Friday, December 23, 2016

500 जनधन खातों में जमा हुए 100 करोड़

नोटबंदी का असर
औसत हर खाते में पहुंचे 20 लाख
10 लाख से अधिक जमाकरने वाले करीब एक हजार लोग इनकम टैक्स के निशाने पर
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
नोटबंदी की घोषणा के बाद इंदौर में भी गरीबों के खातों में कुबेरों ने जबरदस्त खेल किए। इसका बड़ा उदाहरण है आयकर की राडार पर आए 500 से अधिक जनधन खाते। इन खातों में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा केश जमा हुआ है। यानी हर खाते में औसत 20 लाख रुपए। बहरहाल, रकम किसकी है इस संबंध में आयकर ने छानबीन शुरू कर दी है।
नोटबंदी के बाद 17 दिसंबर को शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को लेकर पत्रकारों से रुबरू हुए मुख्य आयकर आयुक्त वी.के.माथुर ने यह जानकारी दी। माथुर ने बताया कि जनधन के जो खाते अब तक खाली पड़े थे उनमें यकायक पैसा आया है। किसी में दो लाख रुपए जमा है तो किसी में उससे कहीं ज्यादा। उन्होंने कहा कि एक-एक खाते की बारीकी से जांच की जा रही है। जल्द ही नोटिस की कार्रवाई की जाएगी।
500 से ज्यादा खातों में एक करोड़ से ज्यादा
माथुर ने बताया कि इनकम टैक्स ने चीफ कमिश्नरेट में 768 बैंक खातों को चिह्नित किया है जिनमें 8 नवंबर को हुई नोटबंदी के बाद 10 लाख रुपए से अधिक रकम जमा की गई है। इनमें 350 ऐसे खाते हैं जिनमें एक करोड़ से ज्यादा राशि जमा की गई। के्रेडिट को-आॅपरेटिव बैंक, सहकारी साख संस्था और मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव बैंकों में संचालित हो रहे 150 ऐसे खाते भी सामने आए हैं जिनमें एक करोड़ से 10 करोड़ तक की रकम जमा हुई है। इनमें 50 फीसदी कंपनियों के अकाउंट्स है और 50 फीसदी इंडिविजुअल्स।
60 बैंकें और 300 खातें भी आए सामने
इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग के अधिकारियों के साथ माथुर ने बताया कि हमने 60 को-आॅपरेटिव बैंकों को नोटिस देकर बड़े खातेदारों की सूची मांगी थी। 22 दिसंबर की शाम को ही बैंकों से तकरीबन 300 खातों की सूची मिली है जिनमें 10 लाख से लेकर 10 करोड़ रुपए तक जमा हुए हैं।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना आखिरी मौका
माथुर ने बताया कि नोटबंदी के बाद जिन लोगों ने 500 और 1000 के नोटों में जमा अपना कैश इन हैंड बैंक खातों में जमा कर दिया है या आयकर के डंडे के चक्कर से बचने के लिए जमा कर नहीं पा रहे हैं उनके लिए सरकार ने 17 दिसंबर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की है जो कि 31 मार्च 2017 तक चलेगी। इसके तहत हुए खुलासे पर 50 फीसदी टैक्स और जुमार्ना लगेगा। बाकी की 25 फीसदी रकम 4 साल के लिए बैंक में ही जमा रहेगी जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। अगर गरीब कल्याण योजना के बाद काले धन का पता चला और आय के स्रोत की जानकारी नहीं मिली तो 77.25 फीसदी पैसा सरकार ले लेगी। अगर आय का स्रोत साबित नहीं कर सके तो 85 फीसदी पैसा भरना होगा। योजना के बाद छापा पड़ने पर काला धन मिलने पर 60 फीसदी पैसा भरना होगा। अगर छापा पड़ा और काले धन होने की बात स्वीकारी तो 90 फीसदी पैसा सरकार को देना पड़ेगा। पहले पेनल्टी सहित टैक्स जमा करना होगा उसके बाद ही योजना का लाभ ले पाएंगे।
ताकि खत्म हो पेंडिंग मामले
1 जून से  डायरेक्ट टैक्स डिस्प्यूट रिजोल्यूशन स्कीम 2016 योजना शुरू की गई थी ताकि टैक्स और पेनल्टी के पेंडिंग केसेस का निराकरण किया जा सके। स्कीम के तहत 10 लाख तक के मामलों में टैक्स और पेनल्टी लगेगी। 10 लाख से अधिक के मामलों टैक्स और ब्याज के साथ 25 फीसदी पेनल्टी लगेगी। पेनल्टी के अपील प्रकरणों में 25 फीसदी राशि देकर 75 फीसदी से छूटकारा मिल सकता है। 31 दिसंबर तक चलने वाली स्कीम उनके लिए है जो सेटलमेंट चाहते हैं। अभी इंदौर परिक्षेत्र में 3000 से ज्यादा प्रकरण पेंडिंग हैं।

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