आरटीजीएस के नाम पर हेराफेरी
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
सेविंग और करंट अकाउंट के नाम पर रूपए की हेराफरी करने की शिकायत पर इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग ने रविवार को ध्यान मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटी पर सर्वे की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बैंक से कई दस्तावेजी प्रमाण भी बरामद किए गए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेज जांचने के बाद ही समझ आएगा कि बैंक ने गोलमाल कैसे किया।
ज्वैलर्स और केटरर्स के बाद इन्वेस्टिगेशन विंग ने अब मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटियों के खिलाफ हमला बोल दिया है जहां बैंकिंग कम, हवाला ज्यादा होता है। इस कड़ी में फरवरी 2016 में जैसे सुभाषचौक स्थित रेणुकामाता मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटी पर छापेमार कार्रवाई हुई थी, उसी तरह शनिवार-रविवार को ध्यानराधा मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटी पर दबिश दी गई। बताया जा रहा है कि मुलत: महाराष्ट्र के बीड़ के पते पर पंजीबद्ध यह बैंक सेविंग और करंट अकाउंट में आरटीजीएस के नाम पर बड़ा खेल करती है। इसके अलावा हवाला लेनदेन का बड़ा साधन है। इसीलिए यहां जब भी खाता खुलवाने जाओ तो यही पूछा जाता है कि आप क्या काम करते हैं और ज्यादातर लेनदेन महाराष्ट्र के किस शहर से होता है।
लंबे अर्से से थी नजर
फरवरी के महीने इनकम टैक्स ने इंदौर, बड़वानी और रायपुर में छापेमार कार्रवाई की थी रेणुकामाता सोसायटी पर जहां 2000 करोड़ से ज्यादा का घालमेल सामने आया था। उस वक्त बुलडाना अर्बन को-आॅपरेटिंग बैंक पर भी कार्रवाई हुई थी लेकिन ध्यानराधा बच गई थी। इनकम टैक्स की नजर में तभी से सोसायटी जगह बना चुकी थी।
ध्यानराधा मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटी
अध्यक्ष : सुरेश कुटे
पता: हीरालाल चौक, बीड़ महाराष्ट्र
पंजीयन: एमएससीएस/सीआर/329/2010
तारीख : 03 फरवरी 2010
कार्यक्षेत्र : महाराष्ट्र-मप्र
शाखा: बीड़, औरंगाबाद, जालना, परभणी, इंदौर,
इंदौर में पता : 210 एमजी रोड
इन कारोबारों में बड़ा लेन-देन
रेडीमेड कारोबार, किराना कारोबार, ड्राइफ्रुट कारोबार, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स के कारोबार में भी टैक्स के साथ ही टैक्सेशन एजेंसियों की संख्ती होने के कारण गुपचुप कारोबार और चोरी छिपे लेनदेन होता है।
फर्जी खातों से खेल
- महाराष्ट्र पर ज्यादा निर्भर रेडीमेड, बर्तन बाजार, इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल एसेसरीज कारोबारियों के खाते।
- हर कारोबारी के कमसकम पांच खाते।
- रेडीमेड कारोबारियों के खाते हैं सेल्समेन, प्यून, कारिगर, कांच-बटन और तुरपई करने वालों से लेकर धागे काटने वालों तक के नाम। - इंदौर में 2000 रेडीमेड कारोबारी हैं। करीब-करीब सभी के खाते रेणुकामाता, बुलडाना, ज्ञानराधा और रत्नेश्वरी माता सोसायटी में हैं।
- यहां पेनकार्ड नहीं लगता। पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर लिए पहचान-पत्रों की कॉपी लगाकर यह खाते खुलवाए गए हैं। इनका संचालन कारोबारी या उनके दलाल करते हैं। कर्मचारियों को तो पता ही नहीं है।
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
सेविंग और करंट अकाउंट के नाम पर रूपए की हेराफरी करने की शिकायत पर इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग ने रविवार को ध्यान मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटी पर सर्वे की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बैंक से कई दस्तावेजी प्रमाण भी बरामद किए गए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेज जांचने के बाद ही समझ आएगा कि बैंक ने गोलमाल कैसे किया।
ज्वैलर्स और केटरर्स के बाद इन्वेस्टिगेशन विंग ने अब मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटियों के खिलाफ हमला बोल दिया है जहां बैंकिंग कम, हवाला ज्यादा होता है। इस कड़ी में फरवरी 2016 में जैसे सुभाषचौक स्थित रेणुकामाता मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटी पर छापेमार कार्रवाई हुई थी, उसी तरह शनिवार-रविवार को ध्यानराधा मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटी पर दबिश दी गई। बताया जा रहा है कि मुलत: महाराष्ट्र के बीड़ के पते पर पंजीबद्ध यह बैंक सेविंग और करंट अकाउंट में आरटीजीएस के नाम पर बड़ा खेल करती है। इसके अलावा हवाला लेनदेन का बड़ा साधन है। इसीलिए यहां जब भी खाता खुलवाने जाओ तो यही पूछा जाता है कि आप क्या काम करते हैं और ज्यादातर लेनदेन महाराष्ट्र के किस शहर से होता है।
लंबे अर्से से थी नजर
फरवरी के महीने इनकम टैक्स ने इंदौर, बड़वानी और रायपुर में छापेमार कार्रवाई की थी रेणुकामाता सोसायटी पर जहां 2000 करोड़ से ज्यादा का घालमेल सामने आया था। उस वक्त बुलडाना अर्बन को-आॅपरेटिंग बैंक पर भी कार्रवाई हुई थी लेकिन ध्यानराधा बच गई थी। इनकम टैक्स की नजर में तभी से सोसायटी जगह बना चुकी थी।
ध्यानराधा मल्टी स्टेट को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटी
अध्यक्ष : सुरेश कुटे
पता: हीरालाल चौक, बीड़ महाराष्ट्र
पंजीयन: एमएससीएस/सीआर/329/2010
तारीख : 03 फरवरी 2010
कार्यक्षेत्र : महाराष्ट्र-मप्र
शाखा: बीड़, औरंगाबाद, जालना, परभणी, इंदौर,
इंदौर में पता : 210 एमजी रोड
इन कारोबारों में बड़ा लेन-देन
रेडीमेड कारोबार, किराना कारोबार, ड्राइफ्रुट कारोबार, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स के कारोबार में भी टैक्स के साथ ही टैक्सेशन एजेंसियों की संख्ती होने के कारण गुपचुप कारोबार और चोरी छिपे लेनदेन होता है।
फर्जी खातों से खेल
- महाराष्ट्र पर ज्यादा निर्भर रेडीमेड, बर्तन बाजार, इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल एसेसरीज कारोबारियों के खाते।
- हर कारोबारी के कमसकम पांच खाते।
- रेडीमेड कारोबारियों के खाते हैं सेल्समेन, प्यून, कारिगर, कांच-बटन और तुरपई करने वालों से लेकर धागे काटने वालों तक के नाम। - इंदौर में 2000 रेडीमेड कारोबारी हैं। करीब-करीब सभी के खाते रेणुकामाता, बुलडाना, ज्ञानराधा और रत्नेश्वरी माता सोसायटी में हैं।
- यहां पेनकार्ड नहीं लगता। पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर लिए पहचान-पत्रों की कॉपी लगाकर यह खाते खुलवाए गए हैं। इनका संचालन कारोबारी या उनके दलाल करते हैं। कर्मचारियों को तो पता ही नहीं है।
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