Monday, December 28, 2015

जो बेटे 120 रुपए नहीं दे पाए, वे देंगे पिता को 4 बीघा जमीन

- सांवेर जनसुनवाई में अफसरों ने दिलाया परेशान पिता को हक
- 30-30 रुपए महीना मांगा था जो नहीं मिला, तब पहुंचे जनसुनवाई 
इंदौर. विनोद शर्मा । 
आमतौर पर जायदाद के लिए बच्चे माता-पिता के खिलाफ कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते नजर आते हैं वहीं लालाखेड़ा (सांवेर) के भेरूलाल पिता गणपत अपने बच्चों की नाइंसाफी से परेशान है। चार बेटों से कुल 120 रुपए महीना मांगने के बाद भी भेरूलाल को झिड़कियां ही मिली लेकिन जब उन्होंने प्रशासन की मदद ली तो बेटों को अपने हिस्से से एक-एक बिघा जमीन पिता के नाम करने की सहमति देना पड़ी। बहरहाल, अधिकारियों ने जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मंगलवार को सांवेर एसडीएम अनिल बनवारिया के सामने अजब केस आया। बच्चों की बेरूखी से परेशान लालाखेड़ी निवासी भेरूलाल ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके चार बेटे और दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया लालाखेड़ा की सर्वे नं. 132/2, 179/1/2, 179/2 और 180 की तकरीबन साढेÞ 15 एकड़ जमीन मेरी पत्नी जानी बाई के नाम थी। पत्नी की मौत के बाद 23 दिसंबर 2013 को हुए नामांतरण आदेश (क्रमांक-7) से जमीन मृतक के बेटों चुन्नीलाल, रणछोड, मिश्रीलाल, हीरालाल और बेटियों राजुबाई व चतरबाई के नाम चढ़ गई। मैं रणछोड़ के साथ रहने लगा। बाकी बच्चों ने बात बंद कर दी। इस बीच उनके बेटों ने जमीन इन्दौर जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या शाखा सांवेर के पास गिरवी रख दी। मुझे कुछ नहीं मिला।
30-30 रुपए महीना नहीं दे पाए...
भेरूलाल ने बताया कि न जमीन मिली, न ही खर्च। मैंने चारों बच्चों से कहा कि मुझे तो सिर्फ 30-30 रुपए महीना ही दे दिया करो, मैं 120 रुपए महीने में काम चला लूंगा। मेरा कोई अनावश्यक खर्च भी नहीं है। सामान्य जरूरत रहती है। सभी ने यह कहते हुए पैसा देने से मना कर दिया कि अब आपका कोई हक नहीं बनता।
अब चार बिघा जमीन मिलेगी...
एसडीएम बनवारिया और तहसीलदार हुड्डा ने तत्काल भेरूलाल के बेटों को बुलवाया। थोड़ी चेतावनी और थोड़ी समझाइश के अंदाज में उन्होंने कह दिया अपने हिस्से से एक-एक बिघा जमीन तो आपको पिता को देना ही पड़ेगी। वरना ये कानूनी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं। इस पर चारों बेटों ने एक-एक बीघा जमीन पिता को देने की सहमति भी दे दी। इतना ही नहीं ईलाज के लिए पिता को पैसे भी दिए।
दो-तीन दिन में नामांतरण कर देंगे...
चारों बेटों ने भेरूलाल को जमीन देने की सहमति दे दी है। नामांतरण की प्रक्रिया भी हमने शुरू कर दी है। उम्मीद है सप्ताह अंत तक भेरूलाल को जमीन मिल जाएगी। हमारी कोशिश यही रहती है कि जनसुनवाई में आने वाले हर पीड़ित की समस्या हल हो।
अनिल बनवारिया, एसडीएम

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