Friday, December 23, 2016

पुखराज पैलेस के नक्शे में बदलाव का प्रस्ताव रद्द

इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
मुख्यमंत्री शिवराजरासिंह चौहान के हाथों प्लॉट बटवाने के बावजूद छह साल में सदस्यों को प्लाट नहीं दे पाई बसंत विहार गृह निर्माण सहकारी संस्था के नए नक्शे पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट ने रोक लगा दी है। डिपार्टमेंट ने स्पष्ट कर दिया है कि सहकारिता विभाग से स्पष्ट निर्देश आने और नक्शे को लेकर मिल रही आपत्तियों के निराकरण के बिना नक्शा मंजूर नहीं किया जा सकता।
सबसे विवादित संस्थाओं में से एक जनकल्याण गृह निर्माण संस्था की जैबी संस्था बसंत विहार गृह निर्माण सहकारी संस्था के संचालकों ने कैस 2010 में मुख्यमंत्री के हाथों सदस्यों को प्लॉटों के आवंटन पत्र सौंपे और कैसे आज दिन तक सदस्यों को प्लॉट नहीं दे पाए? इसका खुलासा दबंग दुनिया ने 13 दिसंबर के अंक में ‘छह साल बाद भी प्लॉट नहीं दे पाई बसंत विहार’, शीर्षक से प्रकाशित खबर में किया था। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक राजेश नागल ने सहकारिता विभाग से अभिमत मांगा।
सहकारिता विभाग : न मानें अभिमत, स्थगित रखें कार्रवाई
20 दिसंबर 2016 को जारी पत्र में सहकारिता विभाग के उपायुक्त ने कहा कि संस्था को स्वीकृत अभिन्यास के संशोधन के लिए अभिमत दिया था। बाद में शिकायतें मिली। जांच जारी है। वास्तविकता जांच रिपोर्ट में ही सामने आएगी। तब तक विभाग द्वारा दिए गए अभिमत पर टीएंडसीपी अपनी कार्रवाई को स्थगित रखे। जांच रिपोर्ट से डिपार्टमेंट को अवगत करा दिया जाएगा।
टीएंडसीपी : संसोधन स्थगित
संयुक्त संचालक नागल ने सहकारिता उपायुक्त से मिले पत्र के आधार पर 22 दिसंबर 2016 को बसंत विहार गृह निर्माण संस्था को पत्र लिखा और संशोधन स्थगित करने की जानकारी दे दी। नागल ने अपने पत्र में लिखा कि  संस्था की ग्राम निपानिया में 6.533 हेक्टेयर जमीन (सर्वे नं. 78/1, 78/3, 79/2, 77/2, 79/5, 88/2, 79/3 व 80/2) है। 129 इमली बाजार के पते पर पंजीबद्ध इस संस्था द्वारा प्रस्तावित पुखराज एवेन्यू कॉलोनी का ले-आउट 8 जुलाई 2011 को  मंजूर किया था, लेकिन विकास नहीं किया।  अगस्त 2016 में पूर्व स्वीकृत अभिन्यास में संशोधन की मांग करते हुए नया अभिन्यास मंजूरी के लिए लगाया। प्राप्त शिकायतों और सहकारिता विभाग के अभिमत के आधार पर अभिन्यास के संसोशन की कार्रवाई स्थगित की जाती है। सहकारिता विभाग से स्पष्ट जानकारी मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

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