Tuesday, February 9, 2016

कोई कितने ही हाथ-पैर मार ले, ई-रजिस्ट्री बंद नहीं होगी- मलैया

प्री-बजट बैठक में मंत्री की दो टूक
इंदौर. चीफ रिपोर्टर ।
दुनिया आगे जा रही है तो हम क्यों ई-रजिस्ट्री को बंद करके पीछे जाएं। फिर व्यवस्था के पीछे हाथ धोकर पड़े पंजीयन कायार्लय के अधिकारी विरोध करें या फिर वकील या स्टॉम्प वेंडर। विरोध से राजस्व प्रभावित नहीं होगा। जिसे रजिस्ट्री कराना है वह आज नही कराएगा तो महीनेभर बाद कराएगा। कराएगा जरूर। इसीलिए राजस्व की चिंता नहीं है, वह कहीं नहीं जाएगा। यहीं आएगा। मीडिया से बातचीत के दौरान दो टुक शब्दों में यह बात मप्र के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कही।
प्री-बजट प्लानिंग के मद्देनजर बुधवार को वाणिज्यिक कर मुख्यालय में संपन्न हुई अहम बैठक के दौरान वित्त मंत्री मलैया ने बजट को लेकर उद्योगपतियों, व्यापारियों और कर सलाहकारों से रायशुमारी की।फार्म-49 की अनिवार्यता और उसके उत्पादों की सूची 34 से बढ़ाकर 66 किए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि मामले की समीक्षा कर रहे हैं। किसी पर अनावश्यक भार नहीं बढ़ाया जाएगा। महीने-दो महीने में पेट्रोल-डीजल पर लगाए जा रहे अतिरिक्त भार व उसके विरोध पर मंत्री ने कहा कि सरकार पेट्रोल-डीजल पर वन-टाइम अतिरिक्त भार बढ़ाने की तैयारी में है ताकि बार-बार न बढ़ाना पड़े। उन्होंने कहा कि कभी मप्र में पेट्रोल-डीजल पर वेट-इंट्री टैक्स ज्यादा था। अब दूसरे राज्य हमसे आगे हैं।
टैक्स टार्गेट और कलेक्शन पर मंत्री ने स्वीकारा कि कलेक्शन के मामले में अभी पीछे हैं। दो महीने वसूली पर जोर होगा। उन्होंने हनुवंतिया टापू की तारिफ की और पर्यटन स्थलों के निजी सहयोग से विकास को मिली केबिनेट की हरी झंडी की सराहना की। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय भी पर्यटन में भागीदारों को रियायत देगा।
सुझाव जो बजट के लिए मिले...
चेक पोस्ट और रास्ते में होने वाली चैकिंग के दौरान तकनीकी त्रुटियों पर जो पांच गुना पेनल्टी लगती है वह खत्म हो। सांकेतिक पेनल्टी के प्रावधान हो। जिला स्तर पर रीजनल एडवाईजरी बोर्ड गठित हो। बोर्ड की बैठक में व्यावसायियों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
रमेश खंडेलवाल, अध्यक्ष
अहिल्या चेम्बर आॅफ कार्मस
यदि किसी कारोबारी ने मप्र के किसी कारोबारी से पूरी कीमत देकर माल खरीदा है और प्रदेश के कारोबारी ने रिटर्न भी दे दिया है तो फिर क्रेता का इनपुट टैक्स रिबेट अमान्य किया जाना गलत है। आॅइल कंपनियों द्वारा बेचे जा रहे पेट्रोल-डीजल पर अलग-अलग तरह से जो टैक्स लगाए जा रहे है वह भी गलत है।
आर.एस.गोयल, वरिष्ठ कर सलाहकार
रिटर्न में संसोधन की तारीख 30 नवंबर तय हो।  व्यापारिक संगठनों को विश्वास में लिए बिना किसी भी तरह के प्रावधान में बदलाव न हो
पी.डी.नागर, सीए
रजिस्टर्ड कारोबारियों द्वारा मप्र के बाहर से खरीदे जा रहे वाहनों पर जो 1 के बजाय 10 प्रतिशत इंट्री टैक्स लिया जा रहा है वह गलत है। जिन नए उत्पादों को फार्म-49 की सूची में शामिल किया है उन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए।
केदार हेड़ा, सचिव सीटीपीए
सुझाव यह भी...
- चेक पोस्ट की व्यवस्था खत्म हो।
- रिटर्न वेरिफिकेशन फार्म जमा करने की आवश्यकता खत्म हो।  क्योकि रिटर्न फाइल करने के लिए पासवर्ड विभाग ही देता है।
- ई रिटर्न इंटरमिडीयेटर आयकर की तरह वाणिज्यिक कर में भी हो। सीए डिजिटल सिग्नेचर से एक साथ इकट्ठे रिटर्न अपलोड कर सकें।


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