खातीवाला टैंक में मनमानी
मंजूरी से ज्यादा निर्माण, संपत्ति के खाते में अब भी ग्राउंड फ्लोर ही
इंदौर. विनोद शर्मा ।
मनमाना निर्माण खातीवाला टैंक की पहचान बन चुका है। इसका बड़ा उदाहरण है प्लॉट नं. 557 जहां नगर निगम के राजस्व दस्तावेजों के अनुसार अब भी प्लॉट है लेकिन मौके पर तीन मंजिला इमारत नजर आती है। कृष्णाज बिल्डकॉम तर्फे श्री रितेश पिता श्री गणेशलाल मंघरानी के नाम पर प्लॉट का नक्शा पास है लेकिन मौके पर जो निर्माण है वह नक्शे से मेल नहीं खाता। मंघरानी पूर्व जनकार्य समिति प्रभारी और वार्ड-65 की मौजूदा पार्षद सरीता मंघवानी के पति जवाहर मंघवानी के रिश्तेदार हैं। नक्शा उन्हीं के जनकार्य समिति प्रभारी रहते मंजूर हुआ था।
मामले का खुलासा 15वें अपर जिला न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किए गए वाद के बाद हुआ। शिकायत के अनुसार प्लॉट नं. 557 खातीवाला टैंक का क्षेत्रफल 2992 वर्गफीट है। मंघरानी के आवेदन पर 14 नवंबर 2014 को जी+3 की बिल्डिंग पर्मिशन जारी की गई। उस वक्त बिल्डिंग पर्मिशन शाखा के इंचार्ज मंगवानी ही थे। बिल्डिंग की अधिकतम ऊंचाई 12.45 मीटर तय की गई जबकि मौके पर जी+3 और पेंटहाउस का निर्माण किया गया है।
यह थी मंजूरी
नक्शे के अनुसार 2992 वर्गफीट प्लॉट एरिया पर निर्माण के दौरान 34.45 प्रतिशत यानी 1031 वर्गफीट (95.82 वर्गमीटर ) ग्राउंड कवरेज किया जा सकता था।
ग्राउंड फ्लोर पर 270 वर्गफीट निर्माण होना था लेकिन हुआ एक हजार वर्गफीट के लगभग। इसी तरह पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर औसत 95.81 वर्गमीटर यानी 1031 वर्गफीट निर्माण होना था। कुल निर्माण मंजूर हुआ था 312.75 वर्गमीटर (3366 वर्गफीट) ही।
बनी ऐसी...
-- 60 फीसदी ग्राउंड कवरेज करीब 1795.2 वर्गफीट। सीवरेज के चेम्बर पर बाउंड्रीवाल बना दी। मेन रोड का स्लोप में बिजली के खम्बे भी समाहित कर लिए।
-- ऊपरी मंजिलों का क्षेत्रफल दो-दो हजार वर्गफीट है जो मंजूरी से दोगुना है। तीसरी मंंजिल के बाद कोई निर्माण मंजूर नहीं है जबकि ऊपर 1000 वर्गफीट का पेंट हाउस भी बना दिया है।
संपत्ति कर में भी हेरफेर...
संपत्ति करदाताओं की सूची में मंघरानी का भी नाम है लेकिन जिस प्लॉट का नक्शा नगर निगम ने नवंबर 2014 में मंजूर किया था और जहां बिल्डिंग बने छह महीने हो चुके हैं उस प्लॉट के संपत्ति कर खाते में सिर्फ ग्राउंड फ्लोर का जिक्र ही है। यहां प्लॉट का एरिया 2991 वर्गफीट दर्ज है।
राजनीतिक संरक्षण की स्थिति यह है कि संपत्ति कर में भी निगम के मैदानी अमले के साथ मिलकर हेरफेर की गई है। प्लॉट नं. 557 के संपत्ति कर की गणना 15 रुपए/वर्गफीट की दर से की गई है जबकि ललित शर्मा के प्लॉट नं. 556 और कांता सेवाराम लालवानी के प्लॉट नं. 558 की गणना 26 रुपए/वर्गफीट से हुई। पूरी कॉलोनी का रेट जोन एक ही होता है। प्लॉट नंबर वार नहीं रहता।
मंजूरी से ज्यादा निर्माण, संपत्ति के खाते में अब भी ग्राउंड फ्लोर ही
इंदौर. विनोद शर्मा ।
मनमाना निर्माण खातीवाला टैंक की पहचान बन चुका है। इसका बड़ा उदाहरण है प्लॉट नं. 557 जहां नगर निगम के राजस्व दस्तावेजों के अनुसार अब भी प्लॉट है लेकिन मौके पर तीन मंजिला इमारत नजर आती है। कृष्णाज बिल्डकॉम तर्फे श्री रितेश पिता श्री गणेशलाल मंघरानी के नाम पर प्लॉट का नक्शा पास है लेकिन मौके पर जो निर्माण है वह नक्शे से मेल नहीं खाता। मंघरानी पूर्व जनकार्य समिति प्रभारी और वार्ड-65 की मौजूदा पार्षद सरीता मंघवानी के पति जवाहर मंघवानी के रिश्तेदार हैं। नक्शा उन्हीं के जनकार्य समिति प्रभारी रहते मंजूर हुआ था।
मामले का खुलासा 15वें अपर जिला न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किए गए वाद के बाद हुआ। शिकायत के अनुसार प्लॉट नं. 557 खातीवाला टैंक का क्षेत्रफल 2992 वर्गफीट है। मंघरानी के आवेदन पर 14 नवंबर 2014 को जी+3 की बिल्डिंग पर्मिशन जारी की गई। उस वक्त बिल्डिंग पर्मिशन शाखा के इंचार्ज मंगवानी ही थे। बिल्डिंग की अधिकतम ऊंचाई 12.45 मीटर तय की गई जबकि मौके पर जी+3 और पेंटहाउस का निर्माण किया गया है।
यह थी मंजूरी
नक्शे के अनुसार 2992 वर्गफीट प्लॉट एरिया पर निर्माण के दौरान 34.45 प्रतिशत यानी 1031 वर्गफीट (95.82 वर्गमीटर ) ग्राउंड कवरेज किया जा सकता था।
ग्राउंड फ्लोर पर 270 वर्गफीट निर्माण होना था लेकिन हुआ एक हजार वर्गफीट के लगभग। इसी तरह पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर औसत 95.81 वर्गमीटर यानी 1031 वर्गफीट निर्माण होना था। कुल निर्माण मंजूर हुआ था 312.75 वर्गमीटर (3366 वर्गफीट) ही।
बनी ऐसी...
-- 60 फीसदी ग्राउंड कवरेज करीब 1795.2 वर्गफीट। सीवरेज के चेम्बर पर बाउंड्रीवाल बना दी। मेन रोड का स्लोप में बिजली के खम्बे भी समाहित कर लिए।
-- ऊपरी मंजिलों का क्षेत्रफल दो-दो हजार वर्गफीट है जो मंजूरी से दोगुना है। तीसरी मंंजिल के बाद कोई निर्माण मंजूर नहीं है जबकि ऊपर 1000 वर्गफीट का पेंट हाउस भी बना दिया है।
संपत्ति कर में भी हेरफेर...
संपत्ति करदाताओं की सूची में मंघरानी का भी नाम है लेकिन जिस प्लॉट का नक्शा नगर निगम ने नवंबर 2014 में मंजूर किया था और जहां बिल्डिंग बने छह महीने हो चुके हैं उस प्लॉट के संपत्ति कर खाते में सिर्फ ग्राउंड फ्लोर का जिक्र ही है। यहां प्लॉट का एरिया 2991 वर्गफीट दर्ज है।
राजनीतिक संरक्षण की स्थिति यह है कि संपत्ति कर में भी निगम के मैदानी अमले के साथ मिलकर हेरफेर की गई है। प्लॉट नं. 557 के संपत्ति कर की गणना 15 रुपए/वर्गफीट की दर से की गई है जबकि ललित शर्मा के प्लॉट नं. 556 और कांता सेवाराम लालवानी के प्लॉट नं. 558 की गणना 26 रुपए/वर्गफीट से हुई। पूरी कॉलोनी का रेट जोन एक ही होता है। प्लॉट नंबर वार नहीं रहता।
No comments:
Post a Comment