आठ प्लॉट जोड़कर हो रहा है निर्माण, नोटिस देकर बिल्डर के साथ खड़े हो गए अधिकारी
इंदौर. चीफ रिपोर्टर।
ओडीएफ के लिए खुले मैदानों से झोपड़े और सड़कों में बाधक बताकर लोगों के घर तोड़ने वाले नगर निगम अधिकारी सर्वानंदनगर में आठ प्लॉटों को जोड़कर बन रही होटल के मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। पहले इन्वेस्टर्स समिट और उसके बाद दिवाली का हवाला देकर कार्रवाई को टालते आए अफसर अब तो इस होटल का नाम लेते ही फोन काटने लगे हैं। उधर, अधिकारियों की मेहरबानी से बेखौफ भाटिया परिवार ने पूरी ताकत फूंक दी है ताकि होटल जल्द से जल्द तैयार हो जाए।
मास्टर प्लान 2021 में तय औद्योगिक भूमि पर आकार ले रहे सर्वानंदनगर में बिल्डरों की मनमानी जारी है। 25 सितंबर को ‘सर्वानंद में बॉबी छाबड़ा की मनमानी का तमाशा देख रहा नगर निगम’, शीर्षक से प्रकाशित समाचार में दबंग दुनिया ने इसका खुलासा किया था। इसके बाद बिलावली जोन के भवन अधिकारी विष्णु खरे और नागेंद्रसिंह भदौरिया ने आठ प्लॉट जोड़कर 8500 वर्गफीट जमीन पर 45 कमरों की होटल बिना किसी नक्शे या सक्षम स्वीकृति के बना रहे जसबीरसिंह भाटिया को नोटिस थमाया था। नोटिस का भाटिया ने जवाब देना तक वाजिब नहीं समझा। इसके बाद नगर निगम की तरफ से कहा गया कि चूंकि माथे पर इन्वेस्टर्स समिट है और उसके कुछ दिन बाद ही दिवाली है इसीलिए कार्रवाई 10 नवंबर के बाद होगी। इस समयसीमा को बीते 35 दिन हो चुके हैं लेकिन नगर निगम ने कार्रवाई न करते हुए भाटिया को होटल जल्दी पूरी करने की छूट दे दी।
दस लाख रुपए में मिली छूट
बताया जा रहा है कि दबंग दुनिया द्वारा मामले का खुलासा करने के बाद नगर निगम ने नोटिस तो दिया लेकिन जोन के ही एक अधिकारी ने एक बड़े अधिकारी से भाटिया का सेटलमेंट करवा दिया। मामले में करीब 10 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। इसमें 2.5 लाख रुपए उस अधिकारी को मिले जिसने बड़े अधिकारी से भाटिया को मिलवाया था। यह 2.5 लाख रुपए की रकम उसने दो टूकड़ों में भाटिया से प्राप्त की। इसके बाद तय हुआ कि नगर निगम निर्माणाधीन होटल की तरफ झांक कर भी नहीं देखेगा।
जनवरी तक पूरी करना है होटल
मौके पर धड़ल्ले से काम जारी है, क्योंकि जसबीरसिंह भाटिया 45 कमरों और नौ बेंक्वे हॉल (60 से 600 लोगों की क्षमता वाले) वाली इस होटल को जनवरी में शुरू करना चाहते हैं।
पूरा निर्माण ही अवैध
मास्टर प्लान-2021 के कड़े प्रावधान और मप्र भूमि विकास अधिनियम के नियम के साथ ही निगम की सख्ती के बावजूद यहां प्लॉटों को जोड़कर होटल बनाई जा रही है।
जिस जमीन पर कॉलोनी कटी है उसका भू-उपयोग औद्योगिक है लेकिन जिन प्लॉटों पर बिल्डिंग बनी उनका आवंटन आवासीय है।
चौतरफा एमओएस कवर। सड़क किनारे पार्किंग नहीं है। पेंट हाउस तक बना दिया गया है।
यहां तीन ओर से सड़क की जमीन को कवर कर कुल 8500 वर्गफीट पर निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट में दो सीढ़ियां और लिफ्ट डक्ट हैं। बेसमेंट और पेंट हाउस सहित 23 हजार वर्गफीट से ज्यादा का कंस्ट्रक्शन है।
इंदौर. चीफ रिपोर्टर।
ओडीएफ के लिए खुले मैदानों से झोपड़े और सड़कों में बाधक बताकर लोगों के घर तोड़ने वाले नगर निगम अधिकारी सर्वानंदनगर में आठ प्लॉटों को जोड़कर बन रही होटल के मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। पहले इन्वेस्टर्स समिट और उसके बाद दिवाली का हवाला देकर कार्रवाई को टालते आए अफसर अब तो इस होटल का नाम लेते ही फोन काटने लगे हैं। उधर, अधिकारियों की मेहरबानी से बेखौफ भाटिया परिवार ने पूरी ताकत फूंक दी है ताकि होटल जल्द से जल्द तैयार हो जाए।
मास्टर प्लान 2021 में तय औद्योगिक भूमि पर आकार ले रहे सर्वानंदनगर में बिल्डरों की मनमानी जारी है। 25 सितंबर को ‘सर्वानंद में बॉबी छाबड़ा की मनमानी का तमाशा देख रहा नगर निगम’, शीर्षक से प्रकाशित समाचार में दबंग दुनिया ने इसका खुलासा किया था। इसके बाद बिलावली जोन के भवन अधिकारी विष्णु खरे और नागेंद्रसिंह भदौरिया ने आठ प्लॉट जोड़कर 8500 वर्गफीट जमीन पर 45 कमरों की होटल बिना किसी नक्शे या सक्षम स्वीकृति के बना रहे जसबीरसिंह भाटिया को नोटिस थमाया था। नोटिस का भाटिया ने जवाब देना तक वाजिब नहीं समझा। इसके बाद नगर निगम की तरफ से कहा गया कि चूंकि माथे पर इन्वेस्टर्स समिट है और उसके कुछ दिन बाद ही दिवाली है इसीलिए कार्रवाई 10 नवंबर के बाद होगी। इस समयसीमा को बीते 35 दिन हो चुके हैं लेकिन नगर निगम ने कार्रवाई न करते हुए भाटिया को होटल जल्दी पूरी करने की छूट दे दी।
दस लाख रुपए में मिली छूट
बताया जा रहा है कि दबंग दुनिया द्वारा मामले का खुलासा करने के बाद नगर निगम ने नोटिस तो दिया लेकिन जोन के ही एक अधिकारी ने एक बड़े अधिकारी से भाटिया का सेटलमेंट करवा दिया। मामले में करीब 10 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। इसमें 2.5 लाख रुपए उस अधिकारी को मिले जिसने बड़े अधिकारी से भाटिया को मिलवाया था। यह 2.5 लाख रुपए की रकम उसने दो टूकड़ों में भाटिया से प्राप्त की। इसके बाद तय हुआ कि नगर निगम निर्माणाधीन होटल की तरफ झांक कर भी नहीं देखेगा।
जनवरी तक पूरी करना है होटल
मौके पर धड़ल्ले से काम जारी है, क्योंकि जसबीरसिंह भाटिया 45 कमरों और नौ बेंक्वे हॉल (60 से 600 लोगों की क्षमता वाले) वाली इस होटल को जनवरी में शुरू करना चाहते हैं।
पूरा निर्माण ही अवैध
मास्टर प्लान-2021 के कड़े प्रावधान और मप्र भूमि विकास अधिनियम के नियम के साथ ही निगम की सख्ती के बावजूद यहां प्लॉटों को जोड़कर होटल बनाई जा रही है।
जिस जमीन पर कॉलोनी कटी है उसका भू-उपयोग औद्योगिक है लेकिन जिन प्लॉटों पर बिल्डिंग बनी उनका आवंटन आवासीय है।
चौतरफा एमओएस कवर। सड़क किनारे पार्किंग नहीं है। पेंट हाउस तक बना दिया गया है।
यहां तीन ओर से सड़क की जमीन को कवर कर कुल 8500 वर्गफीट पर निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट में दो सीढ़ियां और लिफ्ट डक्ट हैं। बेसमेंट और पेंट हाउस सहित 23 हजार वर्गफीट से ज्यादा का कंस्ट्रक्शन है।
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