आकर तो देखो

इंदौर. नगर संवाददाता ।

सुविधाओं का सब्जबाग दिखाकर  कॉलोनाइजरों ने कॉलोनी काटी। मनमाफिक कीमत पर प्लॉट बेचे। रजिस्ट्री की। प्लॉट के कब्जे के साथ बिल्डरों ने वादों का ब्रोशर थमाया लेकिन बुनियादी सहुलियतें आज तक जुटाकर नहीं दी। किसी में पानी की टंकी नहीं है। किसी में स्ट्रीट लाइट नहीं है। कहीं सीवरेज लाइन का संकट है। कहीं सड़क के ही पते नहीं है। परेशान प्लॉटधारकों की शिकायत पर कलेक्टर आशीष सिंह ने करीब 400 एकड़ जमीन पर कॉलोनियां काटकर बैठे 17 नामी बिल्डरों को नोटिस थमाकर पूछा है कि काम क्यों नहीं हुआ। सात दिन हो चुके हैं। कुछ बिल्डर बगले झांक रहे हैं। कुछ ने जवाब के नाम पर बहानेबाजी थमा दी।  

कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम गौरव बैनल ने 17 बिल्डरों को नोटिस दिए थे। नोटिस के अनुसार बिल्डरों को सात दिन में बताना था कि उन्होंने उनके द्वारा काटी गई कॉलोनियों में काम क्यों नहीं किया? सात दिन से ज्यादा हो चुका है। नोटिस जारी हुए। अब तक करीब 7-8 बिल्डरों की तरफ से जवाब गया है। जवाब भी अलग-अलग है। किसी ने कहा कि उनका प्रोजेक्ट कंपलिट हुआ नहीं है, काम चल रहा है। इसीलिए यह नहीं कह सकते कि सुविधाएं जुटाए बिना बाहर हो गए। कुछ ऐसे हैं जिन्होंने सीधे से गलती तो नहीं मानी लेकिन ये कहा कि लोगों की शिकायतों का निराकरण कर देंगे, बस थोड़ा वक्त दे दो। 

एडीएम बैनल ने बताया कि तकरीबन आधे बिल्डरों ने जवाब दे दिए हैं। जवाब को सुचिबद्ध किया जा रहा है। काम न होने पर हर एक ने अलग-अलग कारण बताए हैं। हमारी प्राथमिक्ता भी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं डेवलप कराना है ताकि रहवासी परेशान न हों।

धरोहर के प्लॉट न छुटे इसीलिए दिए नोटिस 

कुछ बिल्डरों का कहना है कि उनकी कॉलोनी कंपलिट है। प्रशासन सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज, गार्डन, सुरक्षा जैसी सुविधाएं होने के बाद भी नोटिस थमा रहा है जो कि गलत है। कुछ बिल्डर ऐसे भी हैं जिन्होंने कंपलिशन सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर रखा है ताकि निश्चित समयावधि में प्रशासन कॉलोनी की सुविधाएं जांचकर धरोहर के प्लॉटों को मुक्त कर सके। कंपलिशन न देने के लिए जबरन नोटिस दिए हैं। 

बिल्डर जिन्हें नोटिस जारी हुए 

हरप्रीतसिंह भािटया 'मोनू' : चोरल के सर्वे नं. 132/1/1क/1 व अन्य की 2.414 हेक्टेयर जमीन पर सतगुरु नगर बसाया। सड़क पर 15 फीट जगह छोड़ी है, जो इंट्रेंस है कॉलोनी का। गेट पर लिखा है संपूर्ण वैध कॉलोनी।

शैलेष पिता शिवनारायण माहेश्वरी तर्फे दृष्टि डेवकॉन प्रा.लि. : कंपनी ने महू के पिपलिया लौहार में गिरीराज वैली-1 और और खरडाखेड़ा में गिरीराज वैली-2 के नाम से कॉलोनी काटी है।  तीसरी कॉलोनी जोशी गुराडिया में है। नाम है गिरीराज सिटी। 

जेआरपीएल इस्टेट डेवलपर्स तर्फे अखिलेश कोठारी : कंपनी ने पालाखेड़ी में क्रिसेंट गार्डन सिटी और गार्डन सिटी के नाम से कॉलोनी काटी है।  

कृष्णमुरारी तिवारी : महू के सातेर में श्री रेसीडेंसी के नाम से कॉलोनी काटी है। 

केशर सिंह चौहान : महू गांव में शिव शक्तिनगर के नाम से कॉलोनी काट रखी है। वैध बताकर बेची गई इस कॉलेानी में कई बुनियादी सुविधाएं नहीं है। 

ऋृषभ महाजन तर्फे विशाल रिर्सोट्स एंड होटल्स : झलारिया में रूचि लाइफ स्कैप के नाम से कॉलोनी काटी है। इस कॉलोनी में भी ग्रीड को लेकर शिकायतें हैं।  

व्यंकटेश इंडस्ट्रीयल प्रा.लि. तर्फे योगेश मेहता : जाख्या में कंपनी ने अल्पा इंडस्ट्रीयल पार्क बनाया है। जहां ब्रोशर में जो सुविधाएं गिनी। कई अब तक उपलब्ध नहीं।  

संजय लुणावत : महू के भाटखेड़ी में सबसे बड़ी 53.054 हेक्टेयर की कॉसमॉस सिटी कॉलोनी काटी है। कॉलोनी में भी कई सुविधाएं अब तक विकसित नहीं। कॉलोनी 12 साल पुरानी है। 

बंटी सरदार सिंह : ढाबली में ज्ञानशीला सिटी नाम की कॉलोनी काटी है। यहां भी बुनियादी सुविधाएं वह नहीं है, जो ब्रोशर में थी।

गणेश रावत तर्फे संस्कार इन्फ्रा एंड रियल : पुवार्डा जुर्नादा में संस्कार सिटी नाम से कॉलोनी काट रखी है। कॉलोनी आधा हेक्टेयर की है लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं। 

सिद्धार्थ कोठारी तर्फे शुभम बिल्डकॉन : हिंगोनिया में शुभम सिटी कॉलोनी काटी है। कॉलोनी 3.701 हेक्टेयर पर है।  

विद्युत मित्तल तर्फे ज्ञानशीला डेवलपर्स : महू गांव में सुपर सिटी के नाम से 2009 में 20 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर कॉलोनी काटी थी। 

अनिल बाफना : देपालपुर में न्यू शांति विहार कॉलोनी काटी है। डेढ़ हेक्टेयर की इस कॉलोनी में सुविधाएं कम है। 

अरविंद दुबे तर्फे एसबीडी डेवलपर्स : जाख्या में ब्रजधाम के नाम से काॅलोनी काट रखी है। कॉलोनी 10 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर है। 

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डेवलपमेंट करीब-करीब पूरा है। ग्रीड का मुद्दा है। जो तैयार कर दिया था लेकिन बिजली के लिए 4.68 किलोमीटर लंबी लाइन डालना थी। दो बार खम्बे खड़े किए। एक बार 23 पोल चोरी हो गए। दूसरी बार सड़क बनाने के चक्कर में आईडीए ने पोल तोड़ दिए। 

अखिलेश कोठारी

हमारी कॉलोनी 16 साल पुरानी है। कॉलोनी कंपलिट है। कोई काम बाकि नहीं है। हम प्रजेंटेशन के साथ जवाब दे चुके हैं।  

विद्युत मित्तल,ज्ञानशीला समूह

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