- एम्बुलेंस, क्रेन, वॉशरूम के साथ ही मेडिकल एड पोस्ट भी
इंदौर. विनोद शर्मा ।
लेटलतीफी का इतिहास गढ़ चुके इंदौर-अहमदाबाद मार्ग (एनएच-59) नए साल में जनसुविधाओं से लैस होगा। सबकुछ ठिक रहा तो 2016 खत्म होने से पहले इस हाईवे एम्बुलैंस, क्रेन, मेडिकल एड पोस्ट और ट्रेफिक एड पोस्ट के साथ ही तकरीबन एक लाख पौधे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा सड़क में आ रहे 31 हजार पेड़ों का टांसप्लांटेशन भी किया जाएगा।
डिजाइन बिल्ट फाइनेंस आॅपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) सिस्टम के तहत इंदौर-गुजरात सीमा के बीच 161.5 किलोमीटर (9.500 से किलोमीटर 171 तक) लंबे फोरलेन करीब छह साल से बन रहा है। सरकारी अनदेखी और कंपनी की ढिलाई के कारण अर्से तक काम बंद रहने के बाद बीते कुछ दिनों से निर्माण में तेजी आई है। उम्मीद जताई जा रही है कि 2016 अंत तक सड़क फिनिशिंग टच ले लेगी। अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) ने अनुबंध के आधार पर कंपनी से सड़क पर सहुलियतें विकसित करने को कह दिया है। इस संबंध में अक्टूबर 2014 से आधा दर्जन पत्र लिखे जा चुके हैं।
क्या-क्या सुविधाएं विकसित होगी
बस बे, बस शेल्टर, इंट्री एक्जिट रेम्प, बड़े जंक्शन, माइनर जंक्शन, हाईवे लाइटिंग, रोड फर्नीचर, मेटल क्रश बेरियर, कॉन्क्रिट क्रेश बेरियर, एम.एस.रैलिंग, फुटपाथ, पौधारोपण, हाईवे पेट्रोल, एम्बुलेंस, के्रेन, टोल प्लाजा, ईसीबी, ट्रेफिक एड पोस्ट, मेडिकल एड पोस्ट और वॉशरूम।
लगना है1 लाख पौधे, लगे 32 हजार
आईवीआरसीएल और एनएचएआई के बीच हुए अनुबंध के अनुसार एनएच-59 पर 660/किलोमीटर पौधे लगाए जाना है। रोड बन रही है 161.5 किलोमीटर। यानी कुल पौधे लगाना होंगे 106590 पौधे लगना है सड़क के दोनों तरफ । दो पौधों के बीच 1.5 मीटर की दूरी होगी। 18 नवंबर 2015 तक 78.1 किलोमीटर लंबे हिस्से में 32150 पौधे लगाए जा चुके हैं। पौधारोपण का यह काम अनुबंध के हिसाब से फरवरी 2013 तक पूरा करना था लेकिन दिसंबर 2012 से मई 2014 तक काम बंद रहने के कारण पौधारोपण नहीं हो पाया। काम शुरू जून 2015 से। इस पूरे मामले को लेकर फरवरी 2014 में एनएचएआई कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी भी दे चुका है। ट्री ट्रांसप्लांटेशन पर तकरीबन 3.1 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
31 हजार पेड़ ट्रांसप्लांट होगा...
31 हजार पेड़ ऐसे चिह्नित किए गए हैं जो सड़क के बीचोबीच आ रहे हैं। इन पेड़ों को सड़क किनारे ट्रांसप्लांट किया जाना है कतारबद्ध। पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने के लिए अगली बरसात (31 अगस्त 2016) तक का वक्त दिया गया है। हालांकि अब तक ट्रांसप्लांटेशन शुरू नहीं हुआ है।
अभी यह है स्थिति...
सुविधा कुल कंपलिट बनना है
बस बे 53 2 51
बस स्टॉप 23 0 23
मेजर जंक्शन 33 0 33
माइनर जंक्शन 76 0 76
लाइटिंग 33 0 33
वॉश रूम 2 0 2
मेडिकल एड पोस्ट 2 0 2
ट्रेफिक एड पोस्ट 2 0 2
टोल प्लाजा 2 0 2
एम्बुलेंस 2 0 2
क्रेन 2 0 2
इंदौर. विनोद शर्मा ।
लेटलतीफी का इतिहास गढ़ चुके इंदौर-अहमदाबाद मार्ग (एनएच-59) नए साल में जनसुविधाओं से लैस होगा। सबकुछ ठिक रहा तो 2016 खत्म होने से पहले इस हाईवे एम्बुलैंस, क्रेन, मेडिकल एड पोस्ट और ट्रेफिक एड पोस्ट के साथ ही तकरीबन एक लाख पौधे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा सड़क में आ रहे 31 हजार पेड़ों का टांसप्लांटेशन भी किया जाएगा।
डिजाइन बिल्ट फाइनेंस आॅपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) सिस्टम के तहत इंदौर-गुजरात सीमा के बीच 161.5 किलोमीटर (9.500 से किलोमीटर 171 तक) लंबे फोरलेन करीब छह साल से बन रहा है। सरकारी अनदेखी और कंपनी की ढिलाई के कारण अर्से तक काम बंद रहने के बाद बीते कुछ दिनों से निर्माण में तेजी आई है। उम्मीद जताई जा रही है कि 2016 अंत तक सड़क फिनिशिंग टच ले लेगी। अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) ने अनुबंध के आधार पर कंपनी से सड़क पर सहुलियतें विकसित करने को कह दिया है। इस संबंध में अक्टूबर 2014 से आधा दर्जन पत्र लिखे जा चुके हैं।
क्या-क्या सुविधाएं विकसित होगी
बस बे, बस शेल्टर, इंट्री एक्जिट रेम्प, बड़े जंक्शन, माइनर जंक्शन, हाईवे लाइटिंग, रोड फर्नीचर, मेटल क्रश बेरियर, कॉन्क्रिट क्रेश बेरियर, एम.एस.रैलिंग, फुटपाथ, पौधारोपण, हाईवे पेट्रोल, एम्बुलेंस, के्रेन, टोल प्लाजा, ईसीबी, ट्रेफिक एड पोस्ट, मेडिकल एड पोस्ट और वॉशरूम।
लगना है1 लाख पौधे, लगे 32 हजार
आईवीआरसीएल और एनएचएआई के बीच हुए अनुबंध के अनुसार एनएच-59 पर 660/किलोमीटर पौधे लगाए जाना है। रोड बन रही है 161.5 किलोमीटर। यानी कुल पौधे लगाना होंगे 106590 पौधे लगना है सड़क के दोनों तरफ । दो पौधों के बीच 1.5 मीटर की दूरी होगी। 18 नवंबर 2015 तक 78.1 किलोमीटर लंबे हिस्से में 32150 पौधे लगाए जा चुके हैं। पौधारोपण का यह काम अनुबंध के हिसाब से फरवरी 2013 तक पूरा करना था लेकिन दिसंबर 2012 से मई 2014 तक काम बंद रहने के कारण पौधारोपण नहीं हो पाया। काम शुरू जून 2015 से। इस पूरे मामले को लेकर फरवरी 2014 में एनएचएआई कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी भी दे चुका है। ट्री ट्रांसप्लांटेशन पर तकरीबन 3.1 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
31 हजार पेड़ ट्रांसप्लांट होगा...
31 हजार पेड़ ऐसे चिह्नित किए गए हैं जो सड़क के बीचोबीच आ रहे हैं। इन पेड़ों को सड़क किनारे ट्रांसप्लांट किया जाना है कतारबद्ध। पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने के लिए अगली बरसात (31 अगस्त 2016) तक का वक्त दिया गया है। हालांकि अब तक ट्रांसप्लांटेशन शुरू नहीं हुआ है।
अभी यह है स्थिति...
सुविधा कुल कंपलिट बनना है
बस बे 53 2 51
बस स्टॉप 23 0 23
मेजर जंक्शन 33 0 33
माइनर जंक्शन 76 0 76
लाइटिंग 33 0 33
वॉश रूम 2 0 2
मेडिकल एड पोस्ट 2 0 2
ट्रेफिक एड पोस्ट 2 0 2
टोल प्लाजा 2 0 2
एम्बुलेंस 2 0 2
क्रेन 2 0 2
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