इंदौर. विनोद शर्मा ।
छोटा बांगड़दा की शासकीय और कांग्रेस नेता कृपाशंकर शुक्ला की जमीन पर कट रहे सूर्यदेवनगर और सूरजबलीनगर का सोमवार को अधिकारी सर्वे करने पहुंचे। निगाहें दौड़ाई और यथास्थिति पतली गली पकड़कर निकल गए। लेक पैलेस, श्रृद्धाश्री और सुंदरनगर जैसी कॉलोनियां काटने वाले कश्यप ने अधिकारियों को साधना भी शुरू कर दिया है।
दबंग दुनिया ने सोमवार के अंक में ‘कृपा-कश्यप की कॉलोनी’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार में कृपाशंकर शुक्ला और रामसुमिरन कश्यम की अवैध कॉलोनियों का खुलासा किया था। खुलासे के बाद जहां कॉलोनी में हड़कंप मची रही। वहीं दोपहर में प्रशासन के कुछ अधिकारी भी जमीन देखने पहुंचे। अधिकारियों को देखते ही शुक्ला और कश्यप के कारिंदे मुंह छिपाकर निकल लिए। हालांकि इस दौरान कुछ मकानों में निर्माण जारी रहा। अधिकारियों ने निगाहें दौड़ाई और चले गए। उन्होंने न कॉलोनी का नाम पूछा। न काटने वालों का। न मकान बनाने वालों का।
श्रृद्धाश्री के प्लॉट एडजस्ट कर रहे हैं...
कश्यप ने 15-20 साल पहले सुंदरनगर कॉलोनी काटी थी। आठ महीने पहले नंदबाग के पास श्रृद्धाश्री कॉलोनी काटी। प्रशासन ने सख्ती दिखाकर कॉलोनी तोड़ दी। इस कॉलोनी के प्लॉटधारकों को सूरजबली और सूर्यदेवनगर में प्लॉट दे रहे हैं। वहां ढ़ाई-ढ़ाई लाख में प्लॉट बेचे थे। भाजपा विधायक और कांग्रेस नेता ही नहीं दोनों दलों के अन्य लोग भी कश्यप से जुड़े हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री के साथ भी कश्यप मंच साझा कर चुका है।
पंडितजी अपना हिस्सा बेच चुके...
सूरजबलीनगर सर्वे नं. 337 पर है जो कृपाशंकर शुक्ला की जमीन पर है। वे अवैध कॉलोनी काटकर प्लॉटों की गैरकानूनी रजिस्ट्री कर चुके हैं। 336 की जमीन को लेकर रावला से उनका 30 साल पुराना विवाद है हालांकि जमीन अब सरकारी है। इस जमीन पर कश्यप ने कॉलोनी काटी। दोनों की हिस्सेदारी का प्रतिशत तय है। इसी खसरे की जमीन पर जफर ने श्रीरामनगर कॉलोनी काट रखी है जो प्रशासन के देखते-देखते 100 प्रतिशत बस चुकी है।
प्लॉट से दोगुनी नौटरी...
कश्यप इतना बड़ा कलाकार है कि एक प्लॉट की दो-दो नौटरी कर देता है। विवाद होने पर कभी प्लॉट की साइज छोटी कर देगा तो कभी प्लॉट ही बदल देगा। चक्रा चलाने की जिम्मेदारी श्रीराम जाट की है। बताया जा रहा है कि अभी चार बिघा जमीन पर 2 हजार से अधिक प्लॉट काटने की प्लानिंग है। विवाद न सुलझने पर महेंद्र ठाकुर और मुकेश यादव को आगे कर दिया जाता है जो डरा-धमकाकर या पिटाई करके मामला सुलझाते हैं।
छोटा बांगड़दा की शासकीय और कांग्रेस नेता कृपाशंकर शुक्ला की जमीन पर कट रहे सूर्यदेवनगर और सूरजबलीनगर का सोमवार को अधिकारी सर्वे करने पहुंचे। निगाहें दौड़ाई और यथास्थिति पतली गली पकड़कर निकल गए। लेक पैलेस, श्रृद्धाश्री और सुंदरनगर जैसी कॉलोनियां काटने वाले कश्यप ने अधिकारियों को साधना भी शुरू कर दिया है।
दबंग दुनिया ने सोमवार के अंक में ‘कृपा-कश्यप की कॉलोनी’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार में कृपाशंकर शुक्ला और रामसुमिरन कश्यम की अवैध कॉलोनियों का खुलासा किया था। खुलासे के बाद जहां कॉलोनी में हड़कंप मची रही। वहीं दोपहर में प्रशासन के कुछ अधिकारी भी जमीन देखने पहुंचे। अधिकारियों को देखते ही शुक्ला और कश्यप के कारिंदे मुंह छिपाकर निकल लिए। हालांकि इस दौरान कुछ मकानों में निर्माण जारी रहा। अधिकारियों ने निगाहें दौड़ाई और चले गए। उन्होंने न कॉलोनी का नाम पूछा। न काटने वालों का। न मकान बनाने वालों का।
श्रृद्धाश्री के प्लॉट एडजस्ट कर रहे हैं...
कश्यप ने 15-20 साल पहले सुंदरनगर कॉलोनी काटी थी। आठ महीने पहले नंदबाग के पास श्रृद्धाश्री कॉलोनी काटी। प्रशासन ने सख्ती दिखाकर कॉलोनी तोड़ दी। इस कॉलोनी के प्लॉटधारकों को सूरजबली और सूर्यदेवनगर में प्लॉट दे रहे हैं। वहां ढ़ाई-ढ़ाई लाख में प्लॉट बेचे थे। भाजपा विधायक और कांग्रेस नेता ही नहीं दोनों दलों के अन्य लोग भी कश्यप से जुड़े हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री के साथ भी कश्यप मंच साझा कर चुका है।
पंडितजी अपना हिस्सा बेच चुके...
सूरजबलीनगर सर्वे नं. 337 पर है जो कृपाशंकर शुक्ला की जमीन पर है। वे अवैध कॉलोनी काटकर प्लॉटों की गैरकानूनी रजिस्ट्री कर चुके हैं। 336 की जमीन को लेकर रावला से उनका 30 साल पुराना विवाद है हालांकि जमीन अब सरकारी है। इस जमीन पर कश्यप ने कॉलोनी काटी। दोनों की हिस्सेदारी का प्रतिशत तय है। इसी खसरे की जमीन पर जफर ने श्रीरामनगर कॉलोनी काट रखी है जो प्रशासन के देखते-देखते 100 प्रतिशत बस चुकी है।
प्लॉट से दोगुनी नौटरी...
कश्यप इतना बड़ा कलाकार है कि एक प्लॉट की दो-दो नौटरी कर देता है। विवाद होने पर कभी प्लॉट की साइज छोटी कर देगा तो कभी प्लॉट ही बदल देगा। चक्रा चलाने की जिम्मेदारी श्रीराम जाट की है। बताया जा रहा है कि अभी चार बिघा जमीन पर 2 हजार से अधिक प्लॉट काटने की प्लानिंग है। विवाद न सुलझने पर महेंद्र ठाकुर और मुकेश यादव को आगे कर दिया जाता है जो डरा-धमकाकर या पिटाई करके मामला सुलझाते हैं।
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