आप बत्ती वाली गाड़ी में नहीं होते तो चम्पू के चार चमचे अभी घेर लेते
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
कॉलोनी में सुविधा नहीं है, फिर प्लॉट खरीदते कैसे हैं..? साहब आप बत्ती वाली गाड़ी में आए हो इसीलिए कोई नहीं आया, किसी दिन सादी गाड़ी लेकर आना ‘कितना बड़ा प्लॉट लेना है, क्या बजट है’ पूछते हुए चंपू के चार दलाल आपको यहीं घेर लेंगे। वो तो ठीक है लेकिन सुविधा का नहीं पूछते क्या? पूछते हैं लेकिन दलाल रंगीन ब्रोशर निकालकर बैठ जाते हैं और फिर सुविधाएं गिनाना शुरू कर देते हैं। बुधवार को कैलोदाहला स्थित फिनिक्स टाउन की हकीकत जानने जब एसडीएम रवीश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे तो क्षेत्रवासियों ने उन्हें रोककर कुछ इसी सख्त लहजे में अपनी बात रखी।
फिनिक्स टाउन में चंपू-चिराग की चौकड़ी ने कैसे कानून को ठेंगा दिखाकर मनमानी कॉलोनी काटी है इसका खुलासा दबंग दुनिया 23 जून को ‘पंजीयक ने कर दी 150 फर्जी प्लॉटों की रजिस्ट्री’, 27 जून को ‘नाले बंद करके काट दिए प्लॉट’ और 28 जून को ‘’ 2300 प्लॉटों की कॉलोनी एक ट्रांसफार्मर के भरौसे’ शीर्षक से प्रकाशित समाचारों में कर चुका है। मामले में क्राइम ब्रांच केस दर्ज करके चिराग शाह और चंपू के पिता पवन अजमेरा सहित चार को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। वहीं कलेक्टर के सख्त रवैये के बावजूद अब तक मामले को टालते आ रहे प्रशासनिक अधिकारी बुधवार को कॉलोनी पहुंचे। यहां जनउपयोगी जमीनों पर काटे गए प्लॉट, नाला बंद करके काटे गए प्लॉट, नाले किनारे पड़ी मिट्टी, एक ट्रांसफार्मर और उस पर झुलते 2 हजार तारों को देखा। फोटोग्राफी की। लोगों से जानकारी ली।
जहां 20 प्लॉट बेचे, वहां निकले 16 ही
नक्शे से भी मिलान करने लगे तो क्षेत्रवासियों ने कहा कि नक्शे की तो पूछो ही मत। जिस लाइन में 20 प्लॉट बताकर बेचे गए हैं वहां मौके पर निकले 16 प्लॉट ही है। चार प्लॉट वाले वर्षों से रजिस्ट्री लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
गाड़ी में से ही नहीं उतर रहे थे अधिकारी
मौके पर पहुंचे एसडीएम व उनके मातहत काफी देर तक गाड़ी में बैठकर ही हवाई दौरा करते रहे। इस पर क्षेत्रवासियों ने आपत्ति ली। इसके बाद अधिकारी जमीन पर उतरे और तकरीबन एक घंटे तक जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की। कॉलोनी के नाम पर बिल्डरों की मनमानी देख अधिकारी भी हैरान हो गए। हालांकि वे बार-बार गाड़ी के कांच बंद करके या इतनी दूर जाकर आपस में बात करते रहे कि कॉलोनीवासियों को सुनाई न दे।
चार दिन में 50 कंपलेन डाली है..
क्षेत्रवासियों की बड़ी नाराजगी बिजली व्यवस्था को लेकर थी जो 2303 प्लॉटों वाली इस कॉलोनी में ऊंट के मुंह में जीरे की तरह है। एक ट्रांसफार्मर पर झुलते तार दिखाकर क्षेत्रवासियों ने कहा कि 75 हजार रुपए डेवलपमेंट शुल्क देने के बाद भी ऐसी स्थिति, ऐसा तो चंदननगर, आजादनगर, खजराना, बांगड़दा जैसे क्षेत्र में भी नजर नहीं आता है। एक केबल जली हुई है। 4 दिन में 50 कंपलेन डाल चुके हैं। बिजली कंपनी सुनने को तैयार नहीं, जैसे यहां मनुष्य रहते ही नहीं है।
7 दिन में कार्रवाई करना थी, कॉलोनी पहुंचे 5 दिन बाद
जो एसडीएम रवीश श्रीवास्तव मातहतों के साथ फिनिक्स टाउन पहुंचे थे उन्हें कलेक्टर पी.नरहरि ने क्षेत्रवासियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 13 जून की शाम 5 बजे जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने साफ कर दिया था कि जो प्लॉट अवैध हैं उन्हें केंसल करें। मकान बन चुके हैं तो उन पर कार्रवाई करें।
आए भी इसलिए...
फिनिक्स के कर्ताधर्ताओं को रिमांड पर लेकर जेल पहुंचा चुकी क्राइम ब्रांच संभवत: गुरुवार को पटवारी अनिता कुंभकर और राजस्व निरीक्षक योगेंद्र राठौर को फिनिक्स टाउन लेकर जाएगी। वहां दस्तावेजों के साथ मैदानी हकीकत पर क्राइम ब्रांच इनके बयान लेगी। इसीलिए अब तक भू-माफियाओं की मेहरबानी से कॉलोनी से परहेज करते आए अधिकारी आखिरकार बुधवार को मजबूरन कॉलोनी पहुंचे।
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
कॉलोनी में सुविधा नहीं है, फिर प्लॉट खरीदते कैसे हैं..? साहब आप बत्ती वाली गाड़ी में आए हो इसीलिए कोई नहीं आया, किसी दिन सादी गाड़ी लेकर आना ‘कितना बड़ा प्लॉट लेना है, क्या बजट है’ पूछते हुए चंपू के चार दलाल आपको यहीं घेर लेंगे। वो तो ठीक है लेकिन सुविधा का नहीं पूछते क्या? पूछते हैं लेकिन दलाल रंगीन ब्रोशर निकालकर बैठ जाते हैं और फिर सुविधाएं गिनाना शुरू कर देते हैं। बुधवार को कैलोदाहला स्थित फिनिक्स टाउन की हकीकत जानने जब एसडीएम रवीश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे तो क्षेत्रवासियों ने उन्हें रोककर कुछ इसी सख्त लहजे में अपनी बात रखी।
फिनिक्स टाउन में चंपू-चिराग की चौकड़ी ने कैसे कानून को ठेंगा दिखाकर मनमानी कॉलोनी काटी है इसका खुलासा दबंग दुनिया 23 जून को ‘पंजीयक ने कर दी 150 फर्जी प्लॉटों की रजिस्ट्री’, 27 जून को ‘नाले बंद करके काट दिए प्लॉट’ और 28 जून को ‘’ 2300 प्लॉटों की कॉलोनी एक ट्रांसफार्मर के भरौसे’ शीर्षक से प्रकाशित समाचारों में कर चुका है। मामले में क्राइम ब्रांच केस दर्ज करके चिराग शाह और चंपू के पिता पवन अजमेरा सहित चार को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। वहीं कलेक्टर के सख्त रवैये के बावजूद अब तक मामले को टालते आ रहे प्रशासनिक अधिकारी बुधवार को कॉलोनी पहुंचे। यहां जनउपयोगी जमीनों पर काटे गए प्लॉट, नाला बंद करके काटे गए प्लॉट, नाले किनारे पड़ी मिट्टी, एक ट्रांसफार्मर और उस पर झुलते 2 हजार तारों को देखा। फोटोग्राफी की। लोगों से जानकारी ली।
जहां 20 प्लॉट बेचे, वहां निकले 16 ही
नक्शे से भी मिलान करने लगे तो क्षेत्रवासियों ने कहा कि नक्शे की तो पूछो ही मत। जिस लाइन में 20 प्लॉट बताकर बेचे गए हैं वहां मौके पर निकले 16 प्लॉट ही है। चार प्लॉट वाले वर्षों से रजिस्ट्री लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
गाड़ी में से ही नहीं उतर रहे थे अधिकारी
मौके पर पहुंचे एसडीएम व उनके मातहत काफी देर तक गाड़ी में बैठकर ही हवाई दौरा करते रहे। इस पर क्षेत्रवासियों ने आपत्ति ली। इसके बाद अधिकारी जमीन पर उतरे और तकरीबन एक घंटे तक जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की। कॉलोनी के नाम पर बिल्डरों की मनमानी देख अधिकारी भी हैरान हो गए। हालांकि वे बार-बार गाड़ी के कांच बंद करके या इतनी दूर जाकर आपस में बात करते रहे कि कॉलोनीवासियों को सुनाई न दे।
चार दिन में 50 कंपलेन डाली है..
क्षेत्रवासियों की बड़ी नाराजगी बिजली व्यवस्था को लेकर थी जो 2303 प्लॉटों वाली इस कॉलोनी में ऊंट के मुंह में जीरे की तरह है। एक ट्रांसफार्मर पर झुलते तार दिखाकर क्षेत्रवासियों ने कहा कि 75 हजार रुपए डेवलपमेंट शुल्क देने के बाद भी ऐसी स्थिति, ऐसा तो चंदननगर, आजादनगर, खजराना, बांगड़दा जैसे क्षेत्र में भी नजर नहीं आता है। एक केबल जली हुई है। 4 दिन में 50 कंपलेन डाल चुके हैं। बिजली कंपनी सुनने को तैयार नहीं, जैसे यहां मनुष्य रहते ही नहीं है।
7 दिन में कार्रवाई करना थी, कॉलोनी पहुंचे 5 दिन बाद
जो एसडीएम रवीश श्रीवास्तव मातहतों के साथ फिनिक्स टाउन पहुंचे थे उन्हें कलेक्टर पी.नरहरि ने क्षेत्रवासियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 13 जून की शाम 5 बजे जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने साफ कर दिया था कि जो प्लॉट अवैध हैं उन्हें केंसल करें। मकान बन चुके हैं तो उन पर कार्रवाई करें।
आए भी इसलिए...
फिनिक्स के कर्ताधर्ताओं को रिमांड पर लेकर जेल पहुंचा चुकी क्राइम ब्रांच संभवत: गुरुवार को पटवारी अनिता कुंभकर और राजस्व निरीक्षक योगेंद्र राठौर को फिनिक्स टाउन लेकर जाएगी। वहां दस्तावेजों के साथ मैदानी हकीकत पर क्राइम ब्रांच इनके बयान लेगी। इसीलिए अब तक भू-माफियाओं की मेहरबानी से कॉलोनी से परहेज करते आए अधिकारी आखिरकार बुधवार को मजबूरन कॉलोनी पहुंचे।
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