Thursday, December 15, 2016

आयकर के निशाने पर दीक्षित की डी कंपनी

प्रदेश टूडे के वसूलीबाज सीईओ पिंपले को आयकर का नोटिस
प्रदेश टूडे को पेपर-स्याही भी सप्लाई करती है पिंपले की कंपनी अवधूत
इंदौर. विनोद शर्मा ।
अपने काले साम्राज्य को समाचार पत्र के पर्दे में छिपाने की कोशिश करते आए प्रदेश टूडे के ह्रदयेश दीक्षित की चांडाल चौकड़ी पर इनकम टैक्स की कड़ी नजर है। देवेश कल्याणी, अशोक चौधरी, राजीव दुबे और अनुज अग्रवाल के बाद इनकम टैक्स की इन्वेस्टिगेशन विंग प्रदेश टूडे के सीईओ और दीक्षित के वसूलीलाल सतीश पिंपले को भी नोटिस थमा चुकी है। नोटिस में पिंपले से उनकी कमाई का हिसाब और प्रदेश टूडे से संबंध पूछा गया है।
12 जुलाई को इनकम टैक्स ने एमपी एग्रो और प्रदेश टूडे के ठिकानों पर दबिश दी थी। अगस्त में पत्रकारिता की आड़ में दलाली और गुंडागर्दी करते आ रहे दीक्षित ने पांच करोड़ की काली कमाई स्वीकारी। इसके बाद इनकम टैक्स ने दीक्षित सहित दो दर्जन लोगों को नोटिस थमाए। हिसाब-किताब पूछा। उनके जवाब मिलने के बाद डिपार्टमेंट ने विज्ञापन लेने की आड़ में लोगों को ब्लैकमेल करते आ रहे सतीश पिंपले को नोटिस जारी किया। पिंपले प्रदेश टूडे में सीईओ हैं। अवधुत मीडिया एंड पब्लिकेशन प्रा.लि. पिंपले की कंपनी है। 23 मार्च 2011 को रजिस्टर्ड हुई इस कंपनी में सतीश पुरुषोत्तम पिंपले और उनकी पत्नी स्नेहा डायरेक्टर हैं।
प्रदेश टूडे और अवधूत के संबंध पर नजर
पिंपले जिस प्रदेश टूडे में सीईओ हैं उसी प्रदेश टूडे को अवधूत मीडिया एंड पब्लिकेशन प्रा.लि. के बैनर तलें छपाई के पेपर और स्याही सहित प्रिंटिंग से जुड़े अन्य उपकरण सप्लाई करती है। बी-96 सिद्धार्थ सेक सिटी आनंदनगर रायसेन रोड भोपाल के पते पर पंजीबद्ध यह कंपनी दीक्षित की बताई जाती है। बताया जाता है कि इस कंपनी के फर्जी बिलों के माध्यम से ही दीक्षित अपनी काली कमाई को सफेद करते आए हैं। शुरूआत में कंपनी नागपुर से संचालित होती थी लेकिन अब कोलार रोड से चल रही है। कंपनी को पिंपले ने भाई और साले के हवाले कर दिया है।
अखबार में नौकरी, अखबार का मालिक भी
इनकम टैक्स इस गुत्थी को अब तक नहीं सुलझा पाया है कि जो कंपनी प्रदेश टूडे व एक अन्य दैनिक अखबार को पेपर-स्याही सप्लाई करती है उसका डायरेक्टर प्रदेश टूडे में सीईओ की पोस्ट पर कैसे है। इतना ही नहीं इनकम टैक्स के हाथ लगे सुरागों के अनुसार पिंपले ने 2012 में ही ‘सिटी टूडे’ दैनिक अखबार का पंजीयन (एमपीहिन/2012/43114) भी करा रखा है। आॅन रिकॉर्ड वही पब्लिशर भी है। इसका पता एमजी-15 फॉर्च्यून एस्टेट फेज-2, कोलार रोड है। अखबार प्रदेश टूडे में ही बनता है। क्योंकि प्रदेश टूडे के लिए 2 करोड़ रुपए की वसूली के टार्गेट के साथ ही पिंपले को दीक्षित की तरफ से हर तरह की मनमानी की आजादी प्राप्त है। पहले प्रदेश टूडे में विज्ञापन लगाए जाते हैं और फिर सिर्फ सरकारी टेबलों पर नजर आने वाले इस अखबार में। बाद में विज्ञापन की वसूली की जिम्मेदारी गुंडों को दे दी जाती है। जो आनाकानी करता है उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं।
विज्ञापन के नाम पर हड़पे 45 हजार, फिर दिखाई दादागिरी
11 सितम्बर 2011 को भोपाल में आॅल इण्डिया स्मॉल न्यूज पेपर्स एसोसिएशन (एआईएसएनपीए) का राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान समारोह ‘संघर्ष 2011’ था। प्रदेश टुडे को इस कार्यक्रम का विज्ञापन 11 सितम्बर 2011 को प्रकाशित करने के लिए 45 हजार दिए गए थे। 300 प्रतियों का आर्डर भी दे दिया गया। प्रदेश टूडे में विज्ञापन नहीं लगा। आयोजकों ने दूसरे दिन विज्ञापन राशि मांगी। प्रबंधन ने पैसा देने से मना कर दिया। 21 सितंबर 2011 को सीईओ सतीश पिम्पले के कार्यालय बुलाया। आयोजक पैसा लेने पहुंचे।  पिम्पले गंदी-गंदी गालियां देते हुए धमकाया कि विज्ञापन नहीं छापा तो क्या हुआ, हम पैसे वापस नहीं करेंगे। अगले दिन भी पिंपले ने फोन पर यही जवाब दिया। इसकी रिकॉर्डिंग भी आयोजकों के पास है। मामले की शिकायत एमपीनगर थाने में भी हुई।
सतीश पीम्पले के गुण्डे की धमकी
प्रदेश टुडे में पत्रकारिता के साथ ही गुंडागर्दी करते आए नितिन दुबे  ने 1 अक्टूबर 2011 को दोपहर 2.50 मिनिट पर एआईएसएनपीए के महासचिव विनय डेविड के मोबाइल पर फोन न. 0755- 3095500 (जो प्रदेश टुडे का नम्बर है) से फोन किया। गालियां दी। हाथ पैर तोडने, उठा लेने की धमकी दी। सतीश  पिम्पले ने कहा कि तेज चला तो सुपारी दे दूंगा। डेविड ने थाना एमपीनगर को लिखित में दी।
बेइमान और लूटेरी है दीक्षित गैंग
कलिनायक का एड दिया था। 45 हजार नकद देकर। न एड लगा। न पैसे लौटाए। उलटा, धमकी दी। गाली दी। फोन नंबर के साथ वॉइस रिकॉर्डिंग की सीडी एमपीनगर थाने में दी और दोनों की शिकायत की लेकिन पुलिस ने आज दिन तक दीक्षित के दबाव में कार्रवाई नहीं की। पत्रकारिता के सिद्धांत की बात करने वाले दीक्षित और उनकी टीम पत्रकारों और पत्रकार संगठन का ही पैसा खा गई। पूरी टीम ही बेइमान और लूटेरों की है।
विनय जी.डेविड
महासचिव
आल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर्स एसोसिएशन

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