चंपू-चिराग और मेहता की जोड़ी का कमाल
प्लॉट होल्डरों के साथ संस्था के सदस्यों से भी छलावा
इंदौर. विनोद शर्मा ।
चंपू और चिराग की जोड़ी के चमत्कारों की जितनी बात करें कम है। दोनों ने फिनिक्स टाउन के तीन ले-आउट जोड़कर चौथा नक्शा बनाया और इसमें क्लासिक गृह निर्माण सहकारी संस्था की विवादित जमीन जोड़कर उस पर 281 प्लॉट काट दिए। न्यू इंदौर टाउनशीप का खांका खींचकर बैठी क्लासिक खामौश रही क्योंकि यह संस्था भी चंपू-चिराग और विवादित बिल्डर अश्वीन मेहता की है। संस्था के अंतिम अध्यक्ष संजय जैन है जो कि फिनिक्स डेवकॉन प्रा.लि. में भी डायरेक्टर हैं।
फिनिक्स में हुई प्लॉटों की हेराफेरी के मामले में क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े चंपू अजमेरा ने पांच दलालों के साथ अश्विन मेहता के नाम का खुलासा भी किया है। मेहता अजमेरा के साथ संतोषीमाता गृह निर्माण सहकारी संस्था और क्लासिक गृह निर्माण सहकारी संस्था के साथ ही सेटेलाइट हाउसिंग प्रा.लि. में भी सहभागी है। भागीदारों की लिस्ट में अतूल सुराणा, संजय जैन और रजत बोहरा का नाम भी शामिल है। इसीलिए सदस्यों की आपत्तियों में उलझी क्लासिक संस्था की न्यू इंदौर टाउन अटकी तो चौकड़ी ने नया रास्ता निकाला। पहले एक ही दिन में फिनिक्स टाउन के तीन नक्शे मंजूर करवाए। बाद में इन तीनों को जोड़ा चौथा नक्शा बनाया। उसमें क्लासिक की जमीन जोड़ी और 281 प्लॉट का खांका खींच दिया।
संस्था की इन जमीनों पर कब्जा
सर्वे नं. 253/2, 254/1, 254/2/2, 255/1/1/मिन-1, 256/1, 256/2/1 और 256/5 की कुल साढ़े आठ एकड़ जमीन जबकि 29 मार्च 2007 को संस्था और कुम्हेर सिंह पिता कुन्हेरे के बीच हुई एक रजिस्ट्री में संस्था ने अपनी 12.48 एकड़ जमीन गिनवाई थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि नौ साल में बिना प्लॉट कटे संस्था की साढ़े चार एकड़ जमीन गई कहां?
रजिस्ट्री में यह थी जमीन
खसरा रकबा फिनिक्स का कब्जा
253 0.975 कब्जा
254/1 0.332 कब्जा
254/2 1.433 कब्जा
255 1.106 ---
256/1 0.645 कब्जा
256/2 0.265 कब्जा
256/5 0.299 कब्जा
निराले है खेल..
फिनिक्स डेवकॉन प्रा.लि. के बैनर तले फिनिक्स टाउन नाम की कॉलोनी डेवलप करने वाले चिराग पिता विपिन शाह का नाम 8 दिसंबर 1997 को पंजीबद्ध हुई क्लासिक संस्था की सदस्यता सूची में पहले नंबर पर है। 15 शांतिनगर में रहने वाले शाह ने दिसंबर 1997 को सदस्यता ली थी। सदस्यों में इसी पते पर रहने वाले सरला पति विपिन शाह और डॉली पति अरूण शाह का नाम भी है।
सूची में 30 शिवशक्तिनगर निवासी सीमा मेहता का सदस्यता क्रमांक 114 है जो कि सिंगापुर समूह के मालिक अश्विन मेहता की पत्नी है। सिंगापुर समूह की शहर की चारों दिशाओं में दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां हैं।
सदस्यता क्रमांक 118 है सीमा जैन का जो कि 317 एमजी रोड निवासी धर्मेंद्र जैन उर्फ धर्मेंद्र बाबा हैं। बाबा इंदौर के कुख्यात भू-माफिया योगेंद्र बाबा के भाई हैं और विकास अपार्टमेंट संस्था में भी चंपू चौकड़ी के सहभागी हैं।
संस्था में प्लॉट कम, सदस्य ज्यादा
न्यू इंदौर टाउनशीप की कल्पना करने वाली संस्था के पास जमीन 12 एकड़ ही है। सदस्यों की संख्या 371 हैं जबकि कॉलोनी में चाहक भी 200 से अधिक प्लॉट नहीं काटे जा सकते हैं। इसीलिए क्लब हाउस, गेट और पानी की टंकी के अलावा यहां कोई काम नहीं दिखता। सीवरेज लाइन भी आधी-अधूरी ही डली है।
प्लॉट होल्डरों के साथ संस्था के सदस्यों से भी छलावा
इंदौर. विनोद शर्मा ।
चंपू और चिराग की जोड़ी के चमत्कारों की जितनी बात करें कम है। दोनों ने फिनिक्स टाउन के तीन ले-आउट जोड़कर चौथा नक्शा बनाया और इसमें क्लासिक गृह निर्माण सहकारी संस्था की विवादित जमीन जोड़कर उस पर 281 प्लॉट काट दिए। न्यू इंदौर टाउनशीप का खांका खींचकर बैठी क्लासिक खामौश रही क्योंकि यह संस्था भी चंपू-चिराग और विवादित बिल्डर अश्वीन मेहता की है। संस्था के अंतिम अध्यक्ष संजय जैन है जो कि फिनिक्स डेवकॉन प्रा.लि. में भी डायरेक्टर हैं।
फिनिक्स में हुई प्लॉटों की हेराफेरी के मामले में क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े चंपू अजमेरा ने पांच दलालों के साथ अश्विन मेहता के नाम का खुलासा भी किया है। मेहता अजमेरा के साथ संतोषीमाता गृह निर्माण सहकारी संस्था और क्लासिक गृह निर्माण सहकारी संस्था के साथ ही सेटेलाइट हाउसिंग प्रा.लि. में भी सहभागी है। भागीदारों की लिस्ट में अतूल सुराणा, संजय जैन और रजत बोहरा का नाम भी शामिल है। इसीलिए सदस्यों की आपत्तियों में उलझी क्लासिक संस्था की न्यू इंदौर टाउन अटकी तो चौकड़ी ने नया रास्ता निकाला। पहले एक ही दिन में फिनिक्स टाउन के तीन नक्शे मंजूर करवाए। बाद में इन तीनों को जोड़ा चौथा नक्शा बनाया। उसमें क्लासिक की जमीन जोड़ी और 281 प्लॉट का खांका खींच दिया।
संस्था की इन जमीनों पर कब्जा
सर्वे नं. 253/2, 254/1, 254/2/2, 255/1/1/मिन-1, 256/1, 256/2/1 और 256/5 की कुल साढ़े आठ एकड़ जमीन जबकि 29 मार्च 2007 को संस्था और कुम्हेर सिंह पिता कुन्हेरे के बीच हुई एक रजिस्ट्री में संस्था ने अपनी 12.48 एकड़ जमीन गिनवाई थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि नौ साल में बिना प्लॉट कटे संस्था की साढ़े चार एकड़ जमीन गई कहां?
रजिस्ट्री में यह थी जमीन
खसरा रकबा फिनिक्स का कब्जा
253 0.975 कब्जा
254/1 0.332 कब्जा
254/2 1.433 कब्जा
255 1.106 ---
256/1 0.645 कब्जा
256/2 0.265 कब्जा
256/5 0.299 कब्जा
निराले है खेल..
फिनिक्स डेवकॉन प्रा.लि. के बैनर तले फिनिक्स टाउन नाम की कॉलोनी डेवलप करने वाले चिराग पिता विपिन शाह का नाम 8 दिसंबर 1997 को पंजीबद्ध हुई क्लासिक संस्था की सदस्यता सूची में पहले नंबर पर है। 15 शांतिनगर में रहने वाले शाह ने दिसंबर 1997 को सदस्यता ली थी। सदस्यों में इसी पते पर रहने वाले सरला पति विपिन शाह और डॉली पति अरूण शाह का नाम भी है।
सूची में 30 शिवशक्तिनगर निवासी सीमा मेहता का सदस्यता क्रमांक 114 है जो कि सिंगापुर समूह के मालिक अश्विन मेहता की पत्नी है। सिंगापुर समूह की शहर की चारों दिशाओं में दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां हैं।
सदस्यता क्रमांक 118 है सीमा जैन का जो कि 317 एमजी रोड निवासी धर्मेंद्र जैन उर्फ धर्मेंद्र बाबा हैं। बाबा इंदौर के कुख्यात भू-माफिया योगेंद्र बाबा के भाई हैं और विकास अपार्टमेंट संस्था में भी चंपू चौकड़ी के सहभागी हैं।
संस्था में प्लॉट कम, सदस्य ज्यादा
न्यू इंदौर टाउनशीप की कल्पना करने वाली संस्था के पास जमीन 12 एकड़ ही है। सदस्यों की संख्या 371 हैं जबकि कॉलोनी में चाहक भी 200 से अधिक प्लॉट नहीं काटे जा सकते हैं। इसीलिए क्लब हाउस, गेट और पानी की टंकी के अलावा यहां कोई काम नहीं दिखता। सीवरेज लाइन भी आधी-अधूरी ही डली है।
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