इंदिरागांधीनगर में नगर निगम का चमत्कार
कमीशन के खेल की पूरी कॉलोनी विरोधी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
अपनी कॉलोनी में सड़क बनवाने के लिए जहां लोग पार्षद से लेकर सांसद तक के चक्कर काट रहे हैं, जनसुनवाई में जा रहे हैं, धरने दे रहे हैं। वहीं केसरबाग रोड पर इंदिरागांधीनगर ऐसी कॉलोनी हैं जहां लोग विरोध कर रहे हैं और नगर निगम उनके विरोध को नजर अंदाज करते हुए सड़क पर सड़क पेले जा रहा है।
कॉलोनी के लोगों की आपत्ति सड़क को लेकर नहीं है बल्कि सड़क के नाम पर नगर निगम द्वारा की जा रही फिजुल खर्ची पर है। कमीशनबाजी के खेल के चक्कर में नगर निगम दो-तीन साल पहले ही बनी चकचकाट सीमेंटेड सड़कों पर ही डामर की सड़क बना रहा है जो क्षेत्रवासियों को खल रही है। क्षेत्रवासियों की मानें तो डामर की सड़कें तो कॉलोनी में पहले भी थी लेकिन जल्दी खराब हो जाती थी इसीलिए जनसहयोग से सीमेंटेड सड़कें बनवाई थी। सड़कों की गुणवक्ता भी अच्छी है। 10-15 साल तक यहां देखने की जरूरत नहीं थी। ऐसे में समझ नहीं आता कि पार्षद को सड़क बनाने की क्या सुझी।
बिजली की गति से बनी सड़कें
सड़कों के निर्माण की गति ने जहां पूरे शहर का सिर दुखा रखा है वहीं इंदिरागांधी की सड़कों का निर्माण सोमवार को शुरू हुआ और मंगलवार शाम तक पूरा हो गया। पूरी कॉलोनी की मेन रोड और हर गली तकरीबन लंबाई 1.2 किलोमीटर व चौड़ाई 7 से 15 मीटर बनाई गई है। सड़कें भी हल्की नहीं बनी, कहीं थिकनेस 2 इंच है तो कहीं 4-5 इंच तक।
यह सड़कें बनी है
मेन रोड : 350 मीटर
सेकंड मेन रोड : 150 मीटर
गली नंबर 1 व 2 : 70-70 मीटर। चौड़ाई 7 मीटर
गली नं. 3 व 4 : 100 व 80 मीटर। चौड़ाई 7 मीटर
गली नं. 5 व 6 : 60 व 80 मीटर। चौड़ाई 7 मीटर
गली नं. 7 व 8 : 60 व 80मीटर। चौड़ाई 7 मीटर
सीधे सवाल पार्षद विनिता धर्म से
इंदिरागांधीनगर में सीमेंटेड सड़क पर डामर की सड़क बनाने की क्या जरूरत पड़ी?
जल जमाव की दिक्कत थी। गड्ढे हो रहे थे।
पूरी कॉलोनी में जलजमाव की दिक्कत कैसे हो सकती है?
रहवासी संघ और मोहल्ला समिति ने ही मांग की थी।
कितनी लागत से सड़कें बन रही है?
लागत मुझे नहीं पता, वैसे भी हम सड़क नहीं बना रहे हैं पेंचवर्क ही कर रहे हैं।
पूरी सड़क बनाने को पेंचवर्क नहीं कहते?
पेवर वाला डामर इस्तेमाल कर रहे हैं जो लगता कम है और फैलता ज्यादा है इसीलिए सड़कें ज्यादा दिख रही है।
फाइल आपने बनवाई, लागत नहीं पता?
फाइल देखकर ही बता सकते हैं, याद नहीं रहता।
लागत का फिर भी कुछ तो अंदाजा होगा?
ज्यादा नहीं है, लाख-दो लाख रुपए का ही काम है।
हमने गड्ढे भरने का कहा था, सड़क बनाने का नहीं
इंदिरागांधीनगर रहवासी संघ का कहना है कि एक-दो सड़कों पर पाइप लाइन डालने के लिए नगर निगम ने जो खुदाई की थी उसे भरने के लिए ही कहा था। हमने कभी सड़क पर सड़क बनाने की मांग नहीं की।
कमीशन के खेल की पूरी कॉलोनी विरोधी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
अपनी कॉलोनी में सड़क बनवाने के लिए जहां लोग पार्षद से लेकर सांसद तक के चक्कर काट रहे हैं, जनसुनवाई में जा रहे हैं, धरने दे रहे हैं। वहीं केसरबाग रोड पर इंदिरागांधीनगर ऐसी कॉलोनी हैं जहां लोग विरोध कर रहे हैं और नगर निगम उनके विरोध को नजर अंदाज करते हुए सड़क पर सड़क पेले जा रहा है।
कॉलोनी के लोगों की आपत्ति सड़क को लेकर नहीं है बल्कि सड़क के नाम पर नगर निगम द्वारा की जा रही फिजुल खर्ची पर है। कमीशनबाजी के खेल के चक्कर में नगर निगम दो-तीन साल पहले ही बनी चकचकाट सीमेंटेड सड़कों पर ही डामर की सड़क बना रहा है जो क्षेत्रवासियों को खल रही है। क्षेत्रवासियों की मानें तो डामर की सड़कें तो कॉलोनी में पहले भी थी लेकिन जल्दी खराब हो जाती थी इसीलिए जनसहयोग से सीमेंटेड सड़कें बनवाई थी। सड़कों की गुणवक्ता भी अच्छी है। 10-15 साल तक यहां देखने की जरूरत नहीं थी। ऐसे में समझ नहीं आता कि पार्षद को सड़क बनाने की क्या सुझी।
बिजली की गति से बनी सड़कें
सड़कों के निर्माण की गति ने जहां पूरे शहर का सिर दुखा रखा है वहीं इंदिरागांधी की सड़कों का निर्माण सोमवार को शुरू हुआ और मंगलवार शाम तक पूरा हो गया। पूरी कॉलोनी की मेन रोड और हर गली तकरीबन लंबाई 1.2 किलोमीटर व चौड़ाई 7 से 15 मीटर बनाई गई है। सड़कें भी हल्की नहीं बनी, कहीं थिकनेस 2 इंच है तो कहीं 4-5 इंच तक।
यह सड़कें बनी है
मेन रोड : 350 मीटर
सेकंड मेन रोड : 150 मीटर
गली नंबर 1 व 2 : 70-70 मीटर। चौड़ाई 7 मीटर
गली नं. 3 व 4 : 100 व 80 मीटर। चौड़ाई 7 मीटर
गली नं. 5 व 6 : 60 व 80 मीटर। चौड़ाई 7 मीटर
गली नं. 7 व 8 : 60 व 80मीटर। चौड़ाई 7 मीटर
सीधे सवाल पार्षद विनिता धर्म से
इंदिरागांधीनगर में सीमेंटेड सड़क पर डामर की सड़क बनाने की क्या जरूरत पड़ी?
जल जमाव की दिक्कत थी। गड्ढे हो रहे थे।
पूरी कॉलोनी में जलजमाव की दिक्कत कैसे हो सकती है?
रहवासी संघ और मोहल्ला समिति ने ही मांग की थी।
कितनी लागत से सड़कें बन रही है?
लागत मुझे नहीं पता, वैसे भी हम सड़क नहीं बना रहे हैं पेंचवर्क ही कर रहे हैं।
पूरी सड़क बनाने को पेंचवर्क नहीं कहते?
पेवर वाला डामर इस्तेमाल कर रहे हैं जो लगता कम है और फैलता ज्यादा है इसीलिए सड़कें ज्यादा दिख रही है।
फाइल आपने बनवाई, लागत नहीं पता?
फाइल देखकर ही बता सकते हैं, याद नहीं रहता।
लागत का फिर भी कुछ तो अंदाजा होगा?
ज्यादा नहीं है, लाख-दो लाख रुपए का ही काम है।
हमने गड्ढे भरने का कहा था, सड़क बनाने का नहीं
इंदिरागांधीनगर रहवासी संघ का कहना है कि एक-दो सड़कों पर पाइप लाइन डालने के लिए नगर निगम ने जो खुदाई की थी उसे भरने के लिए ही कहा था। हमने कभी सड़क पर सड़क बनाने की मांग नहीं की।
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