बशर्ते सरकार मापदंड जल्दी क्लीयर कर दे
इंदौर, दबंग रिपोर्टर।
तीन इमारतों की मंजूरी के साथ ही इंदौर में हाईराइज बिल्डिंंगों का सफर थम जाएगा। रविवार को यह चर्चा इंदौर से लेकर राजनीति तक रही लेकिन नगर निगम आयुक्त ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि हाइराइज की अनुमतियां आगे भी जारी रहेगी। बस डेंसिटी को लेकर शासन विचाराधीन प्रकरण का निराकरण कर दे। हालांकि इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर शीर्घ निर्णय की मांग की है तब तक हाईराइज कमेटी की बैठक नहीं होगी।
22 जुलाई 2015 के बाद हाईराइज कमेटी की बैठक बीते दिनों हुई। बैठक में 42 से लेकर 60 मीटर तक के प्रकरण पर चर्चा हुई। अनुमोदन के लिए लिखा गया। बैठक में मप्र भूमि विकास अधिनियम के नियम 60 में जो सकल आवासीय घनत्व व्यक्ति/हेक्टेयर के मान से तल और आच्छादित क्षेत्र का प्रस्ताव है उस पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि प्लॉटों का आकार कम है। नियम 60 के पालन के लिए आवासीय इकाइयों का आकार बड़ा रखना जरूरी है। यदि इकाइयां बड़ी करते हैं तो उनकी कीमत ज्यादा होगी जो आम लोगों की पहुंच से दूर रहेगी। न बिल्डर को सही से एफएआर का फायदा मिलेगा। न आच्छादित क्षेत्र का। मामले में शासन स्तर पर विचार मंथन जारी है। इसीलिए तय हुआ कि शासन को शीर्घ निर्णय के लिए चिट्ठी लिखें। यह भी स्पष्ट कर दें कि जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती तब तक कमेटी की अगली बैठक नहीं होगी। इसीलिए अफवाह यह फैल गई कि अब हाईराइज बिल्डिंगों का अनुमति मिलेगी ही नहीं।
जरूरी है हाईराइज
हाईराइज बिल्डिंगों में रोड और फायर सेफ्टी के नियमों की लगातार अनदेखी को देखते हुए बार-बार ऐसी इमारतों पर रोक की मांग उठती रहती है। हालांकि शहर में कम पड़ती जमीन को देखते हुए वर्टिकल डेवलपमेंट जरूरी माना जाता है। यह हर स्मार्ट शहर की जरूरत भी है।
शासन को लिखा पत्र
निगमायुक्त मनीष सिंह ने नगरीय प्रशासन विभाग और आवास एवं पर्यावरण विभाग को पत्र भी लिखे। शीर्घ निराकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी इस मामले का निराकरण शासन स्तर से हो जाए, अच्छा है। जो प्रकरण बीते दिनों बैठक में रखे गए थे उनका भी इसी आधार पर अनुमोदन किया है। टीएंडसीपी स्थल अनुमोदन के बाद प्रावधानों के आधार पर जो सिफारिश करेगा उसी के आधार पर कमेटी प्रोजेक्ट पर फैसला लेगी।
प्रोजेक्ट जो मंजूर हुए
रमेशचंद्र अग्रवाल : तलावली की 7.506 हेक्टेयर जमीन पर 42 मीटर ऊंची आवासीय इमारत। नियमानुसार 30 मीटर चौड़ी रोड जरूरी है सामने। मौके पर 12 मीटर चौड़ी रोड है। पहले सड़क बनेगी, फिर बिल्डिंग।
15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र पुलिस बल: गाडराखेड़ी 6.128 हेक्टेयर जमीन पर 45 मीटर ऊंची आवासीय बिल्डिंग। सामने 30 मीटर चौड़ी सड़क है।
जी.एस.इंटरप्राइजेस : निरंजनपुर की 630648 वर्गमीटर जमीन पर 60 मीटर ऊची बिल्डिंग। पहले 30 मीटर के लिए आवेदन किया था। अनुमोदन भी हो चुका था।
इंदौर, दबंग रिपोर्टर।
तीन इमारतों की मंजूरी के साथ ही इंदौर में हाईराइज बिल्डिंंगों का सफर थम जाएगा। रविवार को यह चर्चा इंदौर से लेकर राजनीति तक रही लेकिन नगर निगम आयुक्त ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि हाइराइज की अनुमतियां आगे भी जारी रहेगी। बस डेंसिटी को लेकर शासन विचाराधीन प्रकरण का निराकरण कर दे। हालांकि इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर शीर्घ निर्णय की मांग की है तब तक हाईराइज कमेटी की बैठक नहीं होगी।
22 जुलाई 2015 के बाद हाईराइज कमेटी की बैठक बीते दिनों हुई। बैठक में 42 से लेकर 60 मीटर तक के प्रकरण पर चर्चा हुई। अनुमोदन के लिए लिखा गया। बैठक में मप्र भूमि विकास अधिनियम के नियम 60 में जो सकल आवासीय घनत्व व्यक्ति/हेक्टेयर के मान से तल और आच्छादित क्षेत्र का प्रस्ताव है उस पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि प्लॉटों का आकार कम है। नियम 60 के पालन के लिए आवासीय इकाइयों का आकार बड़ा रखना जरूरी है। यदि इकाइयां बड़ी करते हैं तो उनकी कीमत ज्यादा होगी जो आम लोगों की पहुंच से दूर रहेगी। न बिल्डर को सही से एफएआर का फायदा मिलेगा। न आच्छादित क्षेत्र का। मामले में शासन स्तर पर विचार मंथन जारी है। इसीलिए तय हुआ कि शासन को शीर्घ निर्णय के लिए चिट्ठी लिखें। यह भी स्पष्ट कर दें कि जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती तब तक कमेटी की अगली बैठक नहीं होगी। इसीलिए अफवाह यह फैल गई कि अब हाईराइज बिल्डिंगों का अनुमति मिलेगी ही नहीं।
जरूरी है हाईराइज
हाईराइज बिल्डिंगों में रोड और फायर सेफ्टी के नियमों की लगातार अनदेखी को देखते हुए बार-बार ऐसी इमारतों पर रोक की मांग उठती रहती है। हालांकि शहर में कम पड़ती जमीन को देखते हुए वर्टिकल डेवलपमेंट जरूरी माना जाता है। यह हर स्मार्ट शहर की जरूरत भी है।
शासन को लिखा पत्र
निगमायुक्त मनीष सिंह ने नगरीय प्रशासन विभाग और आवास एवं पर्यावरण विभाग को पत्र भी लिखे। शीर्घ निराकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी इस मामले का निराकरण शासन स्तर से हो जाए, अच्छा है। जो प्रकरण बीते दिनों बैठक में रखे गए थे उनका भी इसी आधार पर अनुमोदन किया है। टीएंडसीपी स्थल अनुमोदन के बाद प्रावधानों के आधार पर जो सिफारिश करेगा उसी के आधार पर कमेटी प्रोजेक्ट पर फैसला लेगी।
प्रोजेक्ट जो मंजूर हुए
रमेशचंद्र अग्रवाल : तलावली की 7.506 हेक्टेयर जमीन पर 42 मीटर ऊंची आवासीय इमारत। नियमानुसार 30 मीटर चौड़ी रोड जरूरी है सामने। मौके पर 12 मीटर चौड़ी रोड है। पहले सड़क बनेगी, फिर बिल्डिंग।
15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र पुलिस बल: गाडराखेड़ी 6.128 हेक्टेयर जमीन पर 45 मीटर ऊंची आवासीय बिल्डिंग। सामने 30 मीटर चौड़ी सड़क है।
जी.एस.इंटरप्राइजेस : निरंजनपुर की 630648 वर्गमीटर जमीन पर 60 मीटर ऊची बिल्डिंग। पहले 30 मीटर के लिए आवेदन किया था। अनुमोदन भी हो चुका था।
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