Thursday, July 7, 2016

किसानों का रास्ता बंद मामले में

राजस्व मंडल ने खारिज कर दी ज्योति की अपील
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
स्थानीय अधिकारियों को साधकर आईडीए की सड़क उखाड़ने के बाद भी बच निकले ज्योतिनगर गृह निर्माण सहकारी संस्था को राजस्व मंडल ग्वालियर ने जमीन दिखा दी। समीपवर्ती किसानों का खेत तक पहुंचने का रास्ता बंद करने पर तहसीलदार द्वारा ली गई आपत्ति को जायज करार देते हुए मंडल ने संस्था का आवदेन रद्द कर दिया है।
  ग्राम तेजपुर गड़बड़ी में ज्योतिनगर हाउसिंग सोसायटी की जमीन है। बीच से पुराना सरकारी रास्ता था। इस रास्ते से जुड़ा एक रास्ता और था जो बलजीतसिंह साहनी और एक अन्य किसान की जमीन  तक पहुंचने का रास्ता था। संस्था ने पहले आईडीए द्वार बनाई गई सड़क उखाड़कर फेंक दी और बाद में सीमांकन कराकर बाउंड्रीवाल का काम शुरू कर दिया था। बाउंड्रीवाल के साथ ही अपनी जमीन तक पहुंचने का रास्ता बंद होता देख किसानों ने आपत्ति ली। इस आपत्ति को 27 अपै्रल 2013 अपर तहसीलदार ने अपने आदेश में जायज माना था। इस आदेश के खिलाफ 2013 में ही संस्था ने राजस्व मंडल में निगरानी आवेदन लगाया जिसे बीते दिनों मंडल ने खारिज खारिज कर दिया। कहा कि किसानों को उनकी जमीन तक पहुंचने का रास्ता तो देना पड़ेगा।
किसान खेती नहीं कर रहे हैं, टाउनशीप बना रहे हैं
संस्था ने बाउंड्रीवाल बनाने के लिए आवेदन में कहानियां गढ़ी। कहा संस्था की जमीन से लगी बलजीतसिंह साहनी की सवा एकड़ जमीन है। साहनी अपनी जमीन पर खेती नहीं कर रहे हैं बल्कि वे वहां  टाउनशीप खड़ी करने की तैयारी में है। इस संबंध में टाउन एंड कंट्री विभाग में प्रारंभिक ले-आउट भी पास हो चुका है। इसीलिए व्यवहार प्रक्रिया सहिता की धारा 131 लागू नहीं होती।
नहीं पेश कर पाए सबूत
संस्था की झूठी कहानियों को भांपकर मंडल ने उनसे साहनी द्वारा स्वीकृत कराए गए ले-आउट प्लान की कॉपी सहित ऐसे प्रमाण मांगे थे जिनसे यह साबित हो कि मौके पर जमीन का गैर कृषि उपयोग हो रहा हो। मंडल ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया कि किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटोग्राफ से स्पष्ट है कि जमीन पर खेती ही हो रही है। 

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