1956 के राजस्व रिकॉर्ड से सीमांकन कराने की मांग
इंदौर. विनोद शर्मा ।
जनता और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से बचे पीपल्याहाना तालाब ने बेफिके्र शहरवासियों को बाकी तालाबों के लिए फिकरमंद बना दिया है। अब 1956 के राजस्व रिकॉर्ड और ज्योग्राफिकल सर्वे आॅफ इंडिया की टोपोशीट के आधार पर बाकी तालाबों के सीमांकन की भी मांग उठने लगी है। यदि सर्वे होता है तो न सिर्फ मौजूदा तालाबों का वाजिब सीमांकन होगा बल्कि कई ऐसे तालाब भी सामने आएंगे जिनका अस्तित्व सिर्फ राजस्व दस्तावेजों में ही नजर आता है।
जलस्रोतों को लेकर इंदौर की स्थिति मजबूत है। आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो यहां शहरसीमा में हर तीसरे-चौथे गांव में तालाब है। इनका जिक्र राजस्व रिकॉर्ड में भी है। यह बात अलग है कि सरकारी अनदेखी से खजराना, छोटा बांगड़दा, पीपल्याकुमार, छोटा सिरपुर जैसे तालाब सिकुड़ गए। वहीं खजराना के तीन और कस्बा इंदौर के एक तालाब सहित आधा दर्जन तालाबों का अस्तित्व राजस्व रिकॉर्ड में ही है।
चोरी हो गए तालाब
खजराना : राजस्व रिकार्ड और क्षेत्रवासियों की मानें तो खजराना में किसी वक्त चार तालाब हुआ करते थे। आज अस्तित्व में सिर्फ एक ही तालाब है, मटमेला। तीन तालाब चोरी हो गए। सर्वे नं. 435/1/1 (खजराना थाने के पास) की जमीन में से पांच एकड़ पर तालाब था। बाद में जमीन एक गृह निर्माण संस्था को सरकार ने दे दी। बाकी दो जगह कॉलोनी कट चुकी है।
नैनोद : यहां तालाब सर्वे नं. 314 पर उल्लेखित है जबकि यह पाल की तरह की जमीन है जो कब्जाग्रस्त है। खसरा नक्शे में सर्वे नं. 313 की जमीन तालाब की तरह नजर आती है जो कई टुकड़ों में बिक चुकी है। गांव के लोग कहते हैं यही तालाब था।
पीपल्याकुमार : यहां सर्वे नं. 138 में तालाब साफ नजर आता। पाल भी बनी है लेकिन जमीन को तालाब की नहीं माना जाता। बड़े हिस्से में लोगों ने कब्जे किए।
सिरपुर : यहां सर्वे नंबर-2 पर गांव का पुराना तालाब है जो सिर्फ भू-माफियाओं के कब्जों तले दफन हो चुका है। छोटा सिरपुर तालाब राजस्व रिकॉर्ड में करीब 160 एकड़ का तालाब है लेकिन मौके पर तालाब आधा भी नजर नहीं आता। बड़े हिस्से पर नगर निगम ने कॉलोनी बसा दी।
्रफतनखेड़ी : सर्वे नं. 30/1/3 से 30/2/1, 35/1 और 40 नंबर की जमीन के साथ ही सर्वे नं. 139 की बड़ी जमीन पर भी किसानों ने कब्जा कर रखा है।
1956 के दस्तावेजों से सीमांकन कर दे, हम सहेज लेंगे
पीपल्याहाना तालाब ने जनता और जनप्रतिनिधियों को एक कर दिया है। पर यह लड़ाई सिर्फ पीपल्याहाना तक ही सीमित न रहे। कलेक्टर और निगमायुक्त 1956 के दस्तावेज से शहरसीमा के सभी तालाबों का सीमांकन कर दे। इससे तालाबों की वास्तविक स्थिति तो सामने आएगी ही, जो खत्म हो चुके हैं वे तालाब भी सामने आ सकते हैं। सीमांकन के बाद लोगों के क्षेत्रवासियों के सहयोग से तालाब सहेजेंगे। पाल पर पौधारोपण करेंगे। इससे भू-जलसंवर्धन के साथ पर्यावरण भी मजबूत होगा। लोगों को नए पिकनिक स्पॉट भी मिल सकते हैं।
उषा ठाकुर, विधायक
यह है शहरसीमा के तालाब
गांव सर्वे नं. रकबा
मुंडला नायता 425 1.966
अरंडिया 126/1 1.721
मायाखेड़ी 185 0.918
लसूड़िया 87 7.486
तलावली 146 13.688
निरंजनपुर 326 4.000
निपानिया 184 3.560
212 0.293
खजराना 251 0.421
425 0.344
902 3.137
कस्बा इंदौर 193 0.781
पीपल्याराव 234/3, 236/3,262 26.061
लिम्बोदी 17/1,117,127,131 13.963
रालामंडल 26/27/1,26/27/2 33.28
असरावद खुर्द 155 व अन्य 26.904
छोटा बांगड़दा 35, 127/1, 127/2 7.097
नैनोद 314 3.496
सिंहासा 27/258 0.866
136/1/मिन-1 8.565
बांक(बड़ा सिरपुर) 184/1 27.891
अहिरखेड़ी 182 0.522
बिसनावदा 75 5.860
68 5.237
नावदापंथ 253, 256/1, 256/4 5.241
Ñझलारिया 139 3.153
सिरपुर 2 0.466
(बड़ा सिरपुर) 427, 428 22.500
(छोटा सिरपुर) 429, 430 64.794
बिलावली(छोटा) 138/5/मिन-2 16.772
फतनखेड़ी(बड़ा बिलावली) 1/1, 1/2/1 216.41
इंदौर. विनोद शर्मा ।
जनता और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से बचे पीपल्याहाना तालाब ने बेफिके्र शहरवासियों को बाकी तालाबों के लिए फिकरमंद बना दिया है। अब 1956 के राजस्व रिकॉर्ड और ज्योग्राफिकल सर्वे आॅफ इंडिया की टोपोशीट के आधार पर बाकी तालाबों के सीमांकन की भी मांग उठने लगी है। यदि सर्वे होता है तो न सिर्फ मौजूदा तालाबों का वाजिब सीमांकन होगा बल्कि कई ऐसे तालाब भी सामने आएंगे जिनका अस्तित्व सिर्फ राजस्व दस्तावेजों में ही नजर आता है।
जलस्रोतों को लेकर इंदौर की स्थिति मजबूत है। आंकड़ों के लिहाज से बात करें तो यहां शहरसीमा में हर तीसरे-चौथे गांव में तालाब है। इनका जिक्र राजस्व रिकॉर्ड में भी है। यह बात अलग है कि सरकारी अनदेखी से खजराना, छोटा बांगड़दा, पीपल्याकुमार, छोटा सिरपुर जैसे तालाब सिकुड़ गए। वहीं खजराना के तीन और कस्बा इंदौर के एक तालाब सहित आधा दर्जन तालाबों का अस्तित्व राजस्व रिकॉर्ड में ही है।
चोरी हो गए तालाब
खजराना : राजस्व रिकार्ड और क्षेत्रवासियों की मानें तो खजराना में किसी वक्त चार तालाब हुआ करते थे। आज अस्तित्व में सिर्फ एक ही तालाब है, मटमेला। तीन तालाब चोरी हो गए। सर्वे नं. 435/1/1 (खजराना थाने के पास) की जमीन में से पांच एकड़ पर तालाब था। बाद में जमीन एक गृह निर्माण संस्था को सरकार ने दे दी। बाकी दो जगह कॉलोनी कट चुकी है।
नैनोद : यहां तालाब सर्वे नं. 314 पर उल्लेखित है जबकि यह पाल की तरह की जमीन है जो कब्जाग्रस्त है। खसरा नक्शे में सर्वे नं. 313 की जमीन तालाब की तरह नजर आती है जो कई टुकड़ों में बिक चुकी है। गांव के लोग कहते हैं यही तालाब था।
पीपल्याकुमार : यहां सर्वे नं. 138 में तालाब साफ नजर आता। पाल भी बनी है लेकिन जमीन को तालाब की नहीं माना जाता। बड़े हिस्से में लोगों ने कब्जे किए।
सिरपुर : यहां सर्वे नंबर-2 पर गांव का पुराना तालाब है जो सिर्फ भू-माफियाओं के कब्जों तले दफन हो चुका है। छोटा सिरपुर तालाब राजस्व रिकॉर्ड में करीब 160 एकड़ का तालाब है लेकिन मौके पर तालाब आधा भी नजर नहीं आता। बड़े हिस्से पर नगर निगम ने कॉलोनी बसा दी।
्रफतनखेड़ी : सर्वे नं. 30/1/3 से 30/2/1, 35/1 और 40 नंबर की जमीन के साथ ही सर्वे नं. 139 की बड़ी जमीन पर भी किसानों ने कब्जा कर रखा है।
1956 के दस्तावेजों से सीमांकन कर दे, हम सहेज लेंगे
पीपल्याहाना तालाब ने जनता और जनप्रतिनिधियों को एक कर दिया है। पर यह लड़ाई सिर्फ पीपल्याहाना तक ही सीमित न रहे। कलेक्टर और निगमायुक्त 1956 के दस्तावेज से शहरसीमा के सभी तालाबों का सीमांकन कर दे। इससे तालाबों की वास्तविक स्थिति तो सामने आएगी ही, जो खत्म हो चुके हैं वे तालाब भी सामने आ सकते हैं। सीमांकन के बाद लोगों के क्षेत्रवासियों के सहयोग से तालाब सहेजेंगे। पाल पर पौधारोपण करेंगे। इससे भू-जलसंवर्धन के साथ पर्यावरण भी मजबूत होगा। लोगों को नए पिकनिक स्पॉट भी मिल सकते हैं।
उषा ठाकुर, विधायक
यह है शहरसीमा के तालाब
गांव सर्वे नं. रकबा
मुंडला नायता 425 1.966
अरंडिया 126/1 1.721
मायाखेड़ी 185 0.918
लसूड़िया 87 7.486
तलावली 146 13.688
निरंजनपुर 326 4.000
निपानिया 184 3.560
212 0.293
खजराना 251 0.421
425 0.344
902 3.137
कस्बा इंदौर 193 0.781
पीपल्याराव 234/3, 236/3,262 26.061
लिम्बोदी 17/1,117,127,131 13.963
रालामंडल 26/27/1,26/27/2 33.28
असरावद खुर्द 155 व अन्य 26.904
छोटा बांगड़दा 35, 127/1, 127/2 7.097
नैनोद 314 3.496
सिंहासा 27/258 0.866
136/1/मिन-1 8.565
बांक(बड़ा सिरपुर) 184/1 27.891
अहिरखेड़ी 182 0.522
बिसनावदा 75 5.860
68 5.237
नावदापंथ 253, 256/1, 256/4 5.241
Ñझलारिया 139 3.153
सिरपुर 2 0.466
(बड़ा सिरपुर) 427, 428 22.500
(छोटा सिरपुर) 429, 430 64.794
बिलावली(छोटा) 138/5/मिन-2 16.772
फतनखेड़ी(बड़ा बिलावली) 1/1, 1/2/1 216.41
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