Monday, December 28, 2015

इंदौर-खलघाट रोड पर बढ़ते हादसों और चोरी से पुलिस परेशान, लिखा एनएचएआई को पत्र

रोशन कर दो भेरूघाट
इंदौर. विनोद शर्मा।
इंदौर-खलघाट रोड पर रात के दौरान बढ़े सड़क हादसों ने क्षेत्रीय पुलिस से लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) की नींद उड़ा दी है। हालात यह है कि इंदौर और धार पुलिस ने एनएचएआई को पर्याप्त रोशनी के लिए पत्र लिखा है वहीं पुलिस के पत्र पर एनएचएआई ने सड़क बनाने वाली कंपनी ओरियंटल पाथवेज (इंदौर) प्रा.लि. को कड़ा पत्र लिखकर सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम जुटाने की हिदायत दे दी है। यह भी स्पष्ट कर दिया कि इंतजाम नहीं तो हादसों की सीधी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
आए दिन हो रहे सड़क हादसों और चोरी-लूट की वारदातों से परेशान मानपुर थाना प्रभारी कमलेश शर्मा ने 11 सितंबर 2015 को इंदौर डीआईजी, रीजनल आॅफिसर एनएचएआई, प्रोजेक्ट आॅफिसर एनएचएआई को पत्र (2800/2015) लिखा था। पत्र में थाना प्रभारी ने लिखा कि एनएच-3 के भेरूघाट पर मोड़ और सड़क के दोनों ओर जंगल होने के कारण सड़क हादसे और चोरी की घटना बढ़ी है। जन-धन हानि की क्षति होती रहती है। इसीलिए एनएचएआई यहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराएं। पत्र 3 अक्टूबर 2015 को एनएचएआई तक पहुंचा। 15 अक्टूबर 2015 को एनएचएआई  ने सड़क बनाने वाली कंपनी ओरियंटल पाथवेज (इंदौर) प्रा.लि. को कड़ा पत्र (एनएचएआई/पीआईयू/आईएनडी/एनएच-3/आईके/2015/1738) को पत्र लिखकर जनहित में प्रकाश व्यवस्था के निर्देश दिए।
अन्यथा कंपनी होगी दोषी...
एनएचएआई ने अपने पत्र में लिखा और मानपुर पुलिस के प्रकाश व्यवस्था संबंधित पत्र की जानकारी दी। यह भी कहा कि अनुबंध के अनुसार सुरक्षा के जो इंतजामात जुटाए जाना चाहिए वे जुटाए जाएं। इसके अलावा प्रकाश व्यवस्था भी की जाए। अन्यथा अब यदि कोई भी हादसा या दुर्घटना होती है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
न सिर्फ सड़क हादसे, बल्कि चोरी भी...
मानपुर पुलिस ने बताया कि ढाल घाट से भेरू मंदिर के बीच तकरीबन दो किलोमीटर लंबा हिस्सा ऐसा है जहां न सिर्फ नियमिति सड़क हादसे होते हैं बल्कि सड़क पर रांपी गाड़कर चोर पहले गाड़ियां पंक्चर करते हैं और बाद में लूटपाट, चोरी-चकारी। चूंकी सड़क के दोनों तरफ जंगल है इसीलिए घटनाओं को अंजाम देकर रात में अंधेरे का लाभ लेकर चोर भाग निकलते हैं।  घाट पर रात 10.30 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक दो पुलिस जवानों का पॉइन्ट नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा 2 जवान गश्त पर रहते हैं। रात को पुलिस फोर्स भी बढ़ाना पड़ता है। टीआई भी रातभर गश्त पर रहते हें।
138 एक्सीडेंट हुए हैं पूरी सड़क पर
एनएचएआई की रिपोर्ट के अनुसार 2014 में ही कुल 138 सड़क दुर्घटनाएं हुई। इनमें 38 एक्सीडेंट इसी मौके के और रात के हैं। इसके अलावा आए चोरी की वारदातें अलग होती है।

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